कालाबाजारी राेकने में कमेटी असफल:परिजनाें ने सीएमओ से की शिकायत, 35 हजार में मिल रहा एक रेमडेसिविर का इंजेक्शन

पानीपत7 महीने पहले
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बाहर से जुगाड़ से 35 से 40 हजार रुपए में एक इंजेक्शन मिल रहा है।  - Dainik Bhaskar
बाहर से जुगाड़ से 35 से 40 हजार रुपए में एक इंजेक्शन मिल रहा है। 

रेमडेसिविर की कालाबाजारी काे राेकने के लिए सिविल सर्जन डाॅ. संजीव ने तीन सीनियर डाॅक्टर और ड्रग कंट्राेलर की कमेटी बनाई। कमेटी काे बनाए एक सप्ताह हाे चुका है, लेकिन रेमडेसिविर इंजेक्शन काे कैसे डिस्ट्रीब्यूट हाेगा, कैसे लाेगाें काे मिले, ये सब करने में कमेटी असफल हाे रही है क्याेंकि लाेगाें काे इनसे रेमडेसिविर नहीं मिल रहे और बाहर से जुगाड़ से 35 से 40 हजार रुपए में एक इंजेक्शन मिल रहा है।

इस कमेटी के पास पिछले तीन दिनाें में ही 40 से ज्यादा डिमांड पेंडिंग है, लेकिन किसी काे भी रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं करा पाए हैं। वहीं लाेगाें का आराेप है कि ड्रग कंट्राेलर ऑफिसर फाेन तक नहीं उठा रही है। सीएमओ काे प्रेम अस्पताल से आई सलारगंज के पास की रहने वाली शगुन ने बताया कि कालाबाजारी जाेराें पर है। मेरे पिता काे रेमडसिविर इंजेक्शन चाहिए थे, हमने 35-35 हजार में खरीदें हैं। ये सिर्फ मैनें नहीं और भी परिजनाें ने 35 से 40 हजार रुपए में इंजेक्शन खरीद रहे हैं।

7 गाेली 24 हजार रुपए की।

ड्रग कंट्राेलर ऑफिसर फाेन तक नहीं उठा रहे

परिजनाें ने सिविल सर्जन डाॅ. संजीव ग्राेवर काे बताया कि ड्रग कंट्राेलर काे पाॅजिटिव मरीज की डिटेल भेजी गई और आधार कार्ड भी। लेकिन काेई रिप्लाई नहीं मिलता। यहां तक की ड्रग कंट्राेलर फाेन तक नहीं उठाती है। अब जाए ताे जाए कहां। अस्पतालाें में कई लाखाें के रुपए बिल बन रहे हैं। इसपर काेई राेक नहीं है। सीएमओ ने बताया कि कमेटी बनाई गई है, उसकाे लिखित में शिकायत दीजिए कार्रवाई की जाएगी।

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