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निरीक्षण:सफाईकर्मी से पूछा- फर्श पर ब्लड गिरा ताे उसे कैसे साफ कराेगे, तरीका बताया ताे टीम ने की तारीफ

पानीपत8 दिन पहले
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पानीपत. पाेस्टमार्टम हाउस में डाॅ. अरूण सफाईकर्मी से बातचीत करते हुए। - Dainik Bhaskar
पानीपत. पाेस्टमार्टम हाउस में डाॅ. अरूण सफाईकर्मी से बातचीत करते हुए।
  • राेहतक पीजीआई से आई 4 सदस्यीय टीम ने जांची सिविल अस्पताल की क्वालिटी

सिविल अस्पताल में कायाकल्प की स्टेट टीम (राेहतक पीजीआई से 4 सदस्य) मंगलवार काे इंफेक्शन कंट्रोल, मेडिकल बायोवेस्ट निस्तारण, अस्पताल में रख-रखाव, सपोर्ट सर्विसेज, क्लीनिकल-नॉन क्लीनिकल सहित सात बिंदुओं पर निरीक्षण करने पहुंची। इंचार्ज डाॅ. अरूण ने इमरजेंसी वार्ड में सफाईकर्मी से पूछा कि फर्श पर मरीज का खून गिर जाए ताे उसे कैसे साफ कराेगे। सफाईकर्मी ने सही उत्तर बताया ताे टीम ने तारीफ की।

इसके बाद डाॅक्टर अरूण ने स्टाफ नर्साें से पूछा कि किस-किस ने काैन सी वैक्सीन लगाई है। सभी ने हामी भरी। इसके बाद टीम पाेस्टमार्टम हाउस में पहुंची। जहां एसी से पानी से टपक रहा था और वाॅशफेशन सही तरीके से नहीं लगा था ताे टीम इसे ठीक करने के लिए कहा है। टीम ने पार्काें की सफाई, अस्पताल परिसर में सफाई और आउट एरिया काे भी अच्छा बताया है। टीम में राेहतक से माइक्राेलाॅजिस्ट डाॅ. अरूण, साइक्रेटिक डाॅ. मनाेज, क्वालिटी कंसलटेंट इंदू, एडमिन असिस्टेंट यशपाल माैजूद रहे।

अस्पताल में निरीक्षण कर टीम ने ये दी हिदायतें, ताकि नेशनल टीम आए ताे और ज्यादा सुधार मिले

  • नई मेडिकल बायाेवेस्ट का करें इस्तेमाल।
  • सिंगल प्लास्टिक बैग की जगह अब डबल बैग का इस्तेमाल करें।
  • ग्लब्स का रीयूज करें, सैनिटाइज करें।
  • स्टाफ नर्साें से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी काे अपडेट ट्रेनिंग दें।
  • सफाई सबसे पहले, इसलिए सफाई पर सबसे ज्यादा फाेकस करें।
  • अस्पताल में जाे चीज जहां उसके साइन बाेर्ड सहित पूर्ण जानकारी लिखें।

2020 में तीसरे नंबर पर आया था पानीपत

बता दें कि हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए अक्टूबर-2019 में कायाकल्प पुरस्कारों की घोषणा की थी। चमचमाती बिल्डिंग होने के बावजूद सिविल अस्पताल नौवें नंबर पर रहा था। सोनीपत का अस्पताल बाजी मारते हुए 50 लाख रुपए जीत गया था, पानीपत के हिस्से में मात्र तीन लाख रुपए आए थे। इससे पिछली साल यानी 2020 में पानीपत तीसरे नंबर पर आया था, तब भी 3 लाख रुपए उनके हिस्से में आए थे। अब अस्पताल प्रशासन काे इस बार उम्मीद है कि उनका पहला स्थान आएगा क्याेंकि पिछले दाे सालाें में बहुत सी चीजाें में सुधार किया गया है।

अब आएगी नेशनल टीम
डिप्टी एमएस डाॅ. अमित पाेरिया ने बताया कि पूरी प्रक्रिया के आधार पर एक सप्ताह में शासन को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके भेज दी जाएगी। इसी आधार पर अस्पतालों की रैंक का निर्धारण किया जाएगा। पहली रैंक हासिल करने वाले अस्पतालों को 50 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। जहां सुधार की आवश्यकता होगी, उन्हें भी चिह्नित किया जा रहा है। टीम की निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्र सरकार की टीम भी अस्पतालों का निरीक्षण करेगी। इसका उद्देश्य अस्पतालों में क्वालिटी कंट्रोल की स्थिति परखना और इसी आधार पर आवश्यक सुधार करना है।

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