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ग्रामीणों ने की पानी निकासी की मांग:ग्रामीणों के लिए जोहड़ बने आफत, सफाई नहीं होने से परेशान हैं 41 गांवों के लोग

राई2 महीने पहले
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  • 24 में है साफ पानी, 76 जोहड़ों में भरा हुआ है गंदा पानी

कोरोना महामारी तेजी से ग्रामीण क्षेत्र में फैल रही है। ग्रामीण काफी परेशान हैं और ग्रामीणों के लिए गांवों की आबादी के बीच स्थित गंदे पानी के जोहड़ भी काफी आफत बने हुए हैं। राई ब्लॉक के 41 गांवों के मात्र 24 जोहड़ों में ही साफ पानी है। 76 जोहड़ों के गंदे पानी से ग्रामीण परेशान है। यदि जोहड़ों की सफाई नही कराई गई तो बीमारियां भी फैलने की आशंका है। ग्रामीण विकास समिति ने इस बारे में सीएम विंडो में शिकायत भेजकर गंदे पानी की निकासी की मांग की है।

राई ब्लॉक के 41 गांवों में सौ जोहड़ है। जोहड़ का निर्माण गांव के बीचों बीच मवेसियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था के लिए होता है। सुविधाओं के लिए बने यही जोहड़ अब ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हुए है। ब्लॉक के सौ जोहड़ में से केवल 24 जोहड़ में साफ पानी है, लेकिन 76 जोहड़ में गंदा पानी भरा हुआ है। जिनकी सफाई कराने के लिए भी प्रशासन कोई कार्रवाई नही कर रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि जोहड़ के गंदे पानी की वजह से ही गांवों में बीमारी फैल रही है।

गंदे पानी के छह जोहड़ मवेसियों के लिए एक नहीं

कुंडली गांव निवासी मोतीलाल यादव ने कहा कि गांव में गंदे पानी से भरे हुए छह जोहड़ हैं। गांव का दुर्भाग्य है कि पशुओं को पानी पिलाने के लिए एक भी जोहड़ में साफ पानी नहीं है। जोहड़ के किनारे रहने वाले मकान मालिकों को गंदगी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। सांप, कछुआ आदि मकानों में घुस जाते है।

जोहड़ का गंदा पानी सबसे बड़ी मुसीबत, दुर्गंध के बीच रहने को मजबूर हैं ग्रामीण

बढ़मलिक गांव के ब्लॉक समिति सदस्य वेदपाल शॉस्त्री ने कहा कि गांव की आबादी के बीच स्थित जोहड़ गंदे पानी से ओवरफ्लो हो चुका है। गांव में लोग बीमार हो रहे है। ब्लॉक समिति कई बार जोहड़ की जमीन पर पार्क बनवाने की मांग कर चुकी है।

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