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बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के मामले:अब ऑनलाइन ठगी की जांच करेगी स्पेशल टीम, साइबर अपराध शाखा में दर्ज कराएं शिकायत

जींद2 महीने पहले
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  • बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के मामले को देखते हुए लिया गया फैसला, आईपीएस नितीश अग्रवाल होंगे हेड, साइबर एक्सपर्ट को किया जाएगा तैनात, 8814011545 पर दे सकते हैं सूचना

ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस की स्पेशल टीम बनाई गई है। इसे साइबर अपराध शाखा नाम दिया गया है। पुलिस लाइन में खोले गए साइबर अपराध सेल पर पीड़ित कॉल करके अपराध की सूचना दे सकते हैं। इसके बाद संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज किया जाएगा और एफआईआर की प्रति भी पीड़ित को दी जाएगी। साइबर अपराध शाखा एएसपी सफीदों नितीश अग्रवाल (आईपीएस) के नेतृत्व में कार्य करेगी।

जिले में लोग साइबर ठगों के शिकार हो रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन कैश ट्रांसफर सहित दूसरे तरीकों से लोगों को लूट रहे हैं। वारदात के बाद पीड़ित बैंक और थानों के चक्कर काटते रहते हैं। पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पुलिस लाइन जींद में साइबर अपराध की शाखा खोली गई है। थानों में मुकदमा दर्ज होने के बाद साइबर अपराध शाखा द्वारा उनकी जांच की जाएगी और समस्या का समाधान किया जाएगा।

घटना के बाद पीड़ित साइबर अपराध शाखा पर फोन कर घटना के बारे में बता सकते हैं। साइबर अपराध शाखा में साइबर एक्सपर्ट पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। निरीक्षक सोमबीर ढाका इस सेल के इंचार्ज होंगे। साइबर अपराध से संबंधित समस्या के समाधान के लिए पीड़ित साइबर हेल्प सेंटर के फोन नंबर 8814011545 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

इन मामलों की जांच करेगी स्पेशल टीम

ऑनलाइन ठगी व अपराध जैसे क्रेडिट व डेबिट कार्ड से हेराफेरी और फ्रॉड, इंटरनेट बैंकिंग से फ्रॉड, ऑनलाइन शापिंग में फ्रॉड, कंप्यूटरीकृत बैंक खातों में की जाने वाली हेराफेरी और फेसबुक व अन्य साइटों को हैक करने के मामलों की जांच साइबर अपराध शाखा द्वारा की जाएगी। जांच के साथ इनकी धरपकड़ और गिरफ्तारी करने का काम भी इसी सेल द्वारा किया जाएगा।

लोग भी जागरूक रहें, गोपनीय जानकारी साझा न करें, तुरंत दें टीम को सूचना

साइबर अपराधियों पर लगाम कसने के लिए नागरिकों का सावधान व सतर्क रहना जरूरी है। साइबर अपराधी मोबाइल एप, ई-मेल, वाट्सएप, फेसबुक, मैसेज लिंक तथा फोन पर बात करके गोपनीय जानकारी ले लेते हैं, इसलिए लोग इससे सावधान रहते हुए अपनी गोपनीय जानकारियां या किसी प्रकार का ओटीपी शेयर न करें। कोरोना काल में लोगों की सहायता और इलाज में खर्च रकम की प्रतिपूर्ति करने के नाम पर ई-मेल, वाट्सएप मैसेज भेजकर ठग झांसे में ले सकते हैं। बैंक खाते की पूरी जानकारी लेने के बाद ऑनलाइन फ्रॉड किया जा सकता है। इसी के चलते साइबर अपराध सेल बनाई गई है। - वसीम अकरम, एसपी, जींद।

पेंशनधारक भी रहें सावधान : एएसपी

पेंशन धारकों सहित आम जनता को भी जालसाजी से सावधान रहने की आवश्यकता है। रिटायर हुए कर्मचारियों का डाटा लेकर पेंशनधारकों से भी फ्रॉड किया जा सकता है। पेंशन धारकों का भरोसा जीतने के लिए अपराधी उनकी सर्विस रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट, पेंशन भुगतान आदेश व मासिक पेंशन की जानकारी देते हैं। ऐसे में पेंशनधारक साइबर अपराधियों को पेंशन निदेशालय का कर्मी समझ कर विश्वास न करें। नितिश अग्रवाल, एएसपी

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