सड़क हादसा:छह दिन पहले जन्मे नवजात का अभी नामकरण भी नहीं हुआ था, इससे पहले ही सिर से उठ गया पिता का साया

नरवाना2 महीने पहलेलेखक: सोनू गहलोत
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  • नरवाना के पुराने बस स्टैंड के पास कारों की भिड़ंत में दो युवकों की मौत, तीन घायल

मंगलवार रात शहर के पुराने बस अड्डे पर दो कारों की टक्कर में गुरथली निवासी गुरदान और बलकार की मौत हो गई। गुरदान की पत्नी को छह दिन पहले ही बच्चा हुआ था और बच्चे का नामकरण भी नहीं हुआ था, इससे पहले ही नवजात के सिर से पिता का साया उठ गया। गुरदान नौकरी की दौड़ तो जीत गया लेकिन जिंदगी की जंग हार गया। फरीदकोट में वार्ड अटेंडेंट के पद पर गुरदान का सेलेक्शन हो गया था और बुधवार को डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन होनी थी लेकिन मंगलवार की रात को ही हादसा हो गया। बलकार भी टैक्सी चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण का रहा था। गुरदान के परिजनों ने बताया कि गुरदान की शादी लगभग एक वर्ष पहले ही हुई थी और 6 दिन पहले उसकी पत्नी से बेटे का जन्म दिया तो पूरे परिवार में खुशी की लहर थी। अभी गुरदान के बेटा का नामकरण भी नहीं हुआ था। बहन बलविंद्र कौर अपने भतीजे के जन्म की खुशी में घर आई थी। बलविंद्र लगभग 9 माह की गर्भवती है। मृतक बलकार के भाई अमरीक ने बताया कि मंगलवार को उनका पड़ोसी गुरदान उनके घर पहुंचा और उसके भाई बलकार को उसकी कार लेकर चलने के लिए कहा। इसके बाद बलकार अपनी जेन कार लेकर गुरदान के घर के बाहर पहुंचा और वहां से गुरदान की बहन बलविंद्र कौर, गुरदान, पूजा व मलकीत कौर को कार में बैठाकर नरवाना के अत्री अस्पताल में पहुंचे। लेकिन यहां डाॅक्टर नहीं मिली तो वे वापस नागरिक अस्पताल के लिए चल दिए और जैसे ही बलकार ने अपनी कार को दिल्ली पटियाला हाईवे से नरवाना अस्पताल की तरफ मोड़ा तो पंजाब की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जेन कार के परखच्चे उड़ गए और कार सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा होते ही आसपास के लोगों की सहायता से घायलों को नरवाना के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां से सभी घायलों को पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई जाते समय 37 वर्षीय बलकार सिंह की मौत हो गई। लेकिन अन्य घायलों को हिसार के जिंदल अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

वार्ड अटेंडेंट के पद पर हो गया था सेलेक्शन, बुधवार को होनी थी डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन

गुरदान के नौकरी पाने की खुशी मातम में बदली

गुरदान के परिजनों ने बताया कि गुरदान अपने परिवार के साथ खेत के काम के साथ पढ़ाई भी कर रहा था। वह हरियाणा का जेबीटी टाॅपर भी रहा। जॉब पाने के लिए लगातार तैयारी कर रहा था, जिसके चलते उसका नाम वार्ड अटेंडेंट की लिस्ट में आया था। बुधवार को ही उसे डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए फरीदकोट जाना था। जॉब मिलने व घर में बेटा होने पर पूरे परिवार में खुशी की लहर थी लेकिन मंगलवार देर हुए सड़क हादसे ने गुरदान के परिवार की सारी खुशियां छीन ली और सारी खुशियां मातम में बदल गई।
टैक्सी चलाकर परिवार पाल रहा था बलकार

​​​​​​​अमरीक ने बताया कि उसका भाई बलकार टैक्सी चलाने का काम करता था। गुरदान का घर उनके घर के पास ही है। बलकार की मौत के बाद उसके दो बेटों के सिर से बाप का साया उठ गया है और परिवार के सदस्यों का रो रो कर बुरा हाल है।

अज्ञात कार चालक के खिलाफ केस दर्ज

मंगलवार देर रात को यह सड़क हादसा हुआ। इसमें गुरदान और बलकार की मौत हो गई। घायलों का इलाज हिसार के एक अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मृतकों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। बलकार के भाई अमरीक की शिकायत पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ केस दर्ज करके शहर पुलिस द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।

एएसआई रामेश्वर दास, जांच अधिकारी।

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