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मौसम की मार:बारिश से भीगा गेहूं, अब उठान में होगी और देरी; मंडियों में अटके हैं 12 लाख से अधिक बैग व ढेरियां

जींद2 महीने पहले
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जिला की मंडियों में करीब 12 लाख कट्टे गुरुवार देर शाम को हुई बारिश में भीग गए। आढ़तियों व किसानों का आरोप है कि खरीद एजेंसियों की लापरवाही से गेहूं भीगा है। क्योंकि एजेंसियों द्वारा खरीद के कई कई दिनों बाद भी गेहूं का उठान नहीं किया है। गेहूं बेचने के बाद उचाना में अब किसानों को उनके खाते में पेमेंट आने का इंतजार है।

अनेकों किसानों को तो गेहूं बेचे 20 से 22 दिन हो चुके है लेकिन अब तक पेमेंट उनके खाते में नहीं आ रही है। किसानों ने कहा कि जो खरीद के 72 घंटे के बाद पेमेंट किसानों की करने के दावे सरकार के थे वो हवा-हवाई हो गए है। पेमेंट को कई-कई दिन हो चुके है लेकिन उनके खातों में नहीं आ रही है।

बार-बार कभी बैंक तो कभी खरीद एजेंसी के पास वो पेमेंट के लिए जा रहे है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पिरथी, बलवान, बीरभान ने कहा कि छातर सब यार्ड पर वेयर हाऊस तो उचाना मंडी में खाद्य आपूर्ति विभाग को गेहूं बेची थी। गेहूं बेचे 20 से 22 दिन हो चुके है लेकिन आज तक पेमेंट नहीं आई है। कभी बैंक में जाकर खाते चैक कर रहे है तो कभी खरीद एजेंसी, आढ़ती के पास जा रहे है लेकिन कोई समाधान अब तक नहीं हो रहा है। सरकार ने 72 घंटे के दावे किए थे पेमेंट के लेकिन 20 से 22 दिन हो चुके है।

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