गांव में शोक / भाई के जन्मदिन पर घर पहुंचा रवींद्र का शव, बहन की शादी का सपना अधूरा, एसपीओ के माता-पिता पर दुखों का पहाड़

सफीदों. कलावती गांव में एसपीओ को अंतिम सलामी देते पुलिस कर्मी। सफीदों. कलावती गांव में एसपीओ को अंतिम सलामी देते पुलिस कर्मी।
X
सफीदों. कलावती गांव में एसपीओ को अंतिम सलामी देते पुलिस कर्मी।सफीदों. कलावती गांव में एसपीओ को अंतिम सलामी देते पुलिस कर्मी।

  • बुटाना पुलिस चौकी के कांस्टेबल रवींद्र और एसपीओ कप्तान की मौत का मामला
  • रवींद्र का बूढ़ाखेड़ा में तो कप्तान का कलावती गांव में पुलिस सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 07:00 AM IST

जींद. बुटाना पुलिस चौकी के कांस्टेबल रवींद्र (25) और एसपीओ कप्तान (44) का मंगलवार शाम को उनके पैतृक गांव बूढ़ाखेड़ा और कलावती में पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। दोनों के संस्कार में कई पुलिस अधिकारियों व काफी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। दोनों की हुई हत्या पर बूढ़ाखेड़ा व कलावती गांव में शोक छा गया है। गौरतलब है कि कप्तान सिंह और रवींद्र गोहाना के बुटाना चौकी में तैनात थे। सोमवार रात गश्त के दौरान बदमाशों ने शराब पीने से रोकने पर उनकी हत्या कर दी।

बूढ़ाखेड़ा गांव का कांस्टेबल रवींद्र अविवाहिता था। उसके परिवार में पिता, 22 वर्षीय बहन और एक 19 वर्षीय छोटा भाई है। 15 साल पहले मां की मौत होने के बाद परिवार में बड़ा होने के नाते पूरी जिम्मेदारी रवींद्र पर आन पड़ी थी। वर्ष 2017 में रवींद्र हरियाणा पुलिस में भर्ती हो गया था।

पिछले काफी दिनों से वह बुटाना पुलिस चौकी में तैनात था। सोमवार को वह घर आया था और उसके बाद फिर से वापस चला गया। रवींद्र का सपना था कि पहले वह अपनी शादी न करवा कर बहन की शादी करेगा। बहन की शादी के लिए वह इन दिनों लड़का भी देख रहा था लेकिन बहन की शादी करने का उसका यह सपना बदमाशों ने पूरा नहीं होने दिया।

छोटे भाई को जन्मदिन पर मिले आंसू : कांस्टेबल रवींद्र का एक छोटा भाई अंकुश है, जिसका मंगलवार को ही जन्मदिन था। लेकिन इस बार का जन्मदिन अंकुश काे अपने बड़े भाई की हुई दर्दनाक मौत के आंसू देकर गया। वर्ष 2017 में रवींद्र के पुलिस में भर्ती होने के बाद 30 जून के दिन ही उसके शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच हुई थी।

एसपीओ की मां बोली- उसका बेटा तो शाम को पूरे चाव के साथ गया था ड्यूटी पर
कलावती गांव के एसपीओ कप्तान सिंह की मौत पर उसके 65 साल के पिता जिले सिंह व मां प्रेमोदेवी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कप्तान सिंह का एक इकलौता 15 वर्षीय बेटा अंकित है। पति की मौत की सूचना मिलने के बाद से पूनम का रो-रोकर बुरा हाल है। मां प्रेमो देवी के आंसू भी रोके नहीं रुक रहे। जब महिलाएं उसे ढांढस बंधाती हैं तो वह एक ही बात कहती है कि इतना दुख का पहाड़ उन पर टूटेगा यह तो उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था।

मंगलवार शाम को उसका बेटा बड़े चाव से ड्यूटी पर गया था। उसकी तो किसी के साथ रंजिश भी नहीं थी। फिर भी उसके बेटे को बदमाशों ने क्यों मार दिया।

अंतिम संस्कार मेें उमड़ी भीड़
कांस्टेबल रवींद्र और एसपीओ कप्तान सिंह का मंगलवार शाम को जब दोनों का बूढ़ाखेड़ा व कलावती गांव में अंतिम संस्कार किया गया तो काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। हर किसी की दोनों की हुई हत्या पर आंखें नम थीं। सोनीपत के एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा और जींद के एएसपी अजित सिंह शेखावत ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पुलिस की एक टुकड़ी ने दोनों को अंतिम सलामी दी।

हत्या से करीब 4 घंटे पहले एसपीओ ने बेटे से बात की थी
एसपीओ कप्तान के बेटे अंकित गांव कलावती सफीदों ने बताया उसके पापा पहले औद्योगिक सुरक्षा बल में थे। लेकिन भर्ती हुए जवानों को निकाल दिया था। पिता की नौैकरी चली गई थी। उन्होंने कड़ा संघर्ष किया और 25 जुलाई 2017 एसपीओ के पद पर नियुक्य हुए। पिता ने सोमवार रात फोन पर उसे कहा था कि वह मंगलवार को घर आएंगे। अंकित ने बताया पिता ने खेत में सिंचाई करने की बात भी कही थी। परिजनों ने बताया कप्तान इकलौता पुत्र था। उसकी चार बहनें हैं। अंकित भी कप्तान की इकलौती संतान है। 

बेटे के शव को देख चीख पड़े पिता 
सिपाही रवींद्र के पिता भीम सिंह बुढ़ा खेड़ा सफीदों जींद ने बताया उसके बेटे की किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं थी। रविंदर उसका इकलौता पुत्र था । उसकी दो बहनें हैं। रविंद्र की शादी अभी नहीं हुई थी। उस पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। यह कहकर भीम सिंह चीख पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों की आंखे नम हो गई।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना