काेराेना महामारी के बीच डेंगू का डकं:डेंगू का खतरा बढ़ा, 5 नए केस मिले, कुल 19 हुए

पानीपत20 दिन पहले
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काेराेना महामारी के बीच डेंगू के कंफर्म केस बढ़ना जिलावासियों के लिए खतरे की घंटी है। मलेरिया विभाग के हेल्थ इंस्पेक्टर जसमेर सिंह ने बताया कि डेंगू के 5 और केसाें की पुष्टि हुई है। तीन केसों की जानकारी खानपुर, एक की मेरठ और एक की कैथल से मिली है। इनमें एक संजय चौक सनौली रोड, दूसरा पानीपत का है लेकिन काॅलोनी का नाम नहीं है। दोनों केस ट्रेस भी नहीं हो सके हैं। एक केस गांव सुताना व एक धूपसिंह नगर का है। जिले में डेंगू केसों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। पिछले 5 सालाें में 909 केस सामने अा चुके हैं।

एंटी लार्वा एक्टिविटी व फॉगिंग करवाई

जिला मलेरिया अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. सुनील संडूजा ने बताया कि जहां भी डेंगू पॉजिटिव केस मिले हैं, वहां एंटी लार्वा एक्टिविटी कराई गई है। मरीजों के आसपास करीब 70 घरों में कूलर, रेफ्रीजरेटर ट्रे, गमले, होदी, पानी की टंकी में मच्छरों के लार्वा की जांच कराई गई। 10 से ज्यादा घरों में लार्वा मिला, उन्हें नोटिस दिया गया।

फोगिंग का कार्य जारी है। डा. संडूजा ने मच्छरों से बचाव के लिए सभी उपाय अपनाने के जिलावासियों से अपील की है। बुखार आने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श और जांच की करानी चाहिए। डाॅ. सुनील ने बताया कि निजी अस्पतालों में डेंगू आशंकित मरीजों का कार्ड टेस्ट किया जाता है, ताकि जल्द रिपोर्ट मिल सके, तुरंत इलाज शुरू हो सके। विभाग इस टेस्ट की रिपोर्ट को सही नहीं मानता। डेंगू कंफर्म के लिए एनएन-1 टेस्ट कराया जाता, यह बुखार के चार दिन बाद होता है। डेंगू पुष्टि के लिए सरकार भी इसी टेस्ट का मान्यता देती है।

डेंगू की डेन-2 सबसे खतरनाक

डेंगू के डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 सीरोटाइप हैं। डेन-2 सबसे खतरनाक है, इसमें डेन-3 स्ट्रेन के म्यूटेशन की आंशका है। डबल म्यूटेशन से स्ट्रेन और खतरनाक हो जाता है। इससे तंत्रिका तंत्र, बोनमेरो, हृदय, किडनी, लीवर समेत शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। प्लेटलेट्स भी तेजी से कम होती हैं।

आयुष्मान कार्ड से करा सकते हैं डेंगू मलेरिया का इलाज

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पैनल वाले निजी अस्पतालों में पात्र मरीज हेमरेजिक डेंगू फीवर, जटिल मलेरिया का इलाज निशुल्क करा सकते हैं। पात्र मरीज को इलाज मिलने में दिक्कत आती है तो सिविल अस्पताल में योजना के नोडल अधिकारियों से मदद मांग सकते हैं। नोडल अधिकारी डाॅ. मनीष पासी ने बताया कि सरकार ने वेबसाइट पर हेमरेजिक डेंगू फीवर, जटिल मलेरिया के कोड जारी किए हुए हैं। इन दोनों बीमारियों का इलाज पैनल वाले निजी अस्पतालों में फ्री कराया जा सकता है।

इस तरह घटे-बढ़े केस

साल केस
2017 469
2018 133
2019 04
2020 272
2021 19
(7 अक्टूबर शाम तक)

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