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निगम में फिर भ्रष्टाचार:घालमेल- नगर निगम ने वैध प्राॅपर्टी आईडी से जारी किया अवैध कॉलोनी में खाली प्लॉट का नो ड्यूज सर्टीफिकेट

पानीपत8 दिन पहले
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सिद्धार्थ नगर में बना मकान। - Dainik Bhaskar
सिद्धार्थ नगर में बना मकान।
  • असली प्रॉपर्टी आईडी वाले एनडीसी लेने निगम गए तो खुली पोल

पानीपत नगर निगम में एक और भ्रष्टाचार सामने आया है। मामला अवैध कॉलोनी के खाली प्लॉट के नाम से एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) जारी करने का है। वैध कॉलोनी सिद्धार्थ नगर की एक प्राॅपर्टी आईडी से निगम अफसरों ने अवैध कॉलोनी के एक खाली प्लॉट के नाम एनडीसी जारी कर दी। इसी एनडीसी के आधार पर अवैध कॉलोनी के प्लॉट की तहसील में रजिस्ट्री भी हो गई।

अब जब असली प्रॉपर्टी आईडी वाले जब एनडीसी लेने निगम गए तो निगम ने एनडीसी के लिए जीरो प्रॉपर्टी टैक्स का बिल थमा दिया। जिस पर अवैध कॉलोनी के प्लॉट की मालकिन का नाम था। तब जाकर भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ। मामला सामने आते ही नगर निगम कमिश्नर आरके सिंह ने मंगलवार शाम हाउस टैक्स ब्रांच के अफसरों से फाइल मांग ली।

इन 2 पाॅइंट से समझिए क्या है मामला-

दूसरे के प्रॉपर्टी आईडी नंबर से खाली प्लॉट के नाम जारी किया एनडीसी

सिद्धार्थ नगर के मानुष ने 100 वर्ग गज का मकान इसी कॉलोनी में रहने वाले मेहर सिंह के नाम बेचा। इस प्लॉट पर दो मंजिला मकान बना हुआ है। इस जमीन की मेहर के नाम रजिस्ट्री करानी थी। इसलिए मानुष निगम में एनडीसी लेने गए तो निगम वालों ने बताया कि इस प्रॉपर्टी आईडी पर तो कमला देवी पुत्री दाता राम हरिनगर का नाम है। फिर, हाउस टैक्स का बिल निकलवाया तो उसमें जीरो मिला।

100 वर्ग गज की आईडी, 200 के नाम एनडीसी

निगम कर्मचारियों ने कितनी धांधली की यह देखिए। प्रॉपर्टी आईडी 100 वर्ग गज के मकान की थी, वह भी वैध कॉलोनी सिद्धार्थ नगर की। इसी कॉलोनी में कुछ हिस्सा अवैध है। हाउस टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों ने मिलीभगत करके सिद्धार्थ नगर की अवैध जमीन के 200 वर्ग गज के खाली प्लॉट के नाम वह प्रॉपर्टी आईडी चढ़ाकर कमला देवी के नाम एनडीसी जारी कर दिया। अब उस जमीन की रजिस्ट्री भी हो चुकी है।

उदाहरण: असली आदमी के कैसे चक्कर कटवाते हैं निगम वाले-

280 वर्ग गज के मकान को कराना चाहते हैं किसी दूसरे के नाम

मंगलवार को अंसल निवासी गौरव भी एनडीसी के लिए भटक रहे थे। गौरव का पचरंगा बाजार में 280 वर्ग गज में पुश्तैनी मकान है। 10 साल से यह बंद है। गौरव इसकी दूसरे के नाम रजिस्ट्री करवाना चाहते हैं, इसलिए एनडीसी चाहिए। कई चक्करों के बाद 9 जुलाई को निगम का स्टाफ मौके पर गया। गौरव के साथ मकान की फोटो की, लेकिन एनडीसी जारी नहीं किया। इस पर अफसर ने लिख दिया कि कैटेगरी स्पष्ट नहीं है। अब तक एनडीसी जारी नहीं हुआ है।

अब जानिए... निगम कैसे जारी करता है किसी प्लाॅट की एनडीसी

किसी प्लॉट का एनडीसी जारी करने से पहले नगर निगम के कर्मचारी उस प्लॉट के साथ मालिक का फोटो लेते हैं। मौके का मुआयना करने के बाद जब निगम कर्मचारी की तसल्ली हो जाती है तब निगम से एनडीसी जारी होता है।

हाउस टैक्स ब्रांच के 3 कर्मचारियों की मिलीभगत आई सामने

मानुष ने कहा कि हाउस टैक्स ब्रांच के तीन कर्मचारी इसमें लिप्त हैं। जिसमें वार्ड क्लर्क, एडीए और टैक्स सुपरिंटेंडेंट शामिल हैं। बड़ा सवाल यह है कि किस आधार पर एनडीसी जारी किया गया। क्या इसकी भी फोटोग्राफी हुई या सब कुछ फर्जीवाड़ा किया गया।

फिलहाल तो कमला देवी के नाम से नोटिस जारी किया गया है। इसकी फाइल मंगाई है। चेक करने के बाद पता चलेगा कि नियमों का पालन हुआ या नहीं। इसके बाद जो भी शामिल होंगे, कार्रवाई की जाएगी।-आरके सिंह, कमिश्नर, नगर निगम

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