पुलिस की सख्ती का असर / बाजारों में नहीं लगता जाम पर बैंको के आगे कम नहीं हो रही भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी

The markets do not seem to be jammed but the crowd is not getting reduced in front of the banks, social distancing is necessary
X
The markets do not seem to be jammed but the crowd is not getting reduced in front of the banks, social distancing is necessary

  • बाजारों में दिखी कम भीड़, बिना काम के लोगों का घूमना हुआ बंद

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 08:06 AM IST

जींद. बाजारों में दुकानों के आगे, सड़क पर वाहन को खड़ा करके खरीददारी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ की जा रही हर सख्ती का असर दिखाई देने लगा है। बाजारों में अब बहुत ही कम जाम दिखाई दे रहा है। थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज बाजार में समय-समय पर गश्त करते हैं तो पुलिस राइडर भी बाजारों में गश्त कर रहे है।


बाजारों में बिना जरूरी काम के भी दो पहिया वाहन से लेकर बड़े वाहनों की एंट्री होना जाम का कारण बन रहा था। ऐसे वाहनों को रोकने के लिए फाटक के पास, रेलवे स्टेशन चौक, रेलवे रोड से मंडी में आते समय महाराजा अग्रसेन चौक के पास पुलिस ने नाके लगाए हुए हैं। जो जरूरी काम से वाहन चालक आता है उसी को शहर में जाने दिया जा रहा है ताकि जाम बाजारों में जाम न लगे। कुलदीप, संदीप, नवीन, पंकज आदि ने कहा कि शहर में कुछ दिनों से वाहन चालकों की मनमर्जी से जाम लगना आम बन गया था। इससे लोग परेशान रहने लग गए थे। लेकिन बीते दो दिनों से पुलिस प्रशासन की सख्ती का असर बाजारों में नजर आ रहा है। जाम से बाजार में सामान लेने आने वालों को राहत मिली है। 

खाताधारक नहीं कर रहे डिस्टेंेस मैंटेन
कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या देश भर में बेशक बढ़ रही है। शासन, प्रशासन लोगों को बार-बार सोशल डिस्टेंस आपस में रखने के लिए प्रेरित कर रहा है। सबसे अधिक सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन बैंकों के बाहर हो रहा है। बैंकों में खातों से राशि निकलवाने वालों की संख्या कम नहीं हो रही है। यहां आने वाले बैंक खाता धारक भी सोशल डिस्टेंस को लेकर ज्यादा गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जिस तरह से बैंकों के बाहर सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो रहा है उससे लगता है कि बैंक कोरोना वायरस का हॉट स्पाॅट बन सकते हैं। जबकि पुलिस व प्रशासन द्वारा बार-बार लोगों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है।


^ बैंक हो या बाजार सोशल डिस्टेंस जरूरी है। खुद सोशल डिस्टेंस का पालन करने के साथ दूसरों को भी सोशल डिस्टेंस के लिए प्रेरित हमें करना चाहिए। बैंक प्रबंधकों को पहले भी बैंक के बाहर सोशल डिस्टेंस को लेकर गोल चक्कर बनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। 
-राजेश कोथ, एसडीएम, उचाना।

^ शहर के बाजारों में जो एंट्री के प्रमुख रास्ते हैं वहां नाके लगाए गए है ताकि वाहनों की ज्यादा आवागमन से शहर में भीड़ न हो। बहुत से वाहन ऐसे होते है जिन्हें दूसरे रास्तों से डायवर्ट कर दिया जाता है। ये वाहन चालक बाजार में आने के बाद जाम का कारण बन जाते है। -कृष्ण कुमार खर्ब, चौकी इंचार्ज, उचाना।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना