5400 रु. के इंजेक्शन काे 35 हजार में बेचते थे:19 रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ मेडिकल स्टाेर संचालक और 2 दाेस्त गिरफ्तार, 66.05 लाख रुपए में बेचने थे

पानीपत7 महीने पहले
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तीनाें आराेपी रेमडेसिविर इंजेक्शन लाकर महंगे दाम में बेच रहे थे। - Dainik Bhaskar
तीनाें आराेपी रेमडेसिविर इंजेक्शन लाकर महंगे दाम में बेच रहे थे।

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का सीआईए-वन ने भंडाफाेड़ किया है। मंगलवार शाम करीब 5:45 बजे सेक्टर-18 में सरकारी काॅलेज के पीछे कार लेकर खड़े मेडिकल स्टाेर संचालक व उसके दाे दाेस्ताें काे गिरफ्तार कर उनसे 19 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए हैं।

आराेपी 5400 रुपए के इंजेक्शन काे 35 हजार रुपए में बेच रहे थे। सभी इंजेक्शन 66.05 लाख रुपए में बेचने थे। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सीआईए वन प्रभारी राजपाल सिंह ने बताया कि मामले में चड़ाऊ माेहल्ला कलंदर चाैक निवासी केशव उर्फ कन्नु पुत्र राजकुमार व उसके दाेस्त जलालपुर निवासी सुनील पुत्र चंद्र सिंह और कच्चा कैंप के गुरुनानकपुरा निवासी सुमित पुत्र कृष्णलाल चोपड़ा काे गिरफ्तार किया है। तीनाें आई-20 कार में 19 रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ काॅलेज के पास ग्राहक के इंतजार में खड़े थे।

ग्राहक ने एक से डेढ़ घंटे में आने की बात कही थी। तभी मुखबिर ने पुलिस काे सूचना दे दी। सीआईए ने ड्रग कंट्राेल ऑफिसर काे फाेन कर माैके पर बुलाया। फिर दबिश देकर तीनाें आराेपियाें काे सरकारी काॅलेज के पीछे से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार काे उनकाे काेर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा।

ग्राहक के इंतजार में सरकारी काॅलेज के पास कार लेकर खड़े थे, मुखबिर की सूचना पर सीआईए-वन ने दी दबिश़

इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने बताया कि आराेपी केशव सनाैली राेड पर लाेटस अस्पताल के सामने जेएमडी नाम से मेडिकल स्टाेर चलाता है, जबकि सुनील सौंधापुर चाैक पर एक अस्पताल में लेब असिस्टेंट है। आराेपी सुमित भी एक अस्पताल में काम करता था, लेकिन इन दिनाें वह बेराेजगार था।

तीनाें मेडिकल लाइन से हैं, इसलिए उनकी जान पहचान थी। तीनाें आराेपी रेमडेसिविर इंजेक्शन लाकर महंगे दाम में बेच रहे थे। इंचार्ज ने कहा कि आराेपी एक इंजेक्शन काे 35 हजार रुपए में बेच रहे थे। अब इस कालाबाजारी में और काैन-काैन लाेग शामिल हैं, इसकाे लेकर पूछताछ की जा रही है।

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