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जन संकल्प से हारेगा कोरोना:दादा-दादी, माता-पिता पाॅजिटिव आए ताे 8 साल की बेटी ने रखा ख्याल, फाेन पर धार्मिक व काॅमेडियन नाटक देख रहे सकारात्मक

पानीपत19 दिन पहले
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पानीपत. सौरभ अरोड़ा व उनका परिवार। - Dainik Bhaskar
पानीपत. सौरभ अरोड़ा व उनका परिवार।
  • गंभीर संक्रमण होने के बावजूद अपनी इच्छाशक्ति से कोरोना को हराने वालों के जज्बों की कहानियां, पढ़िए आज समालखा के मॉडल टाउन के एक परिवार की कहानी... खाने में नहीं आ रहा था स्वाद, चार सदस्य मिले पाॅजिटिव, लेकिन डटकर जीते

अभी कुछ दिन पहले ही परिवार के चार सदस्य में, पत्नी टीना अराेड़ा, मां कांता देवी और पिता बृजमाेहन काेराेना से रिकवर हुए हैं। सभी हाेम आइसाेलेशन में रहे। हमने ताे पाॅजिटिव साेच और संयम से काेराेना काे हराया। हमारी रिकवरी में सबसे बड़ी भूमिका हमारी 8 साल की बेटी वान्या की भी रही।

सबसे पहले मैंने 28 अप्रैल काे तबियत खराब हाेने पर काेराेना टेस्ट कराया। मुझे खाना में काेई टेस्ट नहीं आ रहा था। फिर अचानक बुखार, खांसी और जुकाम हुआ। 3 मई काे टेस्ट की रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई।

फिर बाकि सदस्य भी पाॅजिटिव मिले। मेरे पाॅजिटिव आने के बाद मैनें बाजार से डिस्पाेजल कप, प्लेट व गिलास मंगवाए। तीन दिन तक खुद खाना बनाया, लेकिन तबियत ज्यादा बिगड़ी ताे एक हाेटल वाले खाना मंगवाया जाे हर राेज हमारे घर के गेट पर रख जाता था।

हमारी रिकवरी में साढ़े 8 साल की बेटी वान्या की भूमिका बहुत बड़ी रही। उसने ये अहसास तक नहीं हाेने दिया कि वाे उम्र में बहुत छाेटी। गेट से खाना लेकर आना, फिर उसे सबकाे देना। छाेटी 4 साल की बेटी अलीसा काे नहलाना, खाना खिलाना सहित सब काम वान्या ने ही किया।

साैरभ ने बताया कि जब हम पाॅजिटिव आए ताे काेराेना का भयानक दाैर भी था। हर राेज टीवी पर काेराेना की नकारात्मक ही खबर देखी जाती थी। पाॅजिटिव हाेने के बाद हमने टीवी देखना ही बंद कर दिया। फाेन पर ही धार्मिक कार्यक्रम और काॅमेडी हंसी-मजाक से भरी चीजें देखतें थे, ताकि सकारात्मक बने रहे।

ये नियम बरतने चाहिएं

  • मरीज अलग कमरे में रहे।
  • कमरे से हवा के आने-जाने की व्यवस्था हो।
  • मरीज अलग शौचालय का इस्तेमाल करें।
  • मरीज घर से बाहर न जाए।

होम आइसोलेशन में मरीजों को किन हेल्थ फैक्टर्स की मॉनिटरिंग करनी चाहिए?

मरीज को फीवर के अलावा ऑक्सीजन की मात्रा को जांचते रहना चाहिए। यदि ऑक्सीजन का स्तर 94 से कम है तो बिना देरी किए डॉक्टर्स से संपर्क करना चाहिए। अधिक से अधिक तरल पदार्थ लें। संतरे का जूस और मूंग दाल कम से कम दो छोटी कटोरी लें। ताजे फल खाएं।

सौरभ अरोड़ा परिवार | कोरोना वॉरियर

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