कार्यक्रम का आयोजन:‘हार्ट अटैक से पहले सीने में होता है हल्का दर्द’, नागरिक अस्पताल में विश्व हृदय दिवस पर कार्यक्रम

जींद2 महीने पहले
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जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में विश्व हृदय दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के तौर पर फिजिशियन डॉ. नरेश वर्मा ने शिरकत की, जबकि एमएस डॉ. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला शामिल रहे। डॉ. नरेश वर्मा ने कहा कि अगर हमें दिल की बीमारी से बचना है तो जरूरी है कि हमें हार्ट अटैक के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में जानकारी हो।

बाहर का खाना जैसे फास्ट फूड, जंक फूड, शराब का सेवन, अतिरिक्त वसा वाला भोजन, शारीरिक गतिविधियों में भाग न लेना, जरूरत से ज्यादा तनाव पालना आदि दिल की बीमारी के मुख्य कारण होते हैं। क्योंकि जब हृदय ठीक से पंप नहीं कर पाता है तो हमें हृदय की बीमारी घेरने का खतरा बन जाता है। इसमें कोरोनरी धमनियों में ब्लाकेज हो जाता है जिसकी वजह से रक्त को ऑक्सीजन का प्रवाह होना कम हो जाता है और मनुष्य को हार्ट अटैक आ जाता है।

उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक के लक्षण हर शरीर में अलग-अलग तरीके के होते हैं। कुछ लोगों के सीने में धीमा दर्द उठता है, जबकि कुछ लोगों को एकदम से तीव्र दर्द होता है। हार्ट अटैक आने से पहले चेतावनी के तौर पर सीने में हल्का दर्द होता है या सीने में दबाव महसूस होता है। अगर हमें दिल की बीमारी से बचना है तो इस बात की जरूरत है कि हम अपने दिल की आवाज सुनें, दिल को दुरुस्त रखने के लिए तनाव दूर भगाएं।

एमएस डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि वर्तमान समय में अव्यवस्थित दिनचर्या, तनाव, गलत खान-पान, पर्यावरण प्रदूषण एवं अन्य कारणों के चलते हृदय की समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। छोटी उम्र से लेकर बुजर्गों तक में हृदय से जुड़ी समस्याएं होना अब आम बात हो गई है। पूरे विश्व में हृदय के प्रति जागरूकता पैदा करने और हृदय संबंधी समस्याओं से बचने के लिए विभिन्न उपायों पर प्रकाश डालने के मकसद से ही दुनियाभर में हर साल विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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