धरना असरदार:26 फरवरी तक नई मिल तैयार करने का दावा, चीफ इंजी. बोले- 10 मार्च से किसान गन्ना गिरा दें

पानीपत9 दिन पहले
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बैठक में एमडी ने कहा 26 फरवरी तक मिल बनकर तैयार हो जाएगी।(फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
बैठक में एमडी ने कहा 26 फरवरी तक मिल बनकर तैयार हो जाएगी।(फाइल फोटो)

डाहर स्थित निर्माणाधीन शुगर मिल में किसानों का शुक्रवार का धरना असरदार रहा। धरना खत्म करते समय समझौते के तहत शनिवार को नई मिल परिसर में किसानों की पांच सदस्यीय कमेटी के साथ शुगर मिल के एमडी नवदीप नैन और उत्तम कंपनी के चीफ इंजीनियर राजकुमार धीमान की बैठक हुई। कंपनी के चीफ इंजीनियर ने किसानों को जल्दी ही मिल शुरू करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा-”26 फरवरी तक मिल बनकर तैयार हो जाएगी। 10 मार्च से आप गन्ना गिराएं।’ किसान जयकुवार कादियान की अगुवाई में नरेंद्र सिंह पूर्व सरपंच महराना, रणबीर सिंह सिवाह, रणबीर सिंह कुराड़, गुलाब सिंह बिहोली और टीनू बिहोली बैठक में शामिल हुए।

200 श्रमिक और कुछ रेवेन्यू का इंतजाम करने में एमडी करेंगे सहयोग

200 वर्कर व रेवेन्यू की सहायता का दिया भरोसा
चीफ इंजीनियर ने कहा कि बजट की कमी है। साथ ही वर्कर भी चाहिएं। चीफ इंजीनियर ने एमडी के साथ किसानों से भी सहयोग मांगा। एमडी ने रेवेन्यू उपलब्ध कराने का भरोसा दिया, साथ ही सभी मिलकर वर्कर भी कंपनी को उपलब्ध कराएंगे।

नई मिल से 15.78% बढ़ जाएगा उत्पादन
1957 में बनी गोहाना रोड स्थित मिल में 1 क्विंटल गन्ने से 9.50 किलोग्राम चीनी का उत्पादन होता है। नई मिल से 11 किलोग्राम चीनी मिलेगी। जब एक क्विंटल में 1.5 किलोग्राम चीनी का उत्पादन बढ़ जाएगा तो गन्ने की कीमत भी ज्यादा मिलेगी।

जानिए, क्यों किसानों का धैर्य दे रहा है जवाब
पानीपत के 4000 किसान हर साल करीब 70 क्विंटल गन्ने का उत्पादन करते हैं। इस बार किसानों के साथ 72 लाख क्विंटल गन्ना लेने की मिल ने बांडिंग की है। चूंकि, पुरानी मिल में 30 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई ही हो पाती है। इसलिए, इस सीजन नई मिल में पेराई जरूरी है। इसलिए किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है।

फायदे... मिल के बारे में

  • 354 करोड़ की लागत से 7 मार्च 2019 को मिल का निर्माण शुरू हुआ था।
  • फरवरी 2020 में मिल बनकर तैयार होनी थी, अब तक नहीं बनी है।
  • पुरानी मिल का प्रभाव गोहाना रोड ही नहीं जाटल रोड के आसपास की कॉलोनियों में रहने वालों पर भी पड़ रहा है। मिल से वार्ड-17, 18, 19 के साथ ही अन्य वार्ड के लोग बदबू और चिमनियों के प्रदूषण से परेशान हैं।
  • नई मिल से समालखा, बापौली और सनौली एरिया से गन्ना लेकर आने वाली ट्रैक्टर ट्रॉली शहर में नहीं आएगी। वह रोहतक बाईपास से डाहर चली जाएगी।
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