साइबर क्राइम:गुड़गांव में बनाया कॉल सेंटर, ऑनलाइन प्रिंटर रिपेयर के नाम पर विदेशियों से करने लगा ठगी

पानीपत9 महीने पहले
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गुड़गांव पुलिस की गिरफ्त में आयुष समेत कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मी। - Dainik Bhaskar
गुड़गांव पुलिस की गिरफ्त में आयुष समेत कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मी।
  • विराट नगर के आयुष को ठगी में गुड़गांव पुलिस ने किया गिरफ्तार

गुड़गांव साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शनिवार को सोहना रोड स्थित सेक्टर-50 की निर्वाणा कोर्ट यार्ड में चलाए जा रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर मालिक मॉडल टाउन के विराट नगर निवासी आयुष पुत्र वेदप्रकाश पिछले दो साल से चला रहा था। जिसमें ऑनलाइन प्रिंटर रिपेयर के नाम पर विदेशी लोगों को ठगा जाता था।

छापेमारी के दौरान आयुष कॉल सेंटर के दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने साइबर क्राइम थाना में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। ठगी की वारदात को अंजाम देने में प्रयोग किया जा रहा एक मैन लैपटॉप, एक मोबाइल आरोपी आयुष से बरामद किया गया। मामले में उसका दोस्त फरार है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

रविवार को आयुष को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी। जहां से पुलिस उसका पुलिस रिमांड मांगेगी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शनिवार को सेक्टर-50 निर्वाणा कंट्री के कोर्ट यार्ड बिल्डिंग में चल रहे इजी ग्लोबल सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नामक कॉल सेंटर में छापेमारी की। जिसमें विदेशी मूल के लोगों को स्पॉट सर्विस देने के नाम पर धोखाधड़ी करने की सूचना मिली थी।

रेड करने पर कॉल सेंटर में 9 लड़के व 4 लड़कियां अंग्रेजी भाषा में हेडफोन लगाकर बात कर रहे थे और सभी के सामने कंप्यूटर सिस्टम रखे थे। आयुष ने कबूला की वह अपने साथी के साथ मिलकर कॉल सेंटर को चला रहा था। पुलिस ने जब कॉल सेंटर से संबंधित कागजात, कंपनी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, डीओटी लाईसेंस, मोड ऑफ पेमेंट आदि जानकारी मांगी तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और ना ही कोई कागजात पेश किए। तब आयुष को गिरफ्तार कर लिया। बाकी कर्मचारियो की भूमिका की जांच की जा रही है।

एक कस्टमर से प्रिंटर ठीक करने के लिए 200 से 300 डॉलर मांगते थे

ठगी की रकम का 55 प्रतिशत हिस्सा आयुष को मिलता था

कस्टमर से ऑनलाइन प्रिंटर ठीक करने के नाम पर 200 से 300 डॉलर में सौदा करता था। सौदा तय होने पर आयुष साथी को कस्टमर का नाम, मोबाइल नंबर और जितने डॉलर में डील फिक्स हुई, उसका विवरण फोन के माध्यम से दे देता था। साथी गेटवे के माध्यम से पेमेंट लेकर ठगी कर लेता था। अपना 45 प्रतिशत हिस्सा निकालकर वह बाकी के 55 प्रतिशत राशि कॉल सेंटर में आकर दे जाता था। राशि लेकर आयुष अपने साथियों को देकर बाकी आईसीआईसीआई बैंक के खाते में ट्रांसफर कर लेता था।

फेसबुक पर मिले दोस्त ने शेयर किया था आइडिया

पुलिस पूछताछ में आरोपी आयुष ने बताया कि वह बीए पास है। 2004 से 2019 तक इंडियारस ई कॉमर्स कंपनी ओखला, नई दिल्ली में नौकरी की है। इसके बाद 2019 में उसने साकेत के ग्लोबल सर्विसेज में नौकरी की, जिसमें ऑनलाइन प्रिंटर रिपेयर का काम होता था। तब उसकी फेसबुक के जरिए दिल्ली केे एक युवक से दोस्ती हो गई। उसने आयुष को बताया कि वह केनन, एचपी प्रिंटर रिपेयर के नाम पर ऑनलाइन ठीक करने के लिए यूएसए के लोगों से प्राप्त होने वाली इनबाउंड कॉल व गेटवे प्रदान करा देगा। इस प्रकार से विदेशी लोगों से ठगी कर मोटी रकम कमाई जा सकती है। तब आरोपी आयुष ने इजी ग्लोबल सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी अपने नाम पर रजिस्टर्ड करवा ली। बिल्डिंग किराए पर लेकर कॉलिंग के लिए 10 लड़को-लड़कियों को नौकरी पर रख लिया।

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