एलएंडटी कंपनी के दफ्तर में उमड़ी भीड़:354 दिनों के बाद किसानों ने टोल से हटाए तंबू, लोकल पास बनवाने को धक्के खा रहे लोग

पानीपतएक महीने पहले
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टाेल प्लाजा पर टाेल टैक्स शुरू हाेने के दाैरान जाम में फंसे वाहन चालक। दूसरी अोर, टाेल प्लाजा पर लाेकल पास बनवाने पहुंचे लाेग लाइन में खड़े रहे।फोटो | भास्कर - Dainik Bhaskar
टाेल प्लाजा पर टाेल टैक्स शुरू हाेने के दाैरान जाम में फंसे वाहन चालक। दूसरी अोर, टाेल प्लाजा पर लाेकल पास बनवाने पहुंचे लाेग लाइन में खड़े रहे।फोटो | भास्कर
  • टोल शुरू होते ही लोकल पास बनवाने काे टोल प्लाजा एलएंडटी कंपनी के दफ्तर में उमड़ी भीड़

जीटी रोड टोल प्लाजा पर टोल टैक्स शुरू होते ही 353 दिनों से खार खाए (मौके की तलाश में) बैठी टोल कंपनी एलएंडटी की मनमानी शुरू हो गई है। कंपनी ने टोल तो शुरू कर दिया, पानीपत वासियों के लिए लोकल पास बनवाने के लिए कोई विशेष काउंटर नहीं खाेला। जिस कारण से पास बनवाने पहुंचे शहर वासियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। टोल टैक्स वसूली शुरू होने के दूसरे ही दिन मंगलवार को सैकड़ों जिला वासी लोकल और मंथली पास बनाने के लिए जीटी रोड टोल प्लाजा पर पहुंचे। लेकिन पास बनाने वालों की भीड़ देखकर लोग परेशान हो गए। लोगों ने आरोप लगाया कि कंपनी को पता था कि भीड़ बढ़ेगी। इसलिए विशेष काउंटर बनाना चाहिए। लेकिन लोगों को जल्दी पास की सुविधा न मिले, इसलिए कोई विशेष काउंटर नहीं खोला। पुराने काउंटर पर भी सिर्फ एक कर्मचारी को बैठा दिया। कृषि कानून के खिलाफ 25 दिसंबर 2020 से चल रहे किसान आंदोलन के कारण टोल बंद था। जो सोमवार से शुरू हुआ है।

5 हजार से अधिक पास बने थे पहले, सभी रद्द
जिले में 5 हजार से अधिक लोगों ने पास बनवा रखे थे। एक साल के लिए ही लोकल पास बनते हैं। चूंकि, एक साल से टोल बंद है। इसलिए, सभी पास रद हो गए हैं। ऐसे सभी लोगों को नए सिरे से पास बनवाना है। पास बनवाने पहुंचे सेक्टर-18 के अरुण शर्मा ने कहा कि पहले का पास रद हो गया। नया बनवाने आया हूं, लेकिन भीड़ ज्यादा है। टोल वाले बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए थी।
लोकल पास में 10 रुपए कार और 20 रुपए टैक्सी के
करनाल से आए कुलदीप ने कहा कि लोकल पास इसलिए जिला वासी बनवाते हैं क्योंकि उन्हें 25 रुपए की छूट मिलती है। सामान्य कार के लिए 35 रुपए टैक्स है, लेकिन पानीपत में रहने वाले अगर लोकल पास बनवाते हैं तो उन्हें एक बार क्रॉस करने पर 10 रुपए ही देने पड़ेंगे। ऐसे पास को आप एक बार चार्ज कराकर लंबे वक्त तक निश्चित रह सकते हैं।
टोल प्रबंधन बोलने को तैयार नहीं
यहां रोजाना 25 से 30 लाख रुपए की वसूली करने वाले टोल अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज करते हैं। एलएंडटी के टोल अधिकारी एक तो जवाब से बचने के लिए फोन नहीं उठाते। फोन उठा भी लें तो यहीं जवाब होता है कि उनके नाम से कुछ न छापा जाए।

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