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पुलिस कार्रवाई:37 एकड़ जमीन बेचने के नाम पर सवा दाे कराेड़ की ठगी में डीड राइटर सतनाम मिगलानी गिरफ्तार

पानीपतएक महीने पहले
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सतनाम दास मिगलानी। - Dainik Bhaskar
सतनाम दास मिगलानी।

मतलाैडा के लाेहारी के पास फर्जी मालिक बना 37 एकड़ जमीन बेचने के नाम पर 2.32 कराेड़ रुपए की ठगी के मामले में डीड राइटर एवं सनातम धर्म संगठन के वाॅइस चेयरमैन सतनाम दास मिगलानी काे गिरफ्तार किया है। आराेप है कि सतनाम व अन्य ने 4 लाेगाें काे यह जमीन 15.91 कराेड़ में बेचने का साैदा किया था। रकम लेकर उन्हें इकरारनामा दिया, जिसमें 24 लाेगाें के नाम थे।

पुलिस काे सभी ने बयान दिए कि इकरारनामे पर साइन, फाेटाे और आधार कार्ड उनके नहीं हैं। सब फर्जी तैयार किए हैं। बुधवार काे पुलिस ने आराेपी सतनाम मिगलानी काे काेर्ट में पेश किया। जहां से उसे 4 दिन के रिमांड पर साैंपा गया है।

माेहाली के दिनेश बंसल, सफीदाें के प्रदीप कुमार, असंल के संदीप कुमार और जगन्नाथ विहार के सुभाष चंद्र की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने 20 अप्रैल काे सुखदेव नगर निवासी सतनाम, बेटे महेश मिगलानी, प्राॅपर्टी डीलर किशनपुरा निवासी बिजेंद्र पुत्र टेकचंद, लाेहारी निवासी पवन पुत्र दया सिंह, महाबीर पुत्र फूल सिंह, जसमेर पुत्र ईश्वर सिंह और जसविंद्र पुत्र ईश्वर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था।

जमीन पर लाेन की बता एक कराेड़ मांगे

जुलाई 2020 में डीड राइटर व उसके बेटे ने पीड़िताें को बताया कि कुछ लाेग लाेहारी के पास करीब 37 एकड़ जमीन बेचना चाहते हैं। वो सस्ते रेट में दिला देंगे। वैसे 50 लाख रुपए प्रति एकड़ कीमत है। आराेप है कि पिता-पुत्र व प्राॅपर्टी डीलर बिजेंद्र ने एक-एक प्रतिशत कमीशन मांगा। तीनाें ने कब्जे तक की जिम्मेदारी ली। पवन, महाबीर, जसमेर, जसविंद्र व अन्य काे जमीन का मालिक बताया।

जमीन के कागजात की फाेटाेकाॅपी दी। करीब 43 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से साैदा हुआ। 14 अगस्त से 5 सितंबर तक डेढ़ कराेड़ रुपए लेकर आराेपियाें ने 4 इकरारनामे किए। फिर कहा कि जमीन पर लाेन है। रजिस्ट्री से पहले लाेन चुकाना हाेगा और एक कराेड़ रुपए मांगे। तब 80 लाख दिए। भराेसा दिया कि सारे लाेन चुकाकर 21 जनवरी काे रजिस्ट्री करा देंगे।

5 बैंकाें की एनओसी भी फर्जी लाए

पीड़िताें ने रजिस्ट्री से पहले स्टांप खरीदकर आराेपी पिता-पुत्र व प्राॅपर्टी डीलर काे दिए, लेकिन रजिस्ट्री वाले दिन अाराेपियाें ने कहा कि पूरा लाेन नहीं चुक पाया, ढाई लाख और लिए। 10 मार्च काे सतनाम व महावीर ने पीड़िताें काे मतलाैडा तहसील बुलाया। वहां पटवारी काे एनओसी की एक-एक प्रति दी।

एनओसी देख पटवारी ने शक जताया कि ये नकली है। तब सतनाम व महावीर फरार हाे गए। जांच में पांचाें एनओसी फर्जी मिली। आराेपियाें नेे कुल 2 कराेड़ 32 लाख 50 हजार रुपए की ठगी की। कई बार पंचायत हुई ताे आराेपियाें ने रुपए लाैटाने का भराेसा दिया, लेकिन नहीं लाैटाए। तब पीड़िताें ने केस दर्ज कराया।

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