उपलब्धि:अंशु मलिक ने यूक्रेन की सोलोमिया को 11-0 से हराकर रचा नार्वे में इतिहास, 10 को निडानी स्कूल में होगा सम्मान

जुलाना9 दिन पहले
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विजेता खिलाड़ी अंशु मलिक - Dainik Bhaskar
विजेता खिलाड़ी अंशु मलिक
  • विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी

खेल स्कूल निडानी की महिला पहलवान अंशु मलिक ने नार्वे में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रच दिया। फाइनल में पहुंचने पर प्रदेश व क्षेत्र में खुशी का माहौल है। फाइनल में पहुंचने वाली अंशु मलिक पहली भारतीय महिला है। अंशु मलिक से पहले भारत की चार महिला पहलवानों ने विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता है, लेकिन सभी को कांस्य मिला है।

गीता फौगाट ने 2012 में, बबीता फौगाट ने 2012 में, पूजा ढांडा ने 2018 और विनेश फौगाट ने 2019 में कांस्य जीता था। उनसे पहले सुशील कुमार (2010) और बजरंग पूनिया (2018) यह कमाल कर चुके हैं। नार्वे में हो रही विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 20 वर्षीय अंशु ने शुरू से ही सेमीफाइनल में दबदबा बनाए रखा और तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर यूक्रेन की सोलोमिया पर 11-0 से जीत दर्ज करके 57 किलो वर्ग के फाइनल में पहुंच गई।

इससे पहले अंशु ने एक तरफा मुकाबले में कजाकिस्तान की निलुफर रेमोवा को हराया और फिर क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की देवाचिमेग को 5-1 से शिकस्त दी थी। संस्थान के संरक्षक एवं प्रदेश के पूर्व डीजीपी डॉ. महेंद्र सिंह मलिक, चेयरपर्सन कृष्णा मलिक, सचिव रणधीर श्योराण।

पूर्व सरपंच दलीप सिंह ने कहा कि नार्वे में कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में खेल स्कूल निडानी के विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 57 किलोग्राम भर वर्ग में ओलिंपियन अंशु मलिक, 59 किलोग्राम भार वर्ग में एशियन गोल्ड मेडलिस्ट सरिता मोर, 68 किलोग्राम में रितु मलिक, 50 किलोग्राम में हन्नी मलिक और एशिया गोल्ड मेडलिस्ट सुनील मलिक ग्रीको रोमन 87 किलोग्राम में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में 10 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा।

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