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  • Despite The Annual Expenditure Of Rs 3.20 Crore On Maintenance, Potholes In The Roads Emerged In The Rain, Bypassing The Solution

पानी में बहा पैसा:मेंटेनेंस पर सालाना 3.20 करोड़ रुपए खर्च के बावजूद बारिश में उभरे सड़कों के गड्‌ढे, समाधान दरकिनार

पानीपत17 दिन पहलेलेखक: सुभाष राय
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पानीपत. सेक्टर-25 की टूटी सड़क पर भरे पानी से गुजर रहे वाहन। - Dainik Bhaskar
पानीपत. सेक्टर-25 की टूटी सड़क पर भरे पानी से गुजर रहे वाहन।
  • जिले में 1795.75 किमी लंबा है सड़कों का नेटवर्क, जिसमें 30% कंक्रीट व टाइल्स के रोड

बारिश आते ही सड़कों के गड्‌ढे उभर आए हैं। कहीं ताे इतना अधिक पानी भरा है कि शहरवासी गिर रहे हैं। बारिश के बाद सितंबर-अक्टूबर में फिर से मरम्मत शुरू हाेगी। जिले में 1795.75 किलोमीटर लंबाई में सड़कों का नेटवर्क है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हर साल सड़कों की मेंटेनेंस पर 3.20 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होते हैं। जिले में करीब 30% सड़कें टाइलों और कंक्रीट की बनी हुई हैं।

शेष अन्य सड़कें तारकोल की हैं। शहर और गांवाें को जोड़ने वाली सड़कें बेशक तारकोल से बनी हाें, लेकिन शहर के बीचो-बीच अगर हर साल सड़कें टूट रही हैं तो कहीं न कहीं प्लानिंग में कमी है। शायद यही वजह है कि सेक्टर-11 एंजल मॉल के पीछे की मुख्य सड़क तीन साल से बदहाल है। मस्टिक की रोड बना दी, लेकिन पहली ही बारिश में टूट गई। सेक्टर-12 की भी कई सड़कें टूटी पड़ी हैं।

हर साल बनती 200 करोड़ से ज्यादा की नई सड़क

सड़क बनाने पर निगम सबसे अधिक करीब 120 करोड़ रुपए सालाना खर्च करता है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी करीब 73 करोड़ रुपए खर्चता है। हालांकि, इस बारे में एक्सईएन अजीत सिंह का कहना है कि नई और मेंटेनेंस पर कितना खर्च होता है, यह बताना मुश्किल है। क्योंकि नई के लिए कभी प्लानिंग आ सकती है और किसी की लाइफ पूरी हो गई तो मेंटेनेंस पर ज्यादा खर्च हो सकता है। वहीं, एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड 7 करोड़ खर्च करता है। इस बार भी इतने का टेंडर दिया है।

मेंटेनेंस के लिए 1.20 करोड़ रुपए का दिया है ठेका

नगर निगम 1.20 करोड़ से अधिक, मार्केटिंग बोर्ड 1.20 करोड़ रुपए और पीडब्ल्यूडी 80-90 लाख के करीब खर्च करता है। मार्केटिंग बोर्ड के एक्सईएन विनय रावल कहते हैं कि 2021-22 में मेंटेनेंस के लिए 1.20 करोड़ का ठेका दिया है। इसी अनुरूप में काम चलता है।

शहर में 3 मस्टिक रोड, पानी के कारण तीनों टिक नहीं पाए

  • माना जाता है कि पानी जमा होने पर भी मस्टिक की सड़क नहीं टूटती, लेकिन इस थ्योरी में दम नहीं है। क्योंकि, सेक्टर-11 में एंजल मॉल के पीछे वाली मुख्य रोड मस्टिक की बनाई गई है। शहर जानता है कि एक ही बारिश में बह गई।
  • यही हाल सालारजंग गेट से लेकर स्काईलार्क रोड तक है। जगह-जगह सड़क टूट चुकी है। क्योंकि इस रोड पर भी पानी ठहरता है।
  • तीसरी रोड है स्काईलार्क रोड से पाहूजा अस्पताल, फतेहपुरी चौक होते हुए बरसत रोड चुंगी तक। यह सड़क भी कई जगहों से टूट चुकी है। पाहूजा अस्पताल के पास ही सर्विस सेंटर वालों की वजह से हमेशा सड़क पानी से गीली रहती है।

1. पीडब्ल्यूडी

  • कुल सड़कें 268
  • कुल लंबाई 878.24 किलोमीटर
  • जिसमें, स्टेट हाईवे 39.24 किलोमीटर, मेजर रोड 8.84 किलोमीटर और अन्य जिला रोड 830.16 किलोमीटर
  • कंक्रीट रोड 87.8 किलोमीटर में

2. नगर निगम

  • कुल सड़कें 500 किलोमीटर
  • कुल लंबाई 135 किलोमीटर
  • टाइल सड़क 350 किलोमीटर में
  • कंक्रीट 50 किलोमीटर में

3. हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड

  • कुल सड़कें 150
  • लंबाई 417.51 किलोमीटर
  • कंक्रीट 94 किलोमीटर में

न्यूज सोर्स : अजीत सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, बिल्डिंग और रोड (पीडब्ल्यूडी, बीएंडआर), प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम पानीपत, विनय रावल, एक्सईएन, हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (एचएसएएमबी)

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