शहर में फूटे 8 टन पटाखे, 3 गुना बढ़ा प्रदूषण:प्रशासनिक दावों का घुटा दम- प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की अवैध बिक्री का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ

पानीपतएक महीने पहले
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  • 999 लेवल तक पहुंचा पीएम-10
  • पीएम-2.5 भी 367 हुआ
  • बयानबाजी में लगे रहे अफसर
  • पिछली दिवाली से भी 40.50% बढ़ गया प्रदूषण

दिवाली पर 8 टन के करीब पटाखे शहर में फूटे, जिस कारण से प्रदूषण का स्तर दो दिनों में ही 3 गुना तक बढ़ गया। बुधवार को पीएम-10 का स्तर 300 दर्ज किया गया था। दिवाली की रात यह 999 रिकॉर्ड किया गया। यह 100 तक ही स्वास्थ्य के लिए सही है।

प्रदूषण बढ़ने से सभी को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है। गले में खरास की शिकायत भी करने लगे हैं। निजी अस्पतालों का तो कोई रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन सिविल अस्पताल में शुक्रवार को ओपीडी बंद होने के कारण सांस के 3 रोगी इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंच गए। यह तो होना ही था, क्योंकि अफसर सिर्फ बयानों तक सीमित रह गए।

सबसे हैरान करने वाली बात कि एक भी कार्रवाई नहीं हुई। न पटाखे बेचने के और न ही पटाखे फोड़ने के। पटाखों पर प्रतिबंध लगाकर 13 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। सब के सब कागजों तक सीमित रह गए। शायद यहीं कारण है कि इस बार तो प्रदूषण पिछली दिवाली से भी 40.50% ज्यादा बढ़ गया। साल 2020 में पीएम 10 का अधिकतम लेवल दिवाली के अगले दिन 711 दर्ज किया गया था। इस बार यह 999 दर्ज किया गया है।

पीएम-2.5 का लेवल 7 गुना बढ़ा

पीएम-2.5 का मतलब, ऐसे कण-पदार्थ जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम हो। यह हवा की क्वालिटी तय करते हैं। यह कण नाक के बाल की चौड़ाई के 12वें हिस्से भी छोटा होता है। इसलिए यह आसानी से नाक के रास्ते फेफड़े में प्रवेश कर जाता है। गुरुवार रात 12 बजे यह 367 रिकॉर्ड किया गया, यह अधिकतम 50 ही होना चाहिए। तभी हवा सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है।

पीएम-10 का लेवल 10 गुना बढ़ा

पीएम10 का लेवल हवा में अधिकतम 100 होने चाहिए, लेकिन पटाखों के कारण यह 10 गुना तक बढ़ गया। गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह 10-11 बजे यह 999 रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले मंगलवार 2 नवंबर को अधिकतम 288 और बुधवार को 300 दर्ज किया गया था।

गुरुवार शाम 4 बजे से बढ़ना शुरू हुआ प्रदूषण

गुरुवार शाम 4 बजे से प्रदूषण का लेवल बढ़ना शुरू हो गया था। तब पीएम-10 300 था, जो रात 10 बजे सबसे अधिक 999 तक पहुंच गया। इसके बाद थोड़ा कम हुआ, शुक्रवार सुबह 11 बजे तक खतरनाक रहा।

शुक्रवार सुबह 10 से 11 बजे सबसे अधिक प्रदूषण

पटाखों से गुरुवार रात 10 बजे सबसे अधिक हवा खराब थी। जब पीएम-10 999 रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार सुबह 10 से 11 बजे के बीच भी पीएम 10 का स्तर 999 रहा।

मजाक बने 13 ड्यूटी मजिस्ट्रेट व एसडीएम

डीसी ने सभी थानों के हिसाब से अलग-अलग कुल 13 ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए थे। साथ ही पानीपत और समालखा के एसडीएम को ओवरऑल इंचार्ज भी बनाया गया था। लेकिन इसका कहीं कोई असर नहीं रहा। असर सिर्फ प्रदूषण दिखा रहा था।

फ्लाइंग स्क्वाॅड टीम भी काम न आई

पटाखों की बिक्री और उपयोग रोकने के लिए पुलिस टीम के साथ अलग से फ्लाइंग स्क्वाॅड भी तैनात की गई थी, लेकिन पुलिस के साथ फ्लाइंग स्क्वाॅड टीम भी किसी काम न आई। पुलिस ने पटाखा बेचने और जलाने का एक भी केस दर्ज नहीं किया।​​​​​​​

खुले में काम करने वालों के लिए मुसीबत

प्रदूषण के कारण खुले में काम करने वाले सबसे अधिक प्रभावित हैं। कारपेट और दरी सहित अन्य प्रॉडक्ट बनाने में काम करने वाले लोगों के लिए प्रदूषण मुसीबत बनकर सामने आया है। बाइक चलाने वाले और पैदल चलने वालों पर असर पड़ेगा।​​​​​​​

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