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गिरफ्तारी:नियुक्ति-पत्र पर फर्जी साइन कर सैलरी मांगने का आराेपी पूर्व पार्षद गिरफ्तार

पानीपत2 दिन पहले
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श्याम सुंदर। - Dainik Bhaskar
श्याम सुंदर।

माॅडल टाउन की एसएनएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक संजीव अराेड़ा और उनके परिवार के खिलाफ लगातार शिकायतें दे रहे वार्ड-एक के पूर्व पार्षद श्यामसुंदर खुद ही अपने जाल में फंस गए। माॅडल टाउन पुलिस ने मंगलवार काे उसे गिरफ्तार कर लिया। बुधवार काे काेर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। उस पर फर्जी इकरारनामा और नियुक्ति पत्र बनाने का आराेप है। केस में उसका बेटा गाैरव भी नामजद है।

पुलिस अभी उसकी भूमिका की जांच कर रही है। दाेनाें आराेपी शांति नगर के रहने वाले हैं। माॅडल टाउन निवासी संजीव अराेड़ा पुत्र साेमनाथ का आराेप है कि श्याम सुंदर ने पत्नी और बेटी के माध्यम से महिला थाने में रास्ता राेककर अभद्रता करने का केस कराया। पुलिस जांच में मामला झूठा पाया गया।

तब पुलिस ने आराेपी की पत्नी व बेटी के खिलाफ 182 की कार्रवाई करते हुए 28 मई 2019 काे काेर्ट में कलंदरा दिया। तब से आराेपी उसके पीछे पड़ गया। रुपए ठगने के लिए झूठी शिकायतें दी। एक शिकायत में आराेप लगाया कि कनाडा भेजने के नाम पर 55 लाख रुपए ठग लिए। श्याम सुंदर ने संजीव अराेड़ा के नाम से फर्जी इकरारनामा बनाया। जिसमें बेटे गाैरव काे गवाह बनाया। जांच में यह भी झूठा निकला।

लीगल नाेटिस तक भिजवाया

कंपनी में संजीव के साथ उनकी पत्नी सीमा भी डायरेक्टर हैं। आराेप है कि श्याम सुंदर ने कंपनी के लेटरपेड पर एक फर्जी नियुक्ति-पत्र तैयार किया। जिसमें उसने दिखाया कि सीमा ने उसे 3 लाख रुपए प्रतिमाह वेतन पर रखा है। जबकि सीमा ने एेसा काेई नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया। अक्टूबर 2020 में आराेपी श्याम सुंदर ने एक लीगल नाेटिस भेजा। तब उनकाे इसका पता चला। पुलिस ने एफएसएल में जांच कराई ताे साइन संजीव की पत्नी से मैच नहीं हुए। इसके बाद उसके खिलाफ धाेखाधड़ी का केस दर्ज किया गया। श्यामसुंदर के खिलाफ पहले भी केस दर्ज हैं।

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