कार्यशाला / भारतीय ग्रंथों पर शोध की जरूरत है, इस पर विशेष अनुसंधान होना चाहिए : प्रो. बीएस कुठियाला

There is a need for research on Indian texts, there should be special research on this: Prof. BS Kuthiala
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There is a need for research on Indian texts, there should be special research on this: Prof. BS Kuthiala

  • सीआरएसयू में साप्ताहिक ऑनलाइन रिसर्च माइथोलॉजी कार्यशाला का समापन

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 07:55 AM IST

जींद. सीआरएसयू के भौतिक विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित साप्ताहिक ऑनलाइन रिसर्च माइथोलॉजी कार्यशाला का समापन हाे गया। यह कार्यशाला अनुसंधान तकनीकों से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 26 मई से 1 जून तक आयोजित की गई। कार्यशाला में न केवल भारतीय शिक्षाविदों, बल्कि विदेशी शिक्षाविदों ने अपना ज्ञान साझा किया। समापन कार्यक्रम में हरियाणा उच्च शिक्षा काउंसिल के अध्यक्ष प्रोफेसर बीएस कुठियाला ने शिरकत की। गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में लीड्स विश्वविद्यालय ब्रिटेन से अनिमेष झा मौजूद रहे। सीआरएसयू के कुलपति आरबी सोलंकी, प्रोफेसर राजेश पूनिया व डॉ. निशा की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। 


प्रोफेसर बीएस कुठियाला ने कहा कि हरियाणा हायर एजुकेशन काउंसिल विश्वविद्यालय द्वारा किसी भी कोर्स को अनुसंधान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रस्ताव भेजने पर सहयोग करेगा। भारतीय ग्रंथों पर शोध की जरूरत है। वह आज के समय में इसकी क्या महत्व है। इस पर विशेष अनुसंधान होना चाहिए। जींद विश्वविद्यालय नया होने के बावजूद अनुसंधान शिक्षा व खेलों में हरियाणा और भारत स्तर पर अच्छा योगदान दे रहा है।
प्रोफेसर अनिवेश झा ने कहा कि यह कार्यशाला विज्ञान के नजरिए से बहुत ही सर्वोत्तम थी। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने अपना फीडबैक देते बताया कि इस तरह कार्यशाला बहुत ही उपयोगी व लाभकारी सिद्ध हुई है। सभी प्रतिभागियों का मानना था कि विश्वविद्यालय को इस तरह की कार्यशाला भविष्य में भी करते रहना चाहिए। इस कार्यशाला में पूरे देश के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों से 900 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

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