भास्कर एक्सक्लूसिव:14 सेक्टरों में 761 रिहायशी व 273 कॉमर्शियल प्लॉट खाली, 6 महीने में 196 की बोली लगाएगा एचएसवीपी

पानीपतएक महीने पहलेलेखक: मनीष गुप्ता
  • कॉपी लिंक
सेक्टर-18 स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का ऑफिस। - Dainik Bhaskar
सेक्टर-18 स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का ऑफिस।
  • काेराेना संक्रमण के बाद 4 माह में ई-बाेली से एचएसवीपी ने बेचे 37 प्लॉट

सेक्टरों में घर बनाने का सपना है तो पैसों का इंतजाम करके रखिए, क्योंकि अगले 6 माह में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) 120 से अधिक रिहायशी प्लाॅटों की बोली कराने जा रहा है। अभी भी 14 सेक्टराें में 761 रिहायशी और 273 व्यवसायिक प्लाॅट खाली पड़े हैं। एचएसवीपी ने काेराेना संक्रमण कम हाेने के बाद घाटे से उबरने के लिए खाली पड़े रिहायशी और व्यवसायिक प्लाॅट बेचना शुरू कर दिया है।

इसी के तहत विभाग ने पिछले 4 महीने में 37 प्लाॅट ई-बाेली के माध्यम से बेचे हैं। अगले 6 महीने में विभाग करीब 120 रिहायशी और 76 के करीब व्यावसायिक प्लाॅट बेचने की तैयारी कर रहा है। सेक्टर-13/17, सेक्टर-6, सेक्टर-7, सेक्टर-8, सेक्टर-18, सेक्टर-24, सेक्टर-25 पार्ट-2 आदि एरिया में प्लॉट बेचे जाएंगे। जहां तक कॉमर्शियल की बात है तो सेक्टर-12 के साथ ही सेक्टर-18 में ज्यादा प्लॉट खाली पड़े हैं। वहीं, सबसे ज्यादा 91 प्लॉट सेक्टर-29 पार्ट-2 में खाली पड़े हैं। सेक्टर- पार्ट-1 में भी 48 प्लॉट हैं।

कॉमर्शियल प्लॉट के रेट बहुत ज्यादा

पिछले 4 माह का रिकॉर्ड देखें। इससे पहले हुई बोली में भी लगभग यही ट्रेंड रहा है कि रिहायशी प्लॉट तो बिक रहे हैं, लेकिन कॉमर्शियल प्लॉट की बोली नहीं हो पाती है। चूंकि, कॉमर्शियल की प्राइस बहुत ज्यादा हाई हो जाती है, इसलिए कॉमर्शियल प्लॉट बिक नहीं पाते।

144.71 वर्ग गज का व्यावसायिक प्लाॅट 2.91 करोड़ में बिका तो 3 प्लॉट की बोली रुकी
6 सितंबर काे हुई ई-बाेली में सेक्टर-18 में शॉप कम ऑफिस (एससीओ) कैटेगरी में प्लॉट नंबर 28 बहुत महंगा बिका। 144.71 वर्ग गज का यह प्लॉट 2 करोड़ 90 लाख 92 हजार रुपए में बिका। कॉमर्शियल प्लॉट की इतनी बड़ी बोली होने के कारण 3 अन्य प्लॉट की किसी ने बोली भी नहीं लगाई। खरीदार बाेली से बाहर निकल गए।

एक्सपर्ट के बताए 2 पाॅइंट्स से जानिए- आखिर क्यों नहीं बिक रहे कॉमर्शियल प्लॉट

1- जोश में बोली लगाकर छोड़ देते हैं प्लॉट

बोली में भाग लेने के लिए प्रारंभिक मूल्य का 2 फीसदी जमा कराना होता है। जैसे बेस प्राइस 1 करोड़ है तो 2 लाख जमा कराने होते हैं। लोग जोश में भारी बोली लगा देते हैं, लेकिन जब प्लॉट देखते हैं तो लगता है कि इससे सस्ता तो बाहर से मिल जाएगा। इस तरह से वह 2 लाख रुपए का नुकसान भी झेल लेते हैं। इस पर रोक लगाने की जरूरत है।

2- बोली लगाने की राशि बढ़ाएं या ब्लैकलिस्ट करें

2 इनसे विभाग तभी बच सकता है, जब बोली की राशि बढ़ाई जाए। या ऐसे बोली लगाने वालों को ब्लैकलिस्टेड किया जाए। क्योंकि, ऊंची बोली लगाकर फिर छोड़ने से एचएसवीपी का कोई फायदा नहीं हो रहा। इसलिए विभाग को हल निकालना पड़ेगा। बोली की राशि बड़ी होगी तो ऐसे केस कम होंगे।

आगे क्या: कल 21 प्लाॅटाें की बाेली, इनमें 10 रिहायशी

पानीपत में 17 सितंबर काे 21 प्लॉटों की बोली होने जा रही है। जिसमें 10 रिहायशी और 11 कॉमर्शियल प्लॉट हैं। रिहायशी में सेक्टर- 13/17 के 9 और सेक्टर- 24 के एक प्लाॅट की बाेली लगाई जाएगी। वहीं, सेक्टर- 12, सेक्टर- 29 पार्ट 1 और सेक्टर- 18 के 11 कॉमर्शियल प्लाॅटाें की बाेली हाेगी। एचएसवीपी के सुपरिंटेंडेंट राजिंदर ने कहा कि प्लॉट की बोली की तैयारी पूरी हो चुकी है। हमारा प्रयास है कि खाली पड़े प्लॉटों की बोली लगाकर विभाग के लिए रेवेन्यू जुटाया जाए।

खबरें और भी हैं...