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ऑक्सीजन की डिमांड:ऑक्सीजन की डिमांड घटी, प्रशासन ने सप्लाई से हटाया नियंत्रण, अब खुद खरीद सकेंगे अस्पताल

जींद6 दिन पहले
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जींद. सिविल अस्पताल में पड़े आॅक्सीजन सिलेंडर। - Dainik Bhaskar
जींद. सिविल अस्पताल में पड़े आॅक्सीजन सिलेंडर।
  • 20 दिन पहले मरीजों की संख्या बढ़ने पर 5 एमटी प्रतिदिन पहुंच गई थी ऑक्सीजन की डिमांड

जिले में ऑक्सीजन की डिमांड काफी कम हो गई है। इसके चलते प्रशासन ने ऑक्सीजन पर अपना नियंत्रण हटा लिया है। अब जिले में अस्पताल संचालक अपनी जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन की खरीद कर सकेंगे। सरकारी अस्पताल में भी पहले से ऑक्सीजन की खपत काफी कम हो चुकी है।

मरीज घटने के साथ ही ऑक्सीजन की खपत कम हो रही है। इसके चलते ऑक्सीजन की डिमांड नहीं हो रही। वहीं डोर टू डोर सप्लाई की जा रही ऑक्सीजन की डिमांड में भी कमी आ गई है। अब प्रतिदिन 15 से 22 सिलेंडर की सप्लाई हो रही है। पहले जहां ऑक्सीजन की सप्लाई पानीपत से आ रही थी, वहीं अब सप्लाई लोकल स्तर पर ही पूरी हो पा रही है।

इसके चलते प्रशासन ने अपना नियंत्रण हटाकर अस्पतालों को अपनी जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन की खरीद करने के निर्देश दे दिए हैं। 20 दिन पहले तक जिले में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। सरकारी अस्पताल में भी मरीजों की संख्या 172 पहुंच गई थी। इसके चलते ऑक्सीजन की खपत ज्यादा हो रही थी।

सरकार ने सभी जिला उपायुक्त को इस पर नियंत्रण के आदेश दिए थे। इसके चलते जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन की जरूरत अनुसार डिमांड भेजने के लिए जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई को नोडल ऑफिसर बनाया था। पहले 2 मीट्रिक टन इसका कोटा तय किया गया था, लेकिन मरीज बढ़ने के साथ कोटा 5 मीट्रिक टन कर दिया गया था। मई के अंत में कोरोना संक्रमण कम हुआ तो मरीज भी कम हो गए और ऑक्सीजन की खपत कम हो गई थी। इसके बाद ऑक्सीजन खरीद पर प्रशासन ने अपना नियंत्रण हटा लिया।

ऑक्सीजन की डिमांड काफी कम हुई : बिश्नोई

ऑक्सीजन व्यवस्था से प्रशासन ने अपना नियंत्रण हटा लिया है। डिमांड काफी कम हो गई थी, इसलिए अब अस्पताल अपने जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन की खरीद कर सकेंगे। संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त, जींद

172 से घटकर 42 तक पहुंची मरीजों की संख्या

मरीजों की संख्या कम हो रही है। सरकारी अस्पताल में इस समय 42 मरीज हैं, जबकि 20 दिन पहले 172 मरीज थे। उस समय प्रतिदिन 3 टन ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही थी। अधिकतर मरीज ऑक्सीजन पर थे। अब 42 मरीज हैं, जिससे ऑक्सीजन की खपत एक टन रह गई है। सिविल अस्पताल प्रशासन भी अब पानीपत की बजाय लोकल एजेंसी से लिक्विड व सिलेंडर ऑक्सीजन की खरीद करेगा।

डोर टू डोर सप्लाई घटी

डोर टू डोर ऑक्सीजन सप्लाई भी घट गई है। पहले जहां प्रतिदिन 60 से 76 सिलेंडर डोर टू डोर सप्लाई हो रहे थे। अब यह घटकर 15 से 22 सिलेंडरों की रह गई है। शनिवार को 22 सिलेंडरों की होम डिलीवरी की गई, जबकि रविवार दोपहर तक 12 सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।

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