पानीपत में ALM से 22 लाख हड़पे:बिजली निगमकर्मी बने शिकार; इंश्योरेंस पॉलिसी में फेरबदल करने के नाम पर महिला समेत 12 ने ठगा

पानीपत4 महीने पहले
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इसराना थाना पुलिस कर रही मामले की कार्रवाई। - Dainik Bhaskar
इसराना थाना पुलिस कर रही मामले की कार्रवाई।

हरियाणा के पानीपत जिले में बिजली निगम के ALM से 22 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। महिला समेत 12 ठगों ने ALM को इंश्योरेंस पॉलिसी में फेरबदल करने के बहाने धोखा दिया। उन्होंने अलग-अलग कारण बताकर पैसे अपने खातों में डलवा लिए। अब ठगों ने उसके फोन भी सुनने बंद कर दिए हैं। खुद के साथ ठगी होने के बारे में पता लगने पर पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक महिला समेत 12 नामजद लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 व 420 के तहत केस दर्ज कर लिया है।

यूं फंसाया ठगों ने ALM को अपने जाल में
इसराना थाना पुलिस को दी शिकायत में रमेश कुमार ने बताया कि वह गांव डाहर का रहने वाला है। वह बिजली निगम में बतौर ALM पद पर गांव डाहर स्थित पावर हाउस में कार्यरत है। 19 दिसंबर 2014 को उसने LIC की एक पॉलिसी करवाई थी, जिसकी दिसंबर 2018 तक किस्त बिल्कुल ठीक से भरी गई। अगस्त 2021 में उसके फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को LIC हेड ऑफिस चंडीगढ़ से बताया। उसने कहा कि जिस एजेंट एडवाइजर से आपने पॉलिसी करवाई थी, वह एजेंट आपकी पॉलिसी से अपना पालन पाषण कर रहा है। पॉलिसी का सारा बेनिफिट एजेंट के खाते में जाएगा। इसे ठीक करने के लिए मैं आपकी ओर से एक शिकायत डाल रहा हूं, जिससे पॉलिसी का पूरा बेनिफिट आपको ही मिल जाएगा।

कुछ देर बाद रमेश के पास GBIC हेड दिग्विजय सिंह का फोन आया, जिसने उसे LIC पॉलिसी कैंसिल करने और दूसरी पॉलिसी करने के बारे में बताया। दूसरी पॉलिसी के तहत उसने HDFC लाइफ इंश्योरेंस की दो पॉलिसी सहित लगभग साढ़े 4 रुपए की पॉलिसी करवाई। इसके बाद 21 अगस्त 2021 को पुनीत चौहान, प्रेम चंद गुलाटी, मनीष पांडे, अंकित चौहान, हिमाशु ठाकुर, वीरेंद्र फंड डिपार्टमेंट, दीपक, तुलसी दास पटेल, DK RAO,सत्यप्रकाश पांडे, अंकित तिवारी व महिला पीएस शर्मा आदि सभी ने मिलकर लगभग 17 लाख 50 हजार रुपए की ट्रांजेक्शन चेक द्वारा व फोन पे द्वारा अपने खातों में NOC, GST, IP एड्रेस समेत अन्य कारणों का हवाला देकर 22 लाख रुपए डलवा लिए।

19 लाख की लिया है ब्याज पर कर्ज
रमेश ने बताया कि ठगों ने उसे बार-बार धमकाया कि वे उसकी पॉलिसी कैंसिल करवा देंगे। उसके रुपए रुक जाएंगे, जिस कारण वह रुपए देता चला गया। अब ठगों ने उसका फोन भी सुनना बंद कर दिया है। रमेश का कहना है कि उसने इन 22 लाख रुपए में से करीब 19 लाख रुपए मार्केट से 2 प्रतिशत ब्याज पर लिए हुए हैं। इसके अलावा उसकी जमा पूंजी 3 लाख रुपए भी ठग हड़प गए। खुद के साथ ठगी होने का पता लगने पर वह बीमार भी हो गया है।

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