पानीपत का कानूनगो-नायब तहसीदार तलब:हुडा की जमीन पर गलत रास्ता निकालकर उद्यमी के नाम करने का आरोप

पानीपत3 महीने पहले
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हरियाणा के पानीपत जिले के कानूनगो और नायब तहसीलदार को तलब कर लिया गया है। रिश्वत लेकर गलत तरीके से हुडा की जमीन पर रास्ता निकाल कर एक उद्यमी को देने के आरोपों की जांच करते हुए ADC ने तहसीलदार को पत्राचार किया है, जिसमें उन्होंने नायब तहसीलदार और कानूनगो को उनके कार्यालय में रिकॉर्ड सहित 30 जून को पेश होने के आदेश दिए हैं।

एडीसी ने शिकायतकर्ता को भी सभी दस्तावेजों के साथ कार्यालय में आने को कहा है। दोनों पक्ष इस मामले में अपनी-अपनी बात रखेंगे। 30 जून की सुबह साढ़े 11 बजे कार्यालय बुलाया गया है।

एडीसी ने तहसीलदार को पत्र लिखकर दिए निर्देश।
एडीसी ने तहसीलदार को पत्र लिखकर दिए निर्देश।

तीन माह बाद एडीसी ने किया तलब

दरअसल, कानूनगो और नायब तहसीलदार के खिलाफ उग्राखेड़ी गांव के संदीप ने चंडीगढ़ अधिकारियों को शिकायत दी थी। शिकायत में दोनों पर एक उद्यमी से घूस लेकर हुडा की जमीन पर गलत रास्ता निकालकर उसके नाम करने के आरोप लगाए गए। मामले की जांच पानीपत एडीसी के पास पहुंची। तीन माह चली जांच के बाद कानूनगो और नायब तहसीलदार को जांच अधिकारी एडीसी ने अपने कार्यालय बुलाया है। पता लगा है कि आरोपी नायब तहसीलदार अनिल ने समय से पहले ही रिटायरमेंट ले ली। कानूनगो राजेश खुराना कुछ समय पहले प्रमोट होकर नायब तहसीलदार बन गए हैं।

इंतकाल नंबर 8899 पर कब्जा करवाने का मामला

संदीप ने अपनी शिकायत में बताया कि वह उग्राखेड़ी गांव का रहने वाला है। इंतकाल नंबर 8899 जिस भूमि की एवज में जारी किया गया, वह विरोधाभास वाली है। इस जमीन का बंटवारा (तकसीम) गलत तरीके से किया व करवाया गया। यह भूमि गैर मजरूआ (बिना उपजाऊ) एक उद्यमी के नाम पर है।

आरोप है कि इसी उद्यमी से मिलकर कानूनगो राजेश खुराना और नायब तहसीलदार अनिल ने हुडा के अंर्तगत आने वाली इस जमीन से गलत रास्ता मिलाकर व गलत रास्ता निकाल कर तकसीम किया। इससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ।