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माइक्रो जाेन में सफाई:गंदगी के लिए जिम्मेदार होगी एजेंसी, कॉल के बाद 3 घंटे में करना होगा समाधान, नहीं तो जुर्माना होगा

पानीपतएक महीने पहले
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किसान भवन के निकट फैली गंदगी। - Dainik Bhaskar
किसान भवन के निकट फैली गंदगी।
  • सड़कों व गलियों में झाड़ू लगाने की व्यवस्था पहली बार जोन वाइज होने जा रही

माइक्रो जाेन में सफाई के लिए 23 दिसंबर को ओपन होगा टेंडर

शहर की सफाई अब नियमों के तहत होगी। कम से कम कर्मचारी के मामले में तो ऐसा ही होने जा रहा है। इसका कितना बेहतर रिजल्ट आएगा, यह समय बताएगा। जनसंख्या के हिसाब से 4 लोगों पर एक स्वीपर होना चाहिए। इस तरह से कम से कम 2000 स्वीपिंग कर्मचारियों की जरूरत है। अब निगम ऐसा ही करने जा रहा है। सभी 26 वार्डों को 4 जोन में बांटकर सड़कों व गलियों में झाड़ू लगाने का ठेका देने जा रहा है। इसके लिए टेंडर निकाला जा चुका है।

पार्षद से लेकर आमजन तक इस इंतजार में हैं कि कब टेंडर प्रक्रिया पूरी हो। 23 दिसंबर को टेंडर ओपन हो रहा है। मेयर अवनीत कौर ने कहा कि एक माह के अंदर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जोन वाइज काम शुरू होने की उम्मीद है। यह बात और है कि अगर आपकी गली व सड़कों में गंदगी रही तो इसके लिए सीधे-सीधे पार्षद जिम्मेदार होंगे। क्योंकि, जोन वाइज टेंडर में पार्षदों के अनुरूप एजेंसी सफाई कर्मचारी लगाएगी।

जानिए, 3 सवालों से शहर में सफाई की व्यवस्था कैसी होने जा रही...

1) सड़कों व गलियों में झाड़ू कौन लगाएगा?
सड़कों व गलियों में नियमित झाड़ू लगाने के लिए ही नगर निगम ने पहली बार पूरे शहर को 4 जोन में बांटा है। दो जोन में 6-6 वार्ड और दो जोन में 7-7 वार्ड रखे गए हैं। झाड़ू लगाने के लिए अलग से एजेंसी रखी जाएगी। पार्षद को किस कॉलोनी में कितने स्वीपर चाहिए, उसी अनुरूप एजेंसी काम करेगी।
2) आपके घर से डोर-टू-डोर कूड़ा कौन उठाएगा?
आपके घर से कूड़ा पहले जिस तरह से उठ रहा था, वैसे ही उठेगा। जेबीएम वाले आपके घर से कूड़ा उठाकर ले जाएंगे। इसके एवज में निगम की ओर से तय रेट के हिसाब से पहले की तरह पैसे लेंगे।
3) कूड़ों के ढेर को कौन साफ करेगा?
झाड़ू लगाने के साथ ही चौक-चौराहे पर जमा होने वाले कूड़े उठाने की जिम्मेदारी नई एजेंसी की होगी। निगम के बनाए सेकेंडरी पाइंट पर यह एजेंसी कूड़ा जमा करेगी। जहां से जेबीएम उठाकर ले जाएगी।

शर्तों पर एजेंसी से काम कराया तो बेहतर दिखेगा नजारा
सड़कों में झाड़ू लगाने और कूड़ा उठाने के लिए जोन वाइज टेंडर में नगर निगम ने कई शर्तें लगाई है। अगर एजेंसी से शर्तों पर काम कराई गई तो निश्चित रूप से शहर का नजारा पहले से कहीं बेहतर होगा।

5 पॉइंट्स में समझें, कैसे सड़कों-गलियों की सफाई पर काम करेगी एजेंसी

  • सड़कों व गलियों की सफाई 100 फीसदी सुनिश्चित करनी होगी।
  • शहर में जगह-जगह डस्टबिन लगाने की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
  • शिकायत के 5 घंटे के अंदर मरे हुए पशुओं को उठाना होगा।
  • पार्कों के वेस्ट जमा करने और उठाने की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी की होगी।
  • सड़कों की सफाई के लिए टाइम-टेबल भी तय करना होगा।

अभी, स्वीपिंग पर हर माह 3.25 करोड़ रुपए का खर्च

  • जीटी रोड, गोहाना रोड, जाटल रोड, असंध रोड, सनौली रोड और बरसत रोड के साथ ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया की मुख्य सड़क की सफाई। इस पर 94 लाख रुपए महीना खर्च आता है।
  • 53 मार्केट की रात को सफाई के नाम पर हर माह 34 लाख।
  • सेक्टर-11/12, 25 पार्ट-1 और 29 पार्ट-1 व 2 की सफाई के लिए 45 लाख।
  • निगम के पास 565 (175 पक्के व 390 कच्चे) कर्मचारी हैं। जिसके वेतन पर करीब 1.50 करोड़ रुपए खर्च आता है।
  • सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्‌ट ने कहा कि अब पहले से कम खर्च पर बेहतर रिजल्ट आएगा।

निगम कमिश्नर आरके सिंह के सफाई पर बयान

  • छोटे लेवल पर बेहतर रिजल्ट आएगा: काम कोई भी हो, जितने छोटे लेवल पर करेंगे उसका बेहतर रिजल्ट आएगा। जनप्रतिनिधियों की इसी बात को ध्यान में रखकर इस बार पूरे शहर को सफाई के लिहाज से 4 छोटे-छोटे जोन में बांटा गया है, ताकि मॉनिटरिंग बेहतर हो सके। जनवरी से जाेन वाइज सफाई शुरू हो जाएगी।
  • कितना खर्च होगा, यह कहना मुश्किल: सफाई पर अब कितना खर्च होगा, यह कहना मुश्किल है। अभी तो टेंडर निकाला है। देखते हैं कि एजेंसी क्या रेट लगाती है। अच्छे रिजल्ट के लिए पे भी करना होगा। जहां तक बजट की बात है तो वह तो एक प्रोसेस के तहत पास होता है। इस बार भी हो जाएगा।
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