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ठेकेदार के कर्मी की मौत का मामला:परिजनों ने तीसरे दिन भी नहीं उठाया शव, लघु सचिवालय में डाला डेरा

जींद9 दिन पहले
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जींद. लोगों से बातचीत करते एसडीएम दलबीर सिंह। - Dainik Bhaskar
जींद. लोगों से बातचीत करते एसडीएम दलबीर सिंह।
  • पीडित पक्ष की मांग : पार्ट-2 के तहत नौकरी व 20 लाख रुपए मुआवजे का चेक दिया जाए

बेसहारा पशुओं को पकड़ने में लगे नगरपरिषद के ठेकेदार कर्मचारी की सड़क हादसे में मौत के बाद मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे परिजन और साथियों ने तीसरे दिन भी उसका शव नहीं उठाया। अब उनके समर्थन में उनके समुदाय के लोग भी खड़े हो गए हैं। सिविल अस्पताल में धरना दे रहे परिजनों और लोगों ने दोपहर बाद लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया।

गोवंश को पकड़ने के अभियान में शनिवार रात को ठेकेदार के कर्मचारी तिगडना गांव हाल राम कॉलोनी के सुनील की बाइक की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि बाइक चालक घायल हो गया। कर्मचारियों ने ही उसको सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां पहुंचे घायल के परिजनों ने ठेकेदार के कर्मचारियों के साथ हाथापाई करने लगे लेकिन कर्मचारी की मौत का पता चला तो घायल को लेकर पीजीआई चले गए थे।

कर्मचारियों और मृतक के परिजनों ने परिवार के सदस्य को पार्ट-2 के तहत नौकरी, 20 लाख मुआवजा और हाथापाई करने वालों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग लेकर पोस्टमार्टम हाउस के सामने शव रखकर धरना शुरू कर दिया। मंगलवार दोपहर बाद लोगों ने सिविल अस्पताल से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया।

यहां प्रशासन और विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया लेकर नहीं माने। यहां चूल्हा, बर्तन, बिस्तर मंगवा लिए और डेरा डाल दिया और कहा जबतक मांगे पूरी नहीं होगी तबतक धरना जारी रहेगा। इसे देखते हुए यहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बातचीत के प्रयास जारी : एसडीएम

आज धरने पर बैठे लोगों को नियम के तहत जो सुविधा दी जा सकती थी, उसके बारे में बता दिया गया था। फिलहाल उनका धरना समाप्त नहीं हुआ है और बातचीत के प्रयास जारी है।

दलबीर सिंह, एसडीएम, जींद।

डीसी रेट पर नौकरी व तीन लाख मुआवजा पर नहीं माने

एसडीएम दलबीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को डीसी रेट पर नौकरी और 3 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग विभागों और योजनाओं से मिलने वाली सहायता के लिए आवेदन करवाए जाएंगे। लेकिन नौकरी का नियुक्ति पत्र व 20 लाख का चेक मौके पर देने की बात कही। धरने की अध्यक्षता कर रहे देवीदास वाल्मीकि ने कहा कि करनाल लाठीचार्ज में 20-20 लाख रुपए सरकार ने देने का ऐलान किया है, लेकिन यहां प्रशासन ऐसा क्यों नहीं कर रहा।

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