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भास्कर एक्सक्लूसिव:पर्यावरण काे प्रदूषित कर रही 20 डाइंग इंडस्ट्री हाेंगी सील, प्रदूषण बाेर्ड ने मुख्यालय भेजी रिपाेर्ट

पानीपत5 दिन पहले
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पानीपत. फैक्ट्रियों में लगी चिमनी से निकलता धुंआ। - Dainik Bhaskar
पानीपत. फैक्ट्रियों में लगी चिमनी से निकलता धुंआ।
  • ईंधन के रूप में फैक्ट्री संचालक जला रहे जूते-चप्पल, सिंथेटिक कपड़े व कबाड़

प्रतिबंधित ईंधन का प्रयाेग कर पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली 20 डाइंग इंडस्ट्रियाें काे पाॅल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड की टीम ने चिह्नित किया है। जल्द ही इन्हें सील किया जाएगा। इन इंडस्ट्रियाें में ईंधन के रूप में जूते-चप्पल, सिंथेटिक कपड़े और कबाड़ धड़ल्ले से जलाया जा रहा है। बाेर्ड की टीम ने नाेटिस जारी करने के साथ ही मुख्यालय रिपाेर्ट भेज क्लाेजर नाेटिस जारी करने की मांग की है।

पानीपत काे औद्याेगिक नगर की श्रेणी में रखा गया है। क्याेंकि यहां टैक्सटाइल, डाेर मैट, वाॅथ मैट, कारपेट, टाॅवल, कंबल और बैडशीट का बहुत बड़े स्तर पर काराेबार है। पानीपत में छाेटी-बड़ी करीब 3 हजार डाइंग इंडस्ट्रीज हैं। कई डाइंग इंडस्ट्री अवैध रूप से संचालित हाे रही हैं। पानीपत पाॅल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड के रीजनल अाॅफिसर कमलजीत ने बताया कि पिछले कई दिनाें से बबैल राेड, सनाैली राेड आदि क्षेत्राें में स्थित डाइंग इंडस्ट्रियाें में जूते-चप्पल, सिंथेटिक कपड़े और कबाड़ जलाया जा रहा है।

इन इंडस्ट्रियाें की चिमनियाें से काला धुआं छाेड़ा जा रहा है। यहां रात के अंधेरे में ही काम किया जा रहा है, ताकि विभाग की नजर से बचा जा सके। टीम ने जांच की ताे ऐसी करीब 20 इंडस्ट्रियां मिलीं। इनमें प्रतिबंधित ईंधन प्रयाेग किया जा रहा था। इन इंडस्ट्रियाें की वीडियाे ग्राफी कराकर रिपाेर्ट मुख्यालय भेज दी गई है।

क्लाेजर नाेटिस की सिफारिश की गई है। जल्द ही इन इंडस्ट्रियाें काे सील कर दिया जाएगा। बिजली कनेक्शन भी कटवाए जाएंगे। साथ ही एनजीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का काम जानकारी एकत्र करना, उसका प्रसार करना, राज्य सरकार को सलाह देना, उससे संबंधित अन्वेंषण और अनुसंधान को बढावा देना, उसका संचालन करना, उसमें भाग लेना होता है।

पानीपत में चल रहे हैं करीब 20 हजार उद्योग
पानीपत को लेकर एनजीटी लगातार सख्त है। पानीपत में एनजीटी रिफाइनरी व थर्मल पर करोड़ों रुपए का जुर्माना लगा चुकी है। पानीपत से हर रोज औसतन 80 हजार से एक लाख वाहन गुजरते हैं। 20 हजार उद्योग चल रहे हैं। कई ईंट भट्ठे हैं। इसलिए पानीपत प्रदूषण के मामले में देश में 11वें व प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।

उद्योगों के खिलाफ लगातार कर रहे कार्रवाई
एनजीटी पहले ही पानीपत में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए पानीपत के रेड कैटेगरी में आने वाले 370 और ऑरेंज कैटेगरी में आने वाले 222 उद्योगों पर जुर्माना लगा चुकी है। पानीपत में ग्रीन कैटेगरी में 25 उद्योग आते हैं, जोकि पर्यावरण के लिए घातक नहीं माने गए हैं।

सर्वे में सामने आए 6 नए नाम

  • राेशनी फर्नीशिंग, चांदनीबाग
  • पंजाब थर्माेपैक, सर छाेटे राम काॅलाेनी
  • रमन फर्नीशिंग, गंगाेत्री काॅलाेनी
  • अंकुर टैक्सटाइल, बापाैली राेड
  • हिमांशु इंटरप्राइजेज, जालपाड़
  • गुरुनानक फर्नीशिंग, काबुली बाग

14 इंडस्ट्री पहले ही चिह्नित हो चुकीं

आरओ कमलजीत ने बताया कि मई और जून के पहले सप्ताह में 14 इंडस्ट्रियाें काे चिह्नित किया गया था। जिन्हें सात दिन का नाेटिस जारी किया गया, लेकिन उन्हाेंने जबाव नहीं दिया। इसलिए मुख्यालय रिपाेर्ट भेज क्लाेजर नाेटिस की मांग की गई है। इन इंडस्ट्रियाें के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए हैं।

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