नियम 134ए:अब भी 673 बच्चों को नहीं मिला दाखिला, एडमिशन कम या नहीं देने पर 37 स्कूलों को जारी किया गया नोटिस

जींद9 दिन पहले
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  • 150 बच्चों के दाखिले निजी स्कूलों ने किए रिजेक्ट, विभाग तीन बार बढ़ा चुका है दाखिले की तारीख

134ए के तहत दाखिला देने के लिए शनिवार को आखिरी दिन है। जिले में अब तक 673 बच्चे ऐसे हैं, जिनको अब तक दाखिला नहीं मिल सका है। इसके अलावा 150 बच्चों के दाखिले को निजी स्कूलों ने रिजेक्ट कर दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा अब तक तीन बार 134ए के तहत दाखिले की तिथि बढ़ा दी है। जिले में 1915 बच्चों का चयन 134ए के तहत हुआ था। इन सभी को स्कूल अलॉट भी कर दिए गए थे लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने प्रतिपूर्ति राशि नहीं देने के चलते बच्चों को दाखिला देने से इनकार कर दिया था।

इसके चलते सभी बच्चों के दाखिले नहीं हो सके। तीन बार विभाग की तरफ से डेट भी बढ़ाई गई। उसके बाद भी दाखिला प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके लिए पिछले सप्ताह सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की तरफ से अभिभावकों से भी संपर्क साधा गया था ताकि कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकतर अभिभावकों ने शैक्षणिक सत्र खत्म होने के चलते दाखिला नहीं करवाने की बात कही थी। इसी प्रकार से कुछ अभिभावकों ने स्कूलों में बस की सुविधा न होने का कारण भी बताया था। 150 बच्चे ऐसे रहे, जिनके कागज पूरे नहीं थे, जिसके बाद भी उनको दाखिला निजी स्कूलों ने नहीं दिया। अब शनिवार को दाखिले की अंतिम तारीख है। अब तक केवल 1090 बच्चों को ही 134ए के तहत दाखिला मिला है। 673 बच्चों को अभी दाखिला मिलना बाकी है और 24 घंटे शेष है।

विभाग ने नोटिस जारी कर दाखिला न देने का कारण पूछा
विभाग की तरफ से जिले के 37 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें जींद ब्लाॅक के 22, नरवाना के 3, उचाना के 11 अाैर अलेवा का एक निजी स्कूल शामिल है। इन सभी निजी स्कूलों से दाखिला नहीं करने या कम करने के बारे में कारण पूछा गया है।

दो बच्चों की आई शिकायत
इनकम सर्टिफिकेट की जांच को लेकर शिक्षा विभाग के पास दो बच्चों की शिकायत आई है। इस पर जांच शुरू कर दी गई है। सोमवार तक इनका निपटारा किया जाएगा।

यह भी जानिए...

  • जिले में 1300 बच्चों को इकनॉमिक वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) के तहत स्कूल अलॉट हुए हैं।
  • इसी प्रकार जिले में 612 विद्यार्थियों को बीपीएल के तहत स्कूल अलॉट किए गए हैं।

जवाब आने के बाद कार्रवाई होगी

  • जिन बच्चों को निजी स्कूल संचालकों ने दाखिला नहीं दिया है या कम बच्चों को दाखिला दिया है, उनको नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। - सुशील जैन, बीईओ, जींद।
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