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दावा फेल:जिले के किसानों की 3 करोड़ 77 लाख 43 हजार 929 रुपए की अटकी है पेमेंट, बता रहे टेक्निकल फॉल्ट

जींदएक महीने पहले
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  • एफसीआई पर सबसे ज्यादा 2 करोड़ से अधिक तो फूड सप्लाई करीब 1.29 करोड़ बाकी

गेहूं खरीद के लेकर इस बार सरकार खरीद और उठान को लेकर दावा फेल हुआ तो अब 48 घंटे में पेंमेंट का दावा सिरे नहीं चढ़ा। पहले तो मंडियों में गेट पास व बिडिंग न होने से फसल बेचने में परेशानी हो रही थी। अब कई किसानों की पेमेंट अटक गई है और वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।

सीजन खत्म होने के लगभग एक माह बाद भी जिला के किसानों की 3 करोड़ 77 लाख 43 हजार 929 रुपए की पेमेंट अटकी हुई है। सरकार इस बार किसानों के खाते में सीधे पेमेंट करने की बात कही थी। दावा था कि बेचने के 48 घंटे में उनके बैंक एकाउंट में पैसा पहुंच जाएंगे। 72 घंटे में न पहुंचने पर ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। लेकिन बहुत सारे किसानों का महीने भर से ज्यादा समय से भुगतान नहीं मिला है।

एफसीआई की तरफ किसानों के सबसे ज्यादा 2 करोड़ से अधिक की पेमेंट बकाया है, जबकि फूड सप्लाई की दूसरे नंबर की फिसड्डी रही है। जिसकी पेमेंट नहीं मिली है उन किसानों को अब आगामी फसल की बिजाई समेत अन्य खर्चे चलाने मुश्किल हो रहे हैं। किसान रामधारी, रामदिया नरवाना,अनूप सिंह बडऩपुर, जसविंद्र सिंह का कहना है कि फसल को मंडी में करीब एक माह पहले बेचा था, लेकिन आज तक पेमेंट नहीं आई है।

वे बैंक में जाकर खाता चेक कराते हैं तो बैंककर्मी का जवाब होता है अभी कोई अठन्नी तक खाते में नहीं आई है। जींद अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन प्रधान सुशील सिहाग के अनुसार जींद मंडी के काफी किसानों की पेमेंट आज तक नहीं मिली है, इससे किसान व आढ़ती दोनों परेशान हैं।

परेशान किसान बैंक और अधिकारियों को लगा रहे चक्कर

तीन दिन के अंदर सभी किसानों को मिल जाएगा भुगतान: डीएफएससी

​​​​​​​किसानों के खाते में ऑनलाइन पेमेंट डाली जा रही है। लेकिन कुछ ग्रामीण बैंकों में खाते होने व कुछ तकनीकी खामी होने के कारण कुछ किसानों के खाते में पेमेंट नहीं पहुंच पाई है। जिसके लिए एजेंसियां वैरीफाई कर पेमेंट भिजवा रही हैं। आगामी दो तीन दिनों में भी सारी पेमेंट हो जाएगी। वरिंद्र कुमार, डीएफएससी, जींद।

किसान हो रहे हैं परेशान

जिला की मंडियों में इस बार खरीदे गए गेहूं की एजेंसियों द्वारा अब तक पेमेंट नहीं की गई है। किसान अब भी आढ़तियों, मार्केट कमेटी कार्यालय व अन्य अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। अकेले नरवाना अनाजमंडी के करीब 100 से अधिक किसानों के लाखों रुपए बकाया हैं। सरकार को चाहिए कि किसानों को ब्याज सहित पेमेंट का जल्द से जल्द भुगतान कराए। शशिकांत शर्मा, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन, नरवाना।

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