पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Panipat
  • Action Will Be Taken Against 4 Officers Trapped In Seed Scam, Action Taken Report Sought From Corporation Till June 25

फर्जीवाड़े पर एक्शन शुरू:बीज घोटाले में फंसे 4 अफसरों पर होगी कार्रवाई, निगम से 25 जून तक मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट

राजधानी हरियाणा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए 15 अगस्त तक पोर्टल बनाकर किया जाएगा बिजाई का रजिस्ट्रेशन। प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए 15 अगस्त तक पोर्टल बनाकर किया जाएगा बिजाई का रजिस्ट्रेशन। प्रतीकात्मक फोटो

हरियाणा बीज विकास निगम में हुए बीज घोटाले की जांच विजिलेंस को दिए जाने के अलावा निगम स्तर पर एक्शन शुरू हो गया है। जहां चार अफसरों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहीं फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब बीज की खेती का रिकॉर्ड रखने के लिए बाकायदा पोर्टल बनाया जाएगा।

निगम इस मामले में पहले ही अपने स्तर पर जांच कर चुका है, जिसमें चार अफसरों को जिम्मेदार माना गया है। रिपोर्ट सीएम तक पहुंचाई गई। अब कृषि विभाग के एसीएस ने निगम को भेजे पत्र में कहा है कि सीएम चाहते हैं कि पोर्टल 15 अगस्त तक तैयार किया जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारी एसपीओ उमरी मक्खन लाल, एसपीओ हिसार राजीव कुमार, टीए हिसार अमित कुमार व बीएस तौमर के खिलाफ कार्रवाई कर इसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट 25 जून तक भेजी जाए।

सूत्रों के अनुसार इन जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। हरियाणा बीज विकास निगम के अलावा एनएससी, इफको, कृभको, एचएलआरडीसी, हैफेड, एनएफएल, एचआईएल मिलकर प्रदेश में गेहूं के 8 लाख क्विंटल बीज सालाना तैयार करते हैं। इनमें 3 लाख क्विंटल बीज निगम और बाकी 5 लाख क्विंटल बीज अन्य एजेंसियां तैयार करती हैं। जबकि 25 लाख क्विंटल 200 से ज्यादा प्राइवेट यूनिट्स तैयार करती हैं।

सूत्रों का कहना है कि कुछ एजेंसियां पोर्टल बनाने के पक्ष में नहीं। ऐसे में अभी इसे लेकर अधिकारियों में बड़ा मंथन चल रहा है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी पोर्टल बनने की बात कही थी। ताकि कोई गड़बड़ी न हो।

पोर्टल बनने के बाद ऐसे रुकेगा फर्जीवाड़ा
बीज की खेती के लिए बनाए जाने वाले पोर्टल का लिंक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दिया जाएगा। ऐसा करने से रिकॉर्ड सामने होगा और कोई भी एक जमीन पर दो जगह फायदा नहीं ले सकेगा। इसके साथ ही यह भी पता चलेगा कि किसके पास कितनी जमीन है और यदि दूसरी जमीन पर भी खेती करता है तो उसके दस्तावेज भी पोर्टल पर लोड करने होंगे। यह भी जानकारी रहेगी कि किसने फसल बिजी है और कौन बीज की खेती कर रहा है। यहां फसल वाली जमीन पर या बीज की खेती कागजों में दिखाकर होने वाले फर्जीवाड़ा भी रुकेगा। क्योंकि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराते वक्त जमीन से संबंधित दस्तावेज भी साथ लगाने होंगे। 15 अगस्त तक यह पोर्टल तैयार करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

अब पुराना सिस्टम नहीं चलेगा : कृषि मंत्री
फर्जीवाड़ा रोकने को पोर्टल बना रहे हैं, जिसमें वे सभी एजेंसियां जुड़ेंगी, जो बीज की खेती कराती हैं। जाे बीज का उत्पादन करेगा उसे जमीन के दस्तावेजों समेत अन्य सभी जानकारी देनी होगी। ताकि भविष्य में बीज उत्पादन में कोई फर्जीवाड़ा न हो। अब पुराना सिस्टम नहीं चलेगा। - जेपी दलाल, कृषि मंत्री

खबरें और भी हैं...