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  • Bank Workers Tell That The Senior Citizens Standing In Wait For The Bus Cheated The Money And Jewelry, On Suspicion, The Crooks Ran Away From The Car By Showing Knives.

पानीपत में लिफ्ट देकर ठगी:बैंककर्मी बता बस के इंतजार में खड़े सीनियर सिटीजन से रुपए और गहने ठगे, शक होने पर विरोध किया तो चाकू दिखाकर कार से उतारकर भागे बदमाश

पानीपत3 महीने पहले
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पीड़ित सुरेश। - Dainik Bhaskar
पीड़ित सुरेश।
  • नाेएडा से कैथल भतीजे की शादी में जा रहे थे पीड़ित, पानीपत में ठगे गए
  • पितरों के कपड़ों पर चढ़े रुपयों की मदद से वापस पहुंचे घर, ठगों पर केस दर्ज

पानीपत बस स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़े सीनियर सिटीजन को चार ठगों ने बैंककर्मी बताकर अपनी कार में बैठा लिया। टोल प्लाजा से आगे जाने के बाद ठगों ने साजिश करके अपने और सीनियर सिटीजन के रुपए व जेवर एक लिफाफे में रखवा लिये। शक होने पर पीड़ित ने विरोध किया तो बदमाशों ने चाकू दिखाकर कार से उतारकर भाग गए। पीड़ित ने सिटी थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

नोएडा के सेक्टर-43 निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि कैथल में उनके भतीजे दीपक की शादी थी। वह शनिवार को बस से नोएडा से पानीपत पहुंचे। कैथल के लिए सीधी बस नहीं मिली तो वह असंध जाने वाली बस में बैठ गए। वह बस में अकेले थे। तभी दो युवक बस में आए और GT रोड से सीधे कैथल के लिए वाहन मिलने की बात कही।

वह भी उन युवकों के साथ बस स्टैंड से बाहर आ गए। बाहर एक कार मिली। जिसमें दो युवक पहले से सवार थे। वह भी कार में बैठ गए। पानीपत टोल प्लाजा पार करने के बाद ड्राइवर ने कहा कि गाड़ी बैंक की है और वह भी बैंककर्मी है। ड्राइवर ने कहा कि रास्ते में कोई अधिकारी मिलें, तो खुद को सवारी न बताना और जो भी कीमती सामान है वह एक लिफाफे में डाल दो।

बाकी लोगों ने भी अपने रुपये और जेवर लिफाफे में डाले तो उन्होंने भी अपने 8 हजार रुपये, सोने की चेन और अंगूठी एक लिफाफे में डाल दिए। ड्राइवर ने पहले सभी के लिफाफे एक साथ रखे और कुछ दूर चलकर सभी के लिफाफे वापस कर दिए। शक होने पर उन्होंने लिफाफा खोलना चाहा तो बाकी युवकों ने विरोध किया। उनके साथ मारपीट की और चाकू दिखाकर कार से उतार दिया।

पितरों की चादर पर चढ़े कपड़ों से पहुंचे वापस
सुरेश ने बताया कि उनके पास जो रुपये थे, वह सब लिफाफे में रख दिए थे। इसके बाद उनके पास कुछ नहीं बचा। कैथल में घर पर उन्हें पितरों की चादर देनी थी। उन चादर पर करीब 500 रुपये चढ़े हुए थे। उन्हीं रुपयों से वह वापस घर पहुंचे।

लिफाफे में रखे थे कागज
सुरेश ने बताया कि जो लिफाफा ठगों ने उन्हें दिया था, उसमें रुपये की जगह कागज, चेन की जगह तार और अंगूठी की प्लास्टिक का छल्ला रखा हुआ था।

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