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  • 10 Thousand Went Out Of The Laborer's Account, The Bank Returned It, If There Was A Complaint For Redress, Now You Will Have To Pay 12,250 Rupees Of Interest.

जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक:मजदूर के खाते से 10 हजार निकल गए, कष्ट निवारण में शिकायत गई तो बैंक ने लौटाया, अब 12,250 रुपए ब्याज के भी देने पड़ेंगे

पानीपत10 महीने पहले
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पानीपत. काेराेना बढ़ रहा मास्क लगाना जरूरी है : बैठक में डिप्टी सीएम ने मास्क नहीं लगा रखा है। एसपी ने मास्क तो लगा रखा है लेकिन सही तरीके से नहीं, वहीं उपायुक्त ने मास्क सावधानी पूर्वक लगा रखा है। - Dainik Bhaskar
पानीपत. काेराेना बढ़ रहा मास्क लगाना जरूरी है : बैठक में डिप्टी सीएम ने मास्क नहीं लगा रखा है। एसपी ने मास्क तो लगा रखा है लेकिन सही तरीके से नहीं, वहीं उपायुक्त ने मास्क सावधानी पूर्वक लगा रखा है।
  • डिप्टी सीएम ने कहा- जब से पैसा निकला है, उस वक्त से ब्याज दिया जाए, शिकायत को हल्के में ले रहे हैं अफसर
  • लिखित में दिया कि समाधान हो गया, मीटिंग में नहीं दे पाए जवाब

10 हजार रुपए कमाने वाले एक मजदूर के खाते से 10 हजार रुपए निकल गए। नूरवाला हरि सिंह काॅलोनी के मजदूर देवी सिंह को पहले युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर ने लौटाया। पुलिस के पास गया तो बैंक भेज दिया, बैंक वाले ने रास्ता नहीं दिया तो सीएम विंडो के माध्यम से कष्ट निवारण समिति में शिकायत पहुंच गई। तब जाकर बैंक ने 10 हजार रुपए लौटा दिए।

इस दौरान 35 महीने बीत गए। बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बैंक को इसका ब्याज भी देने का आदेश दिया है। बैंक को बचत (सेविंग) खाता की 3.5% दर के हिसाब से ब्याज देना होगा। इस तरह से 35 माह के 12,250 रुपए ब्याज के देने होंगे।

35 साल का देवी सिंह बाथमेट की मशीन चलाता है। उसका सुखदेव नगर स्थित युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में सेविंग खाता है। शिकायत थी कि 29 अप्रैल 2018 को उसने पीएनबी के एटीएम से 2 हजार रुपए निकाले। इसके बाद उसके मोबाइल पर 10 हजार रुपए निकलने का दूसरा मैसेज भी आया।

मामला कष्ट निवारण समिति में गया तो जांच एलडीएम कमल गिरधर को दी गई। चूंकि, युनाइटेड बैंक का पीएनबी में विलय हो गया, इसलिए एलडीएम के लिए जांच करना और आसान हो गया। एलडीएम ने बताया कि असल में 10 हजार रुपए निकालने का प्रयास किया गया, अन-सक्सेसफुल ट्रांजेक्शन रह गया। इस कारण से पैसे कट गए। जांच में सामने आया तो लौटा दिया। एलडीएम ने कहा कि डिप्टी सीएम ने ब्याज देने को भी कहा है तो उसी अनुरूप ब्याज भी दिया जाएगा।

दुष्यंत चौटाला ने मांगा स्पष्टीकरण

जिला कष्ट निवारण समिति की शिकायत को कुछ अफसर शायद हल्के में ले रहे हैं। इसराना के मांडी की एक महिला सुमनलता की शिकायत थी कि 2018 में श्रम विभाग में औजार की स्कीम के तहत आवेदन किया था। जिसके तहत नकद राशि और औजार मिलने थे, लेकिन नहीं मिले।

कष्ट निवारण समिति में इसकी शिकायत गई तो अब औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग ने लिखकर दे दिया कि शिकायतकर्ता को पैसे दे दिए गए, अब वह संतुष्ट है। लेकिन जब डिप्टी सीएम ने अफसर से इस बारे में जवाब मांगा तो वह दे ही नहीं पाए। इस पर डिप्टी सीएम ने डीसी धर्मेंद्र सिंह को निर्देश दिया कि इस बारे में संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाए कि कैसे लिखित में दिया कि शिकायत का समाधान हो गया, लेकिन अधिकारी कह रहे हैं कि मामला संज्ञान में ही नहीं है।

जब डिप्टी सीएम बोले- अगर राजनीतिक होता तो यहां खड़े नहीं होते

सेक्टर-12 के रविंद्र गोयल और आनंद इंटरनेशनल के मालिक सुरेश गर्ग के बीच चल रहे एक विवाद का मामला मीटिंग में रखा गया। रविंद्र ने कहा कि पुलिस उसे जानबूझकर परेशान कर रही है। सुरेश गर्ग को राजनीतिक पहुंच वाला बताया, कहा कि तभी गर्ग शिकायत के पीछे ही मीटिंग में पहुंच गए और दूसरी महिला को यहां तक आने में 4 साल लग गए। इस पर डिप्टी सीएम ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अगर इसमें राजनीति होती तो आप यहां खड़े नहीं होते। रविंद्र का आरोप है कि सुरेश गर्ग ने उसके नाम से फर्जी बिल काटकर मुकदमा दर्ज करा दिया।

वहीं, सुरेश गर्ग ने रविंद्र को ही फर्जी बताया। आखिर में डिप्टी सीएम ने रविंद्र से कहा कि उसके बताए अफसरों से ही मामले की जांच करा लेते हैं। इसके बाद रविंद्र ने करनाल रेंज की आईजी भारती अरोड़ा, एसडीएम पानीपत और डीटीसी एसएस मलिक की कमेटी से जांच कराने के लिए लिखकर दे दिया।

अब यहीं कमेटी इस मामले की जांच करेगी। बैठक में कुल 16 शिकायतें रखी गईं। जिनमें से 7 का निपटान किया गया, 9 शिकायतें अगली बैठक के लिए लंबित रखी गई। बैठक में एसपी शशांक कुमार सावन, निगम कमिश्नर वत्सल वशिष्ठ, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, बार एसाेसिएशन के प्रधान शेर सिंह खर्ब, जजपा नेता देवेंद्र सिंह कादियान आदि उपस्थित रहे।

सतबीर कादियान का हाल जानने पहुंचे दुष्यंत

बैठक तीन घंटे तक दोपहर 1:15 बजे तक चली। इसके बाद डिप्टी सीएम अपनी पार्टी के सीनियर नेता व पूर्व स्पीकर सतबीर सिंह कादियान का हाल जानने सेक्टर-12 स्थित उनके निवास पर गए। यहीं पर खाना खाया।

पानीपत. लघु सचिवालय के सामने ओवरब्रिज के नीचे किसान झंडा लेकर डिप्टी सीएम दुष्यंत के खिलाफ प्रदर्शन करते उसे राेकने के लिए जीटी राेड तैनात पुलिसकर्मी।
पानीपत. लघु सचिवालय के सामने ओवरब्रिज के नीचे किसान झंडा लेकर डिप्टी सीएम दुष्यंत के खिलाफ प्रदर्शन करते उसे राेकने के लिए जीटी राेड तैनात पुलिसकर्मी।
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