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यह कैसा अस्पताल:ऑपरेशन बताकर दो गर्भवती को रेफर किया, एक की एंबुलेंस तो दूसरे की ऑटो में नार्मल डिलीवरी

जुलाना8 महीने पहले
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जुलाना. जुलाना मंडी चौंकी के पास पहुंची आशा वर्कर और वार्ड 12 की महिलाएं। - Dainik Bhaskar
जुलाना. जुलाना मंडी चौंकी के पास पहुंची आशा वर्कर और वार्ड 12 की महिलाएं।
  • रविवार-मंगलवार को दो महिलाओं के साथ घटना, टीका तक न लगाने का आरोप

प्रसव के दौरान मां और बच्चा सुरक्षित और स्वस्थ रहे, इसके लिए अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन लापरवाही के चलते सीएचसी जैसे रेफर सेंटर बन गए हैं। इसका उदाहरण जुलाना सीएचसी में देखने को मिला। यहां से दो गर्भवती को खतरनाक और ऑपरेशन बताकर रोहतक पीजीआई रेफर किया गया, जबकि कुछ कदम जाने के बाद उसकी डिलीवरी हो गई।

कस्बे के वार्ड 12 की रहने वाली दोनों महिलाओं में एक को पेट में बच्चा उल्टा, जबकि दूसरे को बताया कि बच्चे ने पेट में गंदगी कर दी है। एक को एंबुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि जब महिलाएं वापस आईं तो डाॅक्टरों ने बच्चों को टीका तक नहीं लगाया। बल्कि इसको लेकर विवाद हो गया। महिलाओं ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

उधर चिकित्सकों ने महिलाओं की जुलाना चौकी में बदसलूकी और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की शिकायत की। इसकी शिकायत पुलिस के अलावा जींद के सीएमओ को भी दी गई है। इसको लेकर मंगलवार को आशा वर्कर और महिला के परिजनों ने चौकी में पहुंचकर डाॅक्टरों के खिलाफ शिकायत की। महिलाओं को अस्पताल लाने वाली आशावर्कर का कहना है कि जब उसने डाॅक्टरों से इस लापरवाही के बारे में बात की तो उन्होंने उसपर इस्तीफा देने का दबाव बनाने लगे। एसएमओ का कहना है कि महिला चिकित्सक ने चेक करने के बाद रेफर कर दिया। कई बार रास्ते में बच्चा सीधा हो जाता है तो डिलीवरी नार्मल हो जाती है।

केस-1: बच्चा उल्टा है, ऑपरेशन करना पड़ेगा, एंबुलेस तक नहीं दी

अगले दिन 12 अक्टूबर को उसकी रिश्ते में पड़ने वाली महिला मंजू को जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर गई तो वहां पर मौजूद डाॅक्टरों ने उसे बच्चा उल्टा होने का हवाला देकर रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। जब परिजनों ने एंबुलेंस के लिए बोला तो डॉक्टरों ने वह भी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद जब महिला ऑटो में सवार होकर वापस घर जा रही थी तो रास्ते में 10 मिनट बाद ही नॉर्मल डिलीवरी हो गई।

केस -2 : बच्चे ने गंदगी कर दी है, ऑपरेशन करना पड़ेगा

वार्ड 12 निवासी निशा के परिजनों ने ने बताया कि वह गर्भवती निशा को 11 अक्टूबर को जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर गई थी। डाॅक्टरों ने बताया कि बच्चे ने अंदर लैट्रिन कर दी है। ऑपरेशन से बच्चा होगा। महिला को रोहतक पीजीआई में रेफर कर दिया लेकिन महिला की लाखनमाजरा गांव के पास ही एंबुलेंस में नॉर्मल डिलीवरी हो गई।

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