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जीएसटी फर्जीवाड़ा:900 करोड़ के फर्जी बिल काट 45 करोड़ का क्रेडिट लिया, रिकवरी के लिए रेड जारी

पानीपतएक महीने पहले
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  • जेल में बंद 2 आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने प्रोडक्शन वारंट पर लिया

पानीपत से जुड़े जीएसटी फर्जीवाड़े की जांच कर रही करनाल क्राइम ब्रांच की टीम ने गुरुवार को सिवाह जेल में बंद दो आरोपियों गोविंद शर्मा ओर संदीप शर्मा को पहले प्रोडक्शन वारंट पर लिया, फिर एक दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर रेड कर रही है। दोनों पर जीएसटी फर्जीवाड़े के 39 केस दर्ज हैं। आरोपियों ने 900 करोड़ के फर्जी बिल काटकर सरकार से 45 करोड़ का क्रेडिट इनपुट लिया था। आरोपियों के बैंक खाते फ्रिज कराकर अब तक 37 करोड़ रुपए रिकवर किए जा चुके हैं।

गोविंद शर्मा मूल रूप से गोहाना का रहने वाला है। वहीं, संदीप शर्मा लोहारी मतलौडा का है। दाेनों एक ही गैंग के लिए काम करते थे। सेल टैक्स विभाग सेक्टर-25 पार्ट-2 के अफसरों की शिकायत पर दोनों पर चांदनी बाग थाने में 39 केस दर्ज हैं। गोविंद शर्मा पर 21 और संदीप शर्मा पर 18 केस दर्ज हैं। गोविंद को अक्टूबर 2020 में गिरफ्तार किया था, वहीं संदीप नवंबर से जेल में बंद है। जिले में अब तक 105 करोड़ के फर्जीवाड़े सामने आ चुके हैं। मतलब कि बिना जमा कराए ही सरकार से 105 करोड़ क्रेडिट इनपुट ले लिया। डीजीपी क्राइम मोहम्मद अकील ने डीएसपी अमित दहिया को क्राइम ब्रांच में लगाकर जीएसटी के केस सॉल्व करने की जिम्मेदारी दी। अब तक 56 करोड़ की रिकवरी करा चुके हैं।

अकाउंटेंट का काम करता है गोविंद

गाेविंद यहां पानीपत में ताऊ देवीलाल कॉम्प्लेक्स में अकाउंटेंट का काम करता है। यहीं पर लोगों के टैक्स जमा करता था। संदीप भी उसी के साथ काम करता था। संदीप कम पढ़ा लिखा है।

योजना का लाभ दिलाने को लेते थे आईडी प्रूफ

जीएसटी नंबर के लिए आईडी प्रूफ और रेंट एग्रीमेंट की जरूरत होती है। दोनों आरोपी गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर आईडी प्रूफ ले लेते थे। फिर, शहर में खाली प्लॉट तलाश कर उसका फर्जी रेंट एग्रीमेंट बनाकर जीएसटी नंबर ले लेते थे। फिर, उस गरीब के नाम से बैंक में अकाउंट खुलवाते थे।

2000 रुपए जमा कराने पर बदल देता था अकाउंट नंबर

डीएसपी क्राइम ब्रांच अमित दहिया ने बताया कि एक बार गरीबों के खाते में अपनी ओर से 2000 रुपए जमा करा देते थे। फिर, बैंक में आवेदन लगाते थे कि जिसके नाम से अकाउंट खोला है वह गरीब निकला। इसलिए, खाता बंद करवा देते थे। इधर, उसी जीएसटी का दूसरे बैंक में अकाउंट खुलवाकर उस खाते में इनपुट क्रेडिट ले लेते थे।

संदीप से छुपाकर गोविंद ने 3 जीएसटी नंबर लिए थे

डीएसपी अमित दहिया ने बताया कि संदीप से छुपाकर गोविंद ने 3 जीएसटी नंबर लिए थे। इस पर दोनों के बीच विवाद हो गया। क्राइम ब्रांच की जांच टीम को केस सुलझाने में दोनों के बीच इस झगड़े का भी लाभ मिला। आज आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

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