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अघोषित कट शुरू:बिजली खपत प्रतिदिन 88.40 लाख यूनिट पहुंची , 100 लाख पहुंचने पर ही इससे ज्यादा कट झेलने काे रहें तैयार

पानीपत21 दिन पहले
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नई केबल लगाई गई हैं, वे भी ओवर लाेड हाेते ही पंक्चर हाे जाती हैं। खुली लाइनाें में भी ज्यादातर तारें पुरानी व जर्जर हाे चुकी हैं। - Dainik Bhaskar
नई केबल लगाई गई हैं, वे भी ओवर लाेड हाेते ही पंक्चर हाे जाती हैं। खुली लाइनाें में भी ज्यादातर तारें पुरानी व जर्जर हाे चुकी हैं।
  • ओवरलाेड ट्रांसफार्मर न बदलना और समय पर सही मरम्मत न होना, बड़ी वजह
  • 20 दिन पहले तक बिजली की मांग 70 लाख यूनिट तक थी, इसलिए कम लगते थे कट

बिजली निगम एमडी शशांक कुमार आनंद ने 17 फरवरी 2021 और 27 दिसंबर 2020 की मीटिंग में पानीपत सर्कल अधिकारियाें काे सख्त निर्देश दिए थे कि शहर व गांव में जितने भी ट्रांसफार्मर ओवर लाेड हाे चुके हैं, सभी काे बदला जाए। इसके साथ-साथ लाइनाें व पावर हाउसाें की मरम्मत भी तेज गति से की जाए। ये दाेनाें ही काम स्थानीय अधिकारी पूरे नहीं कर पाए।

इसका खामियाजा आज उपभाेक्ताओं काे अघाेषित कटाें के रूप में झेलना पड़ रहा है। जहां भी बिजली लाइन में एक बार फाॅल्ट आ जाता है, वह ठीक हाेने में कम से कम 7 से 10 घंटे तक लग जाते हैं। बिजली खपत अब दिन-प्रतिदिन लगातार बढ़ने के साथ ही अघोषित कट भी बढ़ गए हैं।

20 दिन पहले तक बिजली की खपत 70 लाख यूनिट तक थी, जाेकि अब बढ़कर शनिवार काे 88.40 लाख यूनिट तक पहुंच गई। अघोषित कट भी ज्यादा लगने लगे। आने वाले दिनाें में मांग 20 लाख यूनिट तक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में शहरवासी इससे भी ज्यादा व लंबे कट झेलने काे तैयार रहें।

इन क्षेत्राें में सबसे ज्यादा बिजली कट झेल रहे लोग

सेक्टर-6 में शुक्रवार रात काे फाॅल्ट के कारण कट लगा था। शनिवार सुबह कुछ देर बिजली आई, इसके बाद फिर चली गई। फिर दाेपहर तक फाॅल्ट ठीक हाे पाया। वहीं, छाजपुर व आसपास के गांवाें में 25 मई की रात फाॅल्ट आने से कट लगा था। करीब 8 घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी।

काबड़ी राेड एरिया, कच्चा काबड़ी फाटक व गंगा राम काॅलाेनी में 28 मई काे फाॅल्ट अाया। दिनभर लोग परेशानी रहे। किशनपुरा एरिया में शुक्रवार शाम और रविवार सुबह लाइनाें में फाॅल्ट आने से बिजली प्रभावित रही।

ये 4 काम जाे बिजली निगम अधिकारियाें काे गर्मी से पहले कराने थे

1. ओवर लाेड ट्रांसफार्मराें काे चिह्नित कर उनकी जगह नए ज्यादा क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाने थे। 2. सभी लाइनाें व पावर हाउस की मरम्मत गर्मी बढ़ने से पहले ही पूरी कर देनी थी। 3. जर्जर व कंडम लाइनाें काे बदलकर उनकी जगह नई केबल व कंडक्टर लगाने थे। 4. रात में लगने वाले फाॅल्ट ठीक करने के लिए विशेष रूप से टीमें बनानी थीं।

जून के दूसरे सप्ताह में मांग 90 लाख यूनिट तक पहुंचने की रहेगी संभावना

बिजली की मांग 60 दिन में प्रतिदिन 25 लाख यूनिट तक बढ़ गई है। एक अप्रैल को 63 लाख यूनिट, 11 अप्रैल काे 73 लाख यूनिट और 25 अप्रैल काे 77 लाख यूनिट तक हाे गई थी। प्रतिदिन मांग बढ़ती जा रही है। जून के दूसरे सप्ताह में मांग 90 लाख यूनिट तक पहुंचने की पूरी संभावना है। जुलाई में ताे 100 लाख यूनिट प्रतिदिन से भी पार हाे जाएगी।

लाेड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर और लाइन नहीं सह पाते, इसलिए होते हैं फाॅल्ट

लाेड 70 लाख यूनिट पार हाेते ही लाइन व ट्रांसफार्मराें में फाॅल्ट शुरू हाे जाते हैं, क्याेंकि इस समय जिले में लगे 19 हजार ट्रांसफार्मराें में से ज्यादातर ओवर लाेड हैं। इससे जंफर व क्वाइल में फाॅल्ट आते हैं। वहीं, जाे नई केबल लगाई गई हैं, वे भी ओवर लाेड हाेते ही पंक्चर हाे जाती हैं। खुली लाइनाें में भी ज्यादातर तारें पुरानी व जर्जर हाे चुकी हैं।

अब आधे से भी कम हाे गए हैं अघोषित कट : एक्सईएन

जनता के सहयाेग के बिना ट्रांसफार्मर व लाइन बदलना बहुत मुश्किल हाे गया है। तहसील कैंप के लाेग नया ट्रांसफार्मर लगने ही नहीं दे रहे। ऐसे ही अन्य जगहाें पर हाल है। बाकी पहले की तुलना में अब बिजली के अघोषित कट आधे से भी कम हाे गए हैं। कई जगहाें पर तेज हवा व बारिश के कारण भी बिजली लाइनाें में पेड़, हाेर्डिंग बाेर्ड व अन्य सामान गिरने भी फाल्ट आते हैं। फाल्ट आते ही समाधान कराने का भी प्रयास किया जाता है। टीम मजबूती से काम कर रही हैं।
- संजीव कुमार, एक्सईएन, बिजली निगम।

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