कार्रवाई:गलत रिकाॅर्ड के आधार पर बुढ़ापा पेंशन ले रहे दंपती पर मामला दर्ज

नरवाना7 दिन पहले
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  • विभाग के कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप

सदर पुलिस ने झील गांव के दंपती के खिलाफ गलत दस्तावेजों के आधार बुढ़ापा पेंशन का लाभ उठाने के दर्ज किया है। वहीं जिला समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप लगे हैं। सदर पुलिस के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ता जींद-कैथल की जांच पर यह कार्रवाई की गई है।

पुलिस को 1 सितंबर 2021 को एक सूचना बलिन्द्र पुत्र सीताराम निवासी झील जिला जींद व समाज कल्याण विभाग जींद के कर्मचारियों, अधिकारियों की मिलीभगत से बुढ़ापा पेंशन बनवाने के बारे में प्राप्त हुई थी। इसकी जांच उप पुलिस अधीक्षक मुख्यमंत्री उड़नदस्ता कार्यालय जींद-कैथल द्वारा की गई। जांच के दौरान समाज कल्याण विभाग जींद से बलिन्द्र उर्फ विरेन्द्र पुत्र सीताराम निवासी झील व उसकी पत्नी की बुढ़ापा पेंशन बनाने में लगाए गए दस्तावेजों का रिकाॅर्ड हासिल किया गया।

इसमें पाया गया कि बलिन्द्र उर्फ विरेन्द्र पुत्र सीताराम वासी झील का वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के लिए आवेदन पत्र के साथ रिहायशी प्रमाण पत्र, बैंक कॉपी, स्कूल का स्थानांतरण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व राशन कार्ड की फोटो प्रति लगी हुई है। बलिन्द उर्फ विरेन्द्र की आधार कार्ड में जन्म तिथि 1.1.1946 है व स्कूल के स्थानांतरण प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 20.02.1956 है। इन दोनों प्रमाण पत्रों में बलिन्द्र उर्फ विरेन्द्र की उम्र 10 वर्ष का अंतर पाया गया। वहीं बलिन्द्र उर्फ विरेन्द्र की पत्नी भी गलत दस्तावेजों के आधार पर बुढ़ापा पेंशन ले रही थी।

दस्तावेजों में गड़बड़झाला
जब जांच टीम द्वारा बलिन्द्र उर्फ विरेन्द्र की पत्नी सेवा देवी वासी झील का वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के लिए आवेदन पत्र समाज कल्याण विभाग जींद से प्राप्त किया गया। इसमें सेवा देवी के आधार कार्ड में जन्म तिथि 01.01. 1949 व लड़के की मार्कशीट में रोशन पुत्र विरेन्द्र माता सेवा देवी जन्म तिथि 25.01.1973 राजकीय उच्च विद्यालय झील दर्शाया हुआ है, जबकि विरेन्द्र उर्फ बलिन्द्र के दो लड़के हैं। जिनके नाम सुनील व अनिल है। रोशन इसका लड़का ही नहीं है। झील में राजकीय माध्यमिक विद्यालय है, यहांं राजकीय उच्च विद्यालय नहीं है।

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