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मुश्किल हुआ इलाज:सरकारी अस्पतालों में 152 की जगह केवल 49 डॉक्टर, अब जल्द मिलेंगे 10 चिकित्सक

जींद4 दिन पहले
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सिविल अस्पताल में एनएचएम भर्ती के लिए आवेदन जमा करवाने के लिए लगी लाइन। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल में एनएचएम भर्ती के लिए आवेदन जमा करवाने के लिए लगी लाइन।
  • नागरिक अस्पताल में फिजिशियन, ईएनटी, आई सर्जन सहित 45% पद खाली

डाॅक्टरों सहित स्टाफ की कमी के कारण जिले में स्वास्थ्य सेवाएं खुद वेंटिलेटर पर हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों को 103 डाॅक्टरों की दरकार है। कुल 152 स्वीकृत पदों पर 49 डॉक्टर ही तैनात हैं। पिछले लंबे समय से खाली पड़े पदों पर अब कुछ विशेषज्ञ व स्टाफ की भर्ती के लिए नेशनल हेल्थ मिशन के तहत आवेदन मांगे गए हैं।

आगामी वित्तवर्ष के लिए 10 डाॅक्टरों सहित 50 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करा दी है। 24 फरवरी को आवेदन जमा कराने का अंतिम दिन है, जबकि दो दिन में ही मंगलवार तक इन पदों में से स्टाफ नर्स पद के लिए 400 और एएनएम के लिए 900 आवेदन जमा हो चुके हैं। स्टाफ नर्स व एएनएम पदों पर काफी संख्या में आवेदन जमा हो रहे हैं। सुबह से लंबी कतार लग जाती है, जबकि गायनोकॉलोजिस्ट के लिए एक और एमओ के लिए सात आवेदन आए हैं।

रेडियोलॉजिस्ट के लिए अभी तक एक भी आवेदन नहीं पहुंचा है, जबकि सिविल अस्पताल में करीब चार साल से अल्ट्रासाउंड मशीन बंद पड़ी है। जिला नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञों के स्वीकृत 55 पदों में से 25 पर ही डाॅक्टर तैनात हैं यानि 45 प्रतिशत पद खाली होने से मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल पा रहा है।

वर्ष 2020 में एनएचएम की भर्ती पर हुआ था विवाद

पिछले वर्ष 2020 में एनएचएम के तहत जींद में भर्ती हुई थी, जिसमें से एएमओ यानि आयुर्वेद मेडिकल आफिसर की भर्ती पर विवाद हो गया था। विधायक कृष्ण मिड्ढा ने भर्ती में धांधली के आरोप लगाए थे। शिकायत कर हेल्थ विभाग डायरेक्टर ने भी जांच की थी। बाद में हाईकोर्ट ने इस भर्ती पर रोक लगा दी थी।

सरकार ने मामले में तत्कालीन सिविल सर्जन डाॅ. जयभगवान जाटान को सस्पेंड कर दिया था। वहीं डाॅ. पंवार ने अपनी पत्नी का सेलेक्शन न होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब भी मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

1500 से पार हो रही ओपीडी, मरीज हो रहे परेशान

मुख्यालय के जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों मरीजों की ओपीडी का आंकड़ा 1500 से पार पहुंचने लगा है। लेकिन यहां पर नियमित रूप से फिजिशियन, स्कीन स्पेशलिस्ट, ईएनटी सर्जन, आई सर्जन समेत काफी विशेषज्ञों का अभाव है। इसके चलते मरीजों को पूरा इलाज नहीं मिल रहा है।

विभाग अधिकारियों द्वारा डाॅक्टरों की डिमांड सरकार को भेजी हुई है। जींद अस्पताल में डाॅक्टरों के स्वीकृत 55 पदों में से 25, नरवाना में 42 पदों पर मात्र 6 डाॅक्टर तैनात हैं। इसी प्रकार सफीदों, उचाना, जुलाना अस्पतालों के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डाॅक्टरों का टोटा बना हुआ है।

इन पदाें के मांगे गए हैं अावेदन, 24 फरवरी है अंतिम तिथि
नेशनल हेल्थ मिशन के तहत जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति की ओर से अनुबंधित आधार पर एसएनसीयू के लिए बाल रोग विशेषज्ञ, जींद, नरवाना व सफीदों अस्पताल के लिए एक-एक गायनोकॉलोजिस्ट, नागरिक अस्पताल जींद के लिए रेडियोलॉजिस्ट (मैटेरनल हेल्थ), ईएनटी विशेषज्ञ एक, जिला मेडिसन कंसल्टेंट एक, दो मेडिकल आफिसर, सिविल अस्पताल के लिए एक पैथोलॉजिस्ट के अलावा 9 स्टाफ नर्स मैटरनल हेल्थ और 9 स्टाफ नर्स चाइल्ड हेल्थ, 19 एएनएम पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। 24 फरवरी तक आवेदन जमा कराए जाएंगे और उसके बाद स्क्रीनिंग टेस्ट, कंप्यूटर टेस्ट समेत अलग अलग पोस्ट के लिए टेस्ट व इंटरव्यू का प्रावधान किया गया है।

जल्द ही जिले को और विशेषज्ञ मिल जाएंगे : सीएमओ

जींद ही नहीं, पूरे हरियाणा के अस्पतालों में डाॅक्टरों की कमी बनी हुई है। फिर भी यहां पर तैनात डाॅक्टरों से अस्पतालों में आने वाले मरीजों को उचित इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है। अब एनएचएम के लिए भर्ती कर कुछ विशेषज्ञों व स्टाफ नर्स, एएनएम भर्ती प्रक्रिया शुरू करा दी है। वहीं सरकार को डाॅक्टरों की डिमांड भेजी हुई है। उम्मीद है कि जल्द ही जिले को और विशेषज्ञ मिल जाएंगे।
डाॅ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।

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