पानीपत में बनेगी प्रदेश की पहली ग्रामीण मॉडल कॉलोनी:किसानों के विरोध के बीच डिप्टी CM ने किया ग्रामीण मॉडल कॉलोनी का शिलान्यास, हिरासत में लिये 30 किसान

पानीपत5 महीने पहले
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इसराना में जननायक ताऊ देवीलाल ग्रामीण मॉडल कॉलोनी का शनिवार को शिलान्यास किया गया। - Dainik Bhaskar
इसराना में जननायक ताऊ देवीलाल ग्रामीण मॉडल कॉलोनी का शनिवार को शिलान्यास किया गया।
  • पानीपत के इसराना में 48 एकड़ में बनाई जाएगी कॉलोनी, 60% इसराना व 40% अन्य जगहों के लोग खरीद सकेंगे मकान
  • शिलान्यास के बाद कष्ट निवारण समिति में सुनी 12 समस्याएं, पुलिस-वकील के मुद्दे को बंद कमरे में सुना

डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने पानीपत के इसराना में प्रदेश की पहली जननायक ताऊ देवीलाल ग्रामीण मॉडल कॉलोनी का शनिवार को शिलान्यास किया। हालांकि डिप्टी CM को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। एक बार कार्यक्रम कैंसिल होने की बात चली, लेकिन डिप्टी CM ने विरोध के बीच ही कॉलोनी का शिलान्यास किया। पुलिस ने 30 लोगों को हिरासत में लिया है। जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।

इसराना में डिप्टी CM का विरोध कर रहे किसानों को पीछे हटाते पुलिसकर्मी।
इसराना में डिप्टी CM का विरोध कर रहे किसानों को पीछे हटाते पुलिसकर्मी।

शिलान्यास के बाद डिप्टी CM ने लघु सचिवालय में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में कुल 12 समस्याएं सुनी। जिनमें से 6 पुरानी व 6 नई शिकायत थी। पुलिस और वकील के बीच पानीपत के गर्म मुद्दे को डिप्टी CM ने बंद कमरे में सुना। बोले कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने पानीपत के इसराना में शनिवार को प्रदेश की पहली जननायक ताऊ देवीलाल ग्रामीण मॉडल कॉलोनी का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद लोगों को शहरों की अपेक्षा ग्रामीण अंचल में रहने की चाहत बढ़ी है। इसी को देखते हुए यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। कॉलोनी का निर्माण हरियाणा रूरल डवलेपमेंट ऑथोरिटी के माध्यम से किया जाएगा।

48 एकड़ की मॉडल कॉलोनी में सभी सुविधा युक्त 180 से 500 गज तक के मकानों के साथ कम्यूनिटी सेंटर, स्कूल, पार्क, शॉपिंग कॉप्लेक्स और अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसका रेट 8000 रुपए प्रति गज रखा गया है। कॉलोनी में 60% इसराना के लोग और 40% बाकी किसी भी जगह के लोग मकान खरीद सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसराना में प्रोजेक्ट कामयाब होने के बाद प्रदेशभर में मॉडल कॉलोनी बनाई जाएंगी।

डिप्टी CM से पहले पहुंच गए किसान
मॉडल कॉलोनी का शिलान्यास करने डिप्टी CM को सुबह 9 बजे पहुंचना था। इसकी जानकारी मिलते ही किसान ट्रैक्टरों से शिलान्यास स्थल पर पहुंच गए। किसानों को देख पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ गई। एक बार प्रशासन ने शिलान्यास का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। जिसके बाद लघु सचिवालय से ही मॉडल कॉलोनी के शिलान्यास की तैयारी की गई, लेकिन डिप्टी CM ने किसानों के विरोध के बीच इसराना पहुंचकर ही कॉलोनी का शिलान्यास किया।

कष्ट निवारण समिति की बैठक में समस्या सुनते डिप्टी CM।
कष्ट निवारण समिति की बैठक में समस्या सुनते डिप्टी CM।

बंद कमरे में सुना पुलिस-वकील का मुद्दा
मॉडल कॉलोनी के शिलान्यास के बाद डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों की समस्याएं सुनी। कुल 12 समस्याएं सुनी गई। जिनमें से 6 पुरानी और 6 नई शिकायत थी। सभी शिकायतों में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 6 से 10 दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है।

पानीपत के सबसे गर्म पुलिस और वकील के मुद्दे को सुनने के बाद उन्होंने इसे बाद के लिए टाल दिया। दरअसल बिशन स्वरूप कॉलोनी निवासी वरिष्ठ एडवोकेट वेदपाल कादियान ने बताया कि वह और उनका बेटा गौरव 11 जून को सिवाह गांव से लौट रहे थे। पसीना मोड़ पर ASP पूजा वशिष्ठ व अन्य पुलिसकर्मी चैकिंग कर रहे थे। पुलिस ने उनकी गाड़ी रुकवा ली और चैकिंग करने लगे।

कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में समस्या सुनाते वकील।
कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में समस्या सुनाते वकील।

आरोप है कि ASP ने उनके बेटे से मास्क न लगाने पर सवाल किया तो उसके कहा कि वह गाड़ी में अकेला है, इसलिए मास्क नहीं लगाया। गौरव ने पुलिसकर्मियों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इन्होंने भी मास्क नहीं लगाया हुआ है। आरोप है कि इसी बात पर ASP आग-बबूला हो गईं और गौरव को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मियों से बेटे को पिटवाया और उन्हें घसीटकर अपनी गाड़ी में बैठाया व थाने ले गए।

यहां उनके मोबाइल छीन लिये और मारपीट की। पूरी रात थाने में रखने के बाद परिजनों व अन्य वकीलों के आने पर उन्हें थाने से जमानत दी गई। जबकि उनकी कोई गलती नहीं थी। एडवोकेट ने SP पर भी ASP को बचाने का आरोप लगाया। जिसके बाद डिप्टी CM ने इस मामले को दर्ज कराने वाले जोगिंद्र को हाजिर करने के आदेश देते हुए मामले को बाद में सुनने को कहा, लेकिन फिर दोनों पक्षों को अलग कमरे में ले गए।

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