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अस्पताल की ही सेहत खराब है:पानीपत सिविल अस्पताल में बेड खत्म, एक बेड पर दो मरीज; जमीन पर लेटकर इलाज करा रहे कोरोना पेसेंट

पानीपत3 महीने पहले
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सिविल अस्पताल के कोरोना वार्ड के बाद इमरजेंसी का भी बुरा हाल। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल के कोरोना वार्ड के बाद इमरजेंसी का भी बुरा हाल।

कोरोना की दूसरी लहर घातक होती जा रही है। कोरोना के रोजाना रिकॉर्ड केस सामने आने के बाद सिविल अस्पताल में बेड फुल हो चुके हैं। प्राइवेट अस्पताल पहले से ही फुल हैं। सिविल अस्पताल के कोरोना वार्ड में बेड फुल होने के बाद कोरोना पेसेंट्स का इमरजेंसी में इलाज कराया जा रहा है। जहां एक बेड पर दो-दो मरीज होने के बाद अब मरीज जमीन पर लेटने को मजबूर हैं।

मई के छह दिनों में ही पानीपत में कोरोना के 3754 नए केस सामने आ चुके हैं। एक दिन में औसतन 625 केस रोजाना सामने आ रहे हैं। जो अब तक के सर्वाधिक हैं। रोजाना कोरोना के मामलों का रिकॉर्ड बनने के कारण सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों में बेड फुल हो चुके हैं। सिविल अस्पताल में कोरोना पेसेंट के लिए कुल 80 बेड हैं। इसके साथ सभी प्राइवेट अस्पतालों में 25 फीसद बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व रखने के आदेश हैं। इसके बाद भी पानीपत में कोरोना मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं।

सिविल अस्पताल की इंमरजेंसी में अलग से बेड की व्यवस्था करने के बावजूद स्थिति काबू में नहीं आ रही है। मरीजों को जमीन पर लेटाकर इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बाल जाटान में 300 बेड का कोविड अस्पताल शुरू होने के बाद बेड की कमी को दूर किया जा सकेगा।