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तेज बारिश से जलभराव:24 एमएम बारिश में ही शहर में जलभराव, 35 करोड़ की अमरुत योजना की पोल खुली, ट्रक यूनियन के सामने रोहतक रोड धंसा

जींद19 दिन पहले
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जींद. रोहतक रोड पर ट्रक यूनियन के सामने बरसात के दौरान धंसी सड़क। - Dainik Bhaskar
जींद. रोहतक रोड पर ट्रक यूनियन के सामने बरसात के दौरान धंसी सड़क।
  • दूसरे दिन भी बरसे बदरा, आज भी झमाझम बारिश के आसार, किसानों की बल्ले बल्ले

शहर में पिछले 3 साल से 35 करोड़ से ज्यादा की लागत से बिछ रही अमरुत योजना के तहत बरसाती व सीवरेज लाइन सीजन की पहली बरसात में जवाब देने लग गई है। बुधवार को हुई तेज बरसात के चलते रोहतक रोड पर ट्रक यूनियन के सामने सड़क धंस गई। जहां पर सड़क धंसी है, वहां पर डिवाइडर निर्माण के लिए कुछ एरिया की खुदाई पहले से की गई थी।

इसके चलते भी कुछ पानी सड़क से सीधा जमीन में चला गया। बरसात रुकने पर पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उस एरिया की खुदाई कराई। इसमें सामने आया कि जो पाइप मैनहाेल से जोड़ा गया था, उसे पूरी तरह से सील नहीं किया गया, जिस कारण पानी बैक मारने लगा और वहीं पर जमा हो गया। इससे अंदर पानी जमा हो गया और मिट्टी नीचे से खिसक गई, जिससे सड़क धंस गई। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर अब इस मामले में नगर परिषद को नोटिस देगा।

यहां बता दें कि पिछले साल दिसंबर 2020 में भी मिनी बाईपास सड़क का निर्माण होने के कुछ दिन बाद सड़क धंस गई थी। उस समय भी नगर परिषद अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी बीएंडआर पर बात डाल दी थी, लेकिन बाद में नगर परिषद ने उसे ठीक करवाया था। अब 7 माह बाद रोहतक रोड पर बरसात में सड़क धंस गई।

वहीं बुधवार को हुई बरसात की वजह से देवीलाल चौक पर बिजली के खंभे गिर गए। अमरुत योजना के तहत इन्हें खुदाई के चलते हटाया गया था। जब दोबारा लगाए तो ज्यादा गहराई में नहीं लगाए गए। बुधवार को तेज बरसात के चलते एक खंभा एक रेहड़ी पर गिर गया, जिससे उसे काफी नुकसान हुआ है।

ऐसे जाएगा मुख्य पाइप लाइन में पानी

बरसात होने के बाद पानी सड़कों व गलियों में जमा हो जाता है। इसे निकालने के लिए 200 से 250 मीटर तक जाली (जीटी) लगाई गई है। उसके जरिए पानी पाइप के जरिए मैनहाेल में जाता है। मैनहाेल से आगे मुख्य लाइन में पानी जाएगा, जिसे आगे कालवा-किनाना ड्रेन के जरिए बाहर निकाला जाना है। रोहतक रोड पर जो सड़क धंसी है, उसमें मैनहाेल में जा रहे पाइप में गैप है, जिस कारण पानी बैक मारने लगा और अंदर से मिट्टी हट गई और सड़क धंस गई।

मिनी बाईपास पर भी गड्ढों में भरा पानी

अमरुत योजना के तहत सीवरेज व बरसाती लाइन दबाई जा रही है। इस पर 35 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। अब भी लगभग एक किलोमीटर से ज्यादा में लाइन दबनी है। इसके अलावा मिनी बाईपास पर सड़क के नीचे से पाइप लाइन दबाई जा रही है। इसके लिए गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। इन गड्ढों में में भी दो दिन से हुई बरसात का पानी जमा हो गया है। इसे निकालने का काम जारी है। हालांकि यह गड्ढे इतने गहरे हैं कि जानलेवा साबित हो सकते हैं।

रोहतक रोड पर जहां सड़क धंसी है, वहां डिवाइडर का काम हो रहा था। अभी ज्यादा खुदाई नहीं हुई है। बारिश पानी अंदर गया है। जब खुदाई कराई गई तो सामने आया कि मैनहाेल से जुड़े पाइप में गैप था। उसे सील नहीं किया गया था। इसके चलते पानी अंदर जमा होता रहा और मिट्टी खिसक गई। इससे सड़क धंस गई। इसके लिए नगर परिषद को नोटिस दिया जाएगा। -सत्यवीर शर्मा, जेई, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, जींद।

हमारा काम रोहतक रोड पर पूरा हो चुका है। वहां बीएंडआर ने सड़क बनाई है और काम भी उनका चल रहा है। इसलिए यह काम उन्हें ही देखना है। सड़क धंसी है तो रिपेयर भी बीएंडआर कराएगा। -भूपेंद्र अहलावत, एमई, नगर परिषद, जींद।

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