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आसाराम-नारायण साईं केस गवाह 'असुरक्षित':उच्चाधिकारियों को महेंद्र चावला की शिकायत, कहा- रिकॉर्ड में 5 पुलिसकर्मी; साथ रहते सिर्फ 2

पानीपत6 दिन पहले

आसाराम बापू और उसके बेटे नारायण साईं के खिलाफ सरकारी गवाह हरियाणा के पानीपत जिले के सनौली खुर्द निवासी महेंद्र चावला को कागजों में दिखाई गई पुलिस सुरक्षा से पूरी नहीं मिल रही है। कागजों में चावला के साथ हर समय 5 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जबकि धरातल पर 2 या अधिकतम 3 ही उसके साथ रहते हैं।

इस बारे में गार्ड इंचार्ज ने चावला को कहा कि पुलिसकर्मी उसकी सुरक्षा में तंग हैं, इसलिए वे नहीं आते हैं। इस बारे में चावला ने जिला सेशन कोर्ट जज, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली, करनाल IG, राज्य गृह सचिव, राज्य मुख्य सचिव, रजिस्ट्रार हाईकोर्ट चंडीगढ़ और DGP हरियाणा को शिकायत स्वरूप चिट्‌ठी लिखी है।

20 सितंबर को कोर्ट में अगली पेशी

महेंद्र चावला ने बताया कि वह सनौली खुर्द का रहने वाला है। वह आसाराम बापू और उसके बेटे नारायण साईं के खिलाफ सरकारी गवाह है। इसके बावजूद भी पानीपत व हरियाणा पुलिस की ढीली-ढाली सुरक्षा व्यवस्था के कारण उस पर जानलेवा हमला हो चुका है। इसी मामले में 16 सितंबर 2022 को पानीपत ADJ निशांत शर्मा की कोर्ट द्वारा आरोपियों पर चार्ज फ्रेम किया गया है। मामले में कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। अब आगे गवाही शुरू होनी है, जिसकी अगली तारीख 20 सितंबर लगी है।

सुरक्षा गार्द इंचार्ज बोला- पुलिस कर्मी तंग हैं इनसे

चावला का कहना है कि पुलिस के कथित रिकॉर्ड के अनुसार, उसकी सुरक्षा में 5 जवान तैनात हैं, लेकिन मौके पर अकसर 2 ही जवान उसके साथ रहते हैं। बाकी तीन आराम पर होते हैं। कभी-कभी सुरक्षा में 3 जवान भी होते हैं, मगर आज तक 3 से ज्यादा जवान कभी भी उसकी सुरक्षा में नहीं रहे, जबकि SP पानीपत के आदेश हैं कि सभी 5 जवान मौके पर हाजिर रहेंगे व एक जवान को वीकली रेस्ट मिलेगा।

उसकी जगह थाने से दूसरा पुलिसकर्मी सुरक्षा में आएगा। 17 सितंबर को चावला ने गार्द इंचार्ज ESI अंग्रेज सिंह को कहा कि अब केस में गवाही शुरू हो रही है, इसलिए परिस्थितियों को देखते हुए 3 जवानों को मौके पर हाजिर रखें। 18 सितंबर की सुबह गार्द इंचार्ज अंग्रेज सिंह ने कहा कि पुलिसकर्मी आने से मना कर रहे हैं। सभी पुलिसकर्मी यहां पर तंग हैं, आपकी सुरक्षा ड्यूटी में कोई नहीं रहना चाहता।

पुलिसकर्मियों को यह सुविधाएं अपने खर्चें से दे रहा चावला

चावला ने लिखा कि पुलिसकर्मी 15 दिन ड्यूटी करते हैं, 15 दिन रेस्ट करते हैं, अगर फिर भी तंग हैं तो वह क्षमा प्रार्थी हैं। क्योंकि इससे ज्यादा वह सहयोग नहीं कर सकता। उसने सुरक्षा कर्मियों को रहने सोने के लिए अलग कमरा दिया हुआ है, जिसमें अटैच वॉशरूम है। बेड-बिस्तरा, गद्दे आदि भी बिछे हुए हैं। 24 घंटे बिजली की व्यवस्था है। पंखा, ताजे पानी के लिए समर्सिबल पंप भी उपलब्ध है।

यहां तक कि सर्दियों में गर्म पानी की व्यवस्था, खाना बनाने व गर्म करने के लिए गैस चूल्हा- सिलेंडर आदि तक दिया हुआ है। बाहर आने जाने के लिए हमेशा प्राइवेट गाड़ी से जाते हैं। गांव-शहर से बाहर जाने के बाद पुलिसकर्मियों पर भोजन, चाय-पानी का खर्चा भी वह वहन करता है। अगर इन सब सुविधाओं के बावजूद भी पुलिसकर्मी तंग है तो पुलिस के उच्च अधिकारी दिशा निर्देश जारी करें कि इन की तंगी दूर कैसे होगी।

क्योंकि वह इससे ज्यादा सुविधा नहीं दे सकता है। चावला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार सुरक्षा सरकारी खर्चे पर दी जाएगी, लेकिन सभी खर्चे उसे खुद ही वहन करने पड़ रहे हैं, जिसके कारण वह लोगों का कर्जदार भी हो गया है।

शिकायत में तीन मुख्य बातें रखी

- SP पानीपत के आदेशों की अवहेलना करके मात्र 15 दिन ही ड्यूटी करके तंग होने वाले पुलिस कर्मियों को तुरंत प्रभाव से बदला जाए। - जो पुलिसकर्मी आदेश का पालन करने वाले हों और अपनी ड्यूटी के प्रति निष्ठावान हों, उनको ही सुरक्षा में लगाया जाए। - पुलिस विभाग ही सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों के रहने के लिए कमरा बिजली पानी आना-जाना खाना खर्चा आदि की व्यवस्था करें। अगर यह सब व्यवस्था उसे खुद करनी है तो इसका 25 हजार महीना पुलिस विभाग को देना होगा।