विधानसभा में विधायक मिड्ढा ने सीएम से पूछे सवाल:सीवरेज समस्या पर 3 करोड़ रुपए से अधिक खर्च फिर भी जलभराव और धंस रहीं सड़कें

जींद5 महीने पहले
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सीवरेज पाइप लाइन की वजह से जींद के राेहतक राेड की धंसी सड़क। - Dainik Bhaskar
सीवरेज पाइप लाइन की वजह से जींद के राेहतक राेड की धंसी सड़क।
  • विधानसभा में विधायक मिड्ढा ने सीवरेज व पेयजल को लेकर सीएम से पूछे सवाल

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में जींद की सीवरेज समस्या का मुद्दा उठा, जिसमें सामने आया कि पिछले दो सालों में विभाग द्वारा तीन करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई है, लेकिन धरातल पर नतीजा शून्य है। शहर के हालात यह हैं कि कुछ देर की बारिश में ही शहर में पानी ही पानी भर जाता है और निकासी व्यवस्था ठप है।

पिछले दिनों माॅनसून की हुई तेज बारिश में शहर की सड़काें व गलियों में कई कई फीट पानी भरने पर प्रशासन ने अर्जुन स्टेडियम, राजकीय स्कूल व गोशाला की दीवारें तोड़कर जलभराव को कम करना पड़ा था। अब तीन विभागों की लापरवाही से रोहतक रोड व भिवानी रोड की सड़कें धंस गई थी।

स्थानीय विधायक डाॅ. कृष्ण मिड्ढा ने सरकार से पूछा कि क्या यह तथ्य सही है कि जींद की सीवरेज व्यवस्था चरमराई हुई है और जींद की सीवरेज व्यवस्था पर वित्त वर्ष 2020-21 तथा 2021-22 के दौरान सीवरेज की सफाई प्रणाली पर कुल कितनी धनराशि खर्च की गई है उसका ब्याेरा क्या है।

इसके जवाब में बताया गया कि जींद शहर की सफाई प्रणाली को साफ करने के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 के दौरान 31 जुलाई 2021 तक कुल 233.15 लाख रुपए और 64.41 लाख रुपए खर्च किए गए हैं जिस पर विधायक ने जींद शहर में सीवरेज सफाई के लिए मशीनरी के अभाव का मुद्दा उठाया तो मुख्यमंत्री ने नई मशीनरी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

तीन साल के अंदर नहरी बेस्ड वाटर सप्लाई का आश्वासन
जींद की मूलभूत सुविधाओं को लेकर विधायक ने प्रश्न संख्या 1144 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से प्रश्न पूछा कि क्या वो बताएंगे कि जींद शहर के पीने के पानी की परियोजना को पूरा किए गए चरणों का ब्याेरा क्या है।

इस योजना को कब तक पूरा किया जाने की संभावना है। इसके जवाब में सरकार की तरफ से बताया गया कि 130 एकड़ भूमि की तलाश जींद नगर परिषद एरिया या साथ लगती पंचायतों से की जानी थी, लेकिन जमीन उपलब्ध न होने पर जींद की विपरीत दिशा में दो बड़े जलघर बनाने का फैसला लिया गया है।

इसकी एवज में किनाना गांव में 93 एकड़ भूमि को चिह्नित किया गया है। विधायक के अनुरोध पर बीएमएल बरवाला लिंक से पानी की मांग की गई जिसके अनुसार 30 क्यूसिक कच्चे पानी की व्यवस्था भी कर ली गई है और झांझ, बडौदी, अहिरका, बरसोला में 219.7752 एकड़ भूमि ई-पोर्टल पर अपलोड की गई है।

अब सरकार द्वारा जल्द ही किसानों की जमीन का अवाॅर्ड घोषित कर जींद में नहरी जल पर आधारित जलघर बनाकर जल्द से जल्द पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं विधायक द्वारा पूछे गए सवाल में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि तीन साल के अंदर नहर आधारित जलघर से पानी प्रदान किया जाएगा।

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