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हिंदी दिवस मनाया:शहर के स्कूलों, काॅलेजों और संस्थाओं ने हिंदी दिवस मनाया

पानीपत2 दिन पहले
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  • हिंद का प्राण है हिंदी, मेरा अभिमान है हिंदी, भारती मां की वीणा का गूंजता ज्ञान है हिंदी...

शहर के स्कूलों, काॅलेजों व संस्थाओं की ओर से मंगलवार को हिंदी दिवस मनाया गया। वहीं, मंगलम साहित्य मंच दिल्ली द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली के सुप्रसिद्ध गीतकार जय सिंह आर्य ने की। सानिध्य अतिथि की भूमिका पानीपत के वरिष्ठ कवि केसर कमल शर्मा ने निभाई। संयोजन असंध के कवि भारत भूषण वर्मा ने किया।

संचालन गीतकार संजय जैन ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कवि भारत भूषण वर्मा ने मां सरस्वती की वंदना गाकर किया। पानीपत के कवि केसर कमल शर्मा ने अपनी हास्य रचना सुनाते हुए कहा कि कभी तो मायके जा मेरी सजनी, इतना तरस तू खा मेरी सजनी, साथ हमारा खूब रहा है, दिल हमारा झूम रहा है। हिंदी दिवस पर हिंदी की महिमा पर गीत सुनाते हुए भारत भूषण वर्मा ने कहा कि हिंद का प्राण है हिंदी, मेरा अभिमान है हिंदी, भारती मां की वीणा का गूंजता ज्ञान है हिंदी।

गाजियाबाद से धीर सुप्रिया श्रीवास्तव ने अपनी रत्ना सुनाते हुए कहा कि परिधान यथोचित धारण कर लेना, ललाट चमके तिलक या बिंदी, विश्व स्तरीय ज्ञान अर्जित कर लाएं पर माध्यम हो हिंदी। मनोज अबोध ने कहा कि चला रहे जो थोक में हिंदी की चौपाल, अंग्रेजी स्कूल में पढ़ते उनके लाल। संजय जैन ने सुनाया कि न काजल की बात कर न बिंदी की बात कर.. हिंदी मन की भाषा है बस हिंदी की बात कर। डॉ. जय सिंह आर्य ने सुनाया कि थके-थके से दीखते, हिंदी मां के पांव, गूंगा, बहरा हो गया, निज भाषा का गांव।

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