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ग्राउंड रिपोर्ट / बीच रास्ते में रोक शेल्टरों में ठहराए मजदूरों के लिए न मास्क, न जांच, सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर-दूर तक नहीं

सिटी के मंजी साहिब गुरुद्वारे में ठहरे प्रवासी मजदूर जाने के लिए हाथ जाेड़ते हुए। सिटी के मंजी साहिब गुरुद्वारे में ठहरे प्रवासी मजदूर जाने के लिए हाथ जाेड़ते हुए।
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सिटी के मंजी साहिब गुरुद्वारे में ठहरे प्रवासी मजदूर जाने के लिए हाथ जाेड़ते हुए।सिटी के मंजी साहिब गुरुद्वारे में ठहरे प्रवासी मजदूर जाने के लिए हाथ जाेड़ते हुए।

  • भास्कर की टीम ने मंगलवार काे प्रदेश के 65 शेल्टर हाेम पर जाकर पड़ताल की
  • मजदूराें के बीच जरूरी एहतियात और सावधानी के साथ हमारे साथियों ने समय बिताया

दैनिक भास्कर

Apr 01, 2020, 02:51 AM IST

पानीपत. हरियाणा में लाॅकडाउन काे सफल बनाने के लिए प्रशासन की तरफ से प्रवासियाें के ठहरने के लिए हर जिले में जरूरत के मुताबिक शेल्टर हाेम बनाए गए हैं। भास्कर की टीम ने मंगलवार काे प्रदेश के 65 शेल्टर हाेम पर जाकर पड़ताल की। मजदूराें के बीच जरूरी एहतियात और सावधानी के साथ हमारे साथियों ने समय बिताया। अधिकतर जगहों पर यह हकीकत सामने आई कि ठहराए गए प्रवासियों के लिए खाने-पीने के ताे इंतजाम कर दिए हैं। मगर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन 90 फीसदी जगहों पर नहीं हाे रहा है। वहीं मास्क से लेकर सेनिटाइजर का भी अभाव दिखाई दिया। मजदूर यहां भी परेशान हैं। कई जगह हालात सड़क के जैसे ही दिखे। जानिए... किस जिले में क्या स्थिति है...

अम्बाला जोन : हाथ जोड़ कर प्रवासी बोले- भईया हम सबको घर भिजवा दो

जीटी रोड पर मंजी साहिब गुरुद्वारे के पास सैनी धर्मशाला में बना रिलीफ कैंप। यहां करीब 200 उन प्रवासी मजदूरों, जिनमें 2 महिलाएं भी हैं, को दो दिन से ठहराया है जो पैदल ही पंजाब से यूपी-बिहार-दिल्ली की तरफ चल रहे थे। यहां दो हॉल में जमीन पर ही दरी बिछाई गई है, यहां सोशल डिस्टेंसिंग जैसी कोई व्यवस्था नहीं। गेट पर 3 पुलिस वाले और पीसीआर तैनात थी। पुलिस टीम को आदेश है कि कोई यहां से निकले नहीं। अंदर हाल ये था कि कोई एक-दूसरे से सटकर फर्श पर लेटा था तो कोई मोबाइल पर समय बिता रहा था। कुछ लोग बाहर पेड़ की छांव में झुंड में बैठे थे। जब इन्हें कैंप में ठहराया गया था, तभी थर्मो टेस्ट से टेंपरेचर चेक किया था। पंजोखरा गुरुद्वारे में सोमवार को करीब सवा सौ श्रमिकों को ठहराया गया था। मंगलवार को यहां 100 से भी कम दिखे। ये भी बार-बार पुलिस कर्मियों के आगे हाथ जोड़कर घर जाने देने की मिन्नत कर रहे थे। जैसे ही हमने फोटो खींची तक सभी हमारे सामने भी हाथ जोड़ लगे कि भइया, हमें घर छुड़वा दो। यहां भी निर्माणाधीन लंगर हॉल में इनके लिए दरी बिछाई हैं। कुछ ग्रामीण इस बात से नाराज दिखे कि इन लोगों को धर्मस्थल की बजाय कहीं और ठहराना चाहिए था। कुरुक्षेत्र में जाकर व्यवस्थाएं देखी तो हर कमरे में तीन से चार लोगों को ठहराया गया है। लेकिन लोग खुद ही सोशल डिस्टेंस को ताक पर रख देते हैं। लोग यहां खुद को कैद ही समझ रहे हैं। पंजाब से आगरा जा रहे 20 से ज्यादा लोगों का कहना था कि वे गेहूं कटाई के चलते गांव जा रहे थे लेकिन प्रशासन ने उन्हें यहां पटक दिया। शाहाबाद में अधिकांश मजदूर अपने घर जल्दी से जल्दी जाना चाहते हैं। देवी मंदिर धर्मशाला में कुछ लोग ताश खेलकर टाइम पास करते नजर आए। एक स्थान पर ताश खेलते हुए जहां 7-8 लोग इकट्ठा हुए। कैथल में दिल्ली व पंजाब से अपने प्रदेश लौटने के लिए निकले प्रवासी मजदूरों के जिले में 28 अस्थाई शेल्टर होम बनाए गए हैं। यमुनानगर में टीम ने तीन रिलीफ कैंपों का दौरा कर वहां के हालात जाने। यहां पर एक से दो मीटर की दूरी पर प्रवासियों के बिस्तर लगाए गए हैं।

रेवाड़ी जोन : थोड़ा सुधार तो हुआ, लेकिन स्थिति अब भी ज्यादा अच्छी नहीं

धारुहेड़ा | कापड़ीवास स्कूल में बने सेल्टर होम में सोशल डिस्टेंस में प्रवासी मजदूर।

रेवाड़ी में पलायन कर रहे प्रवासी श्रमिकों को आश्रय देकर रोकने के लिए बनाए अस्थाई शेल्टर होम में एक दिन की अव्यवस्था के बाद सुधार नजर आया। सोशल डिस्टेंस की पालना के लिए अधिकारियों की ड्यूटी तय कर दी गई है। धारूहेड़ा के मालपुरा में ग्राम पंचायत की देखरेख में बने शेल्टर होम को प्रशासन ने बंद कर दिया है। सोमवार को यहां 14 ऐसे लोग मिले थे, जिनके हाथों पर क्वारेंटाइन की मुहर लगी थी। शेल्टर में रुके 36 लोगों को धारूहेड़ा शेल्टर में शिफ्ट कर दिया गया। नारनौल नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में सोमवार भर्ती किए गए कोरोना संदिग्ध 2 मरीजों के जांच के लिए पीजीआई रोहतक भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। रेवाड़ी में विभिन्न जिलों और राजस्थान क्षेत्र में रह रहे ये लोग उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश के लिए पैदल ही चल रहे थे। अब पुलिस प्रशासन इन्हें बॉर्डर पार नहीं करने दे रहा, बल्कि शेल्टर होम में भेजा जा रहा है। हर चौक पर पुलिस टीम लोगों को समझा कर वापस कर रही है कहीं कहीं चालान भी कर रही है। वहीं, नारनौल कोरोना संदिग्ध 2 मरीजों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने से स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन ने राहत की सांस ली है, परंतु दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में हरियाणा से शामिल हुए 22 लोगों और फरवरी माह के दूसरे पखवाड़े में दिल्ली के जिला महेंद्रगढ़ में आए इस संस्था के कुछ लोगों ने ज़रुर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन 22 लोगों में से जिला महेंद्रगढ़ का कोई व्यक्ति मौजूद रहा या नहीं, परंतु दिल्ली के मरकज में शामिल हुए जमात के अनेक लोगों में कोरोना के वायरस मिलने और कुछ की तेलंगाना में मौत हो जाने के समाचार के बाद गुप्तचर विभाग ने इस बात की तलाश शुरु कर दी है कि वो लोग किन-किन से और कहां-कहां जाकर मिले। मंगलवार साउथ रेंज रेवाड़ी के एडीसीजी डॉ आरसी मिश्रा, जिले के सरकार की ओर से नोडल अधिकारी लगाए गए पर्यटन विभाग के एमडी विकास यादव, डीसी जगदीश शर्मा ने नारनौल व अटेली में राहत केंद्रों का जायजा लिया। 

रोहतक जोन :  बीमार मजदूरों को इलाज की और उनके बच्चों को है दूध की जरूरत

राेहतक | दयानंद मठ में बनाए शेल्टर हाेम में गद‌्दाें पर साेते प्रवासी लाेग।

प्रवासी श्रमिकोें का पलायन रोकने के लिए प्रशासन की ओर से 43 जगह शेल्टर होम बनाकर वहां पर श्रमिकों को ठहराने का प्रबंध किया गया है। इनमें से 4 जगह श्रमिकों को आसरा मिला है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि यहां पर सभी तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। मजदूरों के लिए खाने का इंतजाम किया जा रहा है, लेकिन कई मजदूरों को इलाज की जरूरत है। पलायन के दौरान कई किलोमीटर पैदल चलकर आए कई लोग बीमार हैं। वहीं, छोटे बच्चों के लिए दूध का प्रबंध जरूरी है। गोहाना रोड पर स्थित दयानंद मठ में स्थित हॉल को शेल्टर होम बनाया गया है। यहां पर लगभग 135 प्रवासी श्रमिक हैं। यूपी के शाहजहांपुर निवासी श्रीराम, राहुल, जयपाल ने बताया कि काफी किलोमीटर चलने के बाद वो बीमार हैं। अभी उन्हें पूरा इलाज नहीं मिला है। काशी बाई व राम देवी ने बताया कि उनके दूधमुंहे बच्चों के लिए दूध की जरूरत है। मच्छर सोने नहीं दे रहे। जींद रोड पुल के पास स्थित श्री पिंजरापोल गोशाला में भिवानी से पैदल यूपी के झांसी अपने घर जा रहे मजदूर परिवारों के 11 सदस्य रुके हैं। यहां ठहरे दयाराम, खुन्नीलाल, भगवान दास ने बताया कि प्रशासन की ओर से जारी किए गए नंबर पर दिनभर फोन करने के बाद भी शाम साढ़े 5 बजे तक खाना नहीं मिला। दो छोटे बच्चे हैं उनके लिए दूध तक का इंतजाम नहीं हो पाया। गोहाना रोड स्थित शिव पंजाबी धर्मशाला में गैर प्रांतों के 38 प्रवासी मजदूरों को रखा गया है। अर्जुन, सतीश आदि ने बताया कि शेल्टर होम की व्यवस्था ठीक है। गोकर्ण स्थित गौड़ स्कूल में शेल्टर होम में श्रमिक व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे। 

पानीपत जोन :  प्रवासी मजदूरों को सिर्फ एक ही चिंता हम अपने घर कब जा पाएंगे

पानीपत| एसडी स्कूल में बने हाेल शेल्टर के हाॅल में एक दूसरे से चिपककर माेबाइल में मूवी देखते युवक।

पानीपत जिला प्रशासन ने बेघर व बेसहारा लाेगाें काे अासरा देने के लिए शहर में 6 राहत हाेम शेल्टर बनाए हैं। जीटी राेड स्थित एसडी सीनियर सेकंडरी स्कूल परिसर में पेड़ाें के बाहर स्वास्थ्य विभाग की टीम युवाअाें काे बारी-बारी बुलाकर समझा रही थी कि खुद की जिंदगी प्यारी है ताे एक दूसरे से दूरी बनाकर रखना बहुत जरूरी है। साेशल डिस्टेंसिंग का यह पाठ पढ़ने के बाद भी युवक किसी भी प्रकार से मानने काे तैयार नहीं है। जिन्हाेंने यह सीख ली, वे ही हाल में जाकर एक दूसरे से चिपककर माेबाइल फाेन में मूवी देखते रहे। जीटी राेड स्थित पैटुनिया ग्रीन गार्डन में भी युवक चप्पल व जूताें की लाइन बनाकर कबड्डी मैच खेल रहे थे। जींद प्रशासन द्वारा प्रवासी मजदूरों व अन्य लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों में काफी संख्या में लोग ठहरे हुए हैं। इन राहत शिविरों में प्रशासन द्वारा खाने-पीने से लेकर नहाने-धोने, दवा आदि की पर्याप्त व्यवस्था की हुई है। मजदूरों को सिर्फ एक ही चिंता सता रही है कि वे आखिर घर कब पहुंच पाएंगे। करनाल में कोरोना प्रकोप के बीच हरियाणा से पलायन कर रहे प्रवासी परिवारों को रखने के लिए चार शेल्टर होम बनाए गए है। सोमवार की रात से शुरू हुए इस शेल्टर होम में डेढ़ सौ से अधिक महिला पुरुष व बच्चे ठहराए गए है। शेल्टर होम में रुके प्रवासी परिवारों के कुछ बच्चे सत्संग भवन के पार्क में खेलते नजर आए। इस खेल में एक बच्चा आंखों पर पट्टी बांधकर बच्चो को पकड़ने की कोशिश करता है। 

हिसार जोन :  मजदूरों में नहीं दिखी दूरियां, व्यवस्था में भी मिली कई खामियां

हिसार | ब्राह्मण धर्मशाला में डिस्टेंस का नहीं हो रहा पालन।

प्रशासन की तरफ से प्रवासियाें के लिए हिसार में 13 शेल्टर हाेम ताे बना दिए। मगर जानकारी के अभाव में अभी तक मात्र तीन शेल्टर हाउस में ही मजदूर पंहुचे हैं। ऋषि नगर के रैन बसेरे में ठहरी महिला ने बताया कि उन्हें खाना ताे उपलब्ध कराया जा रहा है। मगर सेनिटाइजर नहीं है। यहां पर करीब 13 मजदूरा ठहरे हैं। इसमें 4 छाेटे बच्चे व 9 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा हिसार की ब्राह्मण धर्मशाला में कुल 73 मजदूराें काे ठहराया गया है। जिसमें 71 पुरुष व 2 महिलाएं हैं। दिल्ली के मजदूर साहिल ने बताया कि उन्हें सिर्फ मास्क ही उपलब्ध कराया गया है। सेनिटाइजर की यहां काेई व्यवस्था नहीं है। यहां पर मजदूरों में डिस्टेंस भी दिखाई नहीं दिया। इसके अलावा शाैर्य पैलेस कैंट हिसार में भी ठहराए गए 143 मजदूराें के लिए सेनिटाइजर की व्यवस्था नहीं की गई थी। हालांकि यहां पर मजदूराें के बीच डिस्टेंस दिखाई दिया। इसके अलावा आईटीआई जिंदल चाैक, विश्वकर्मा धर्मशाला, राजकीय कन्या महाविद्यालय बरवाला चुंगी , सिरसा राेड स्थित इम्पीरियम हाेटल राधा स्वामी आश्रम सिरसा राेड पर शेल्टर हाेम ताे बना दिए, मगर यहां पर एक भी मजदूर अभी तक नहीं पहुंचा है। हालांकि डीसी डा. प्रियंका साेनी ने शेल्टर हाेम पर मजदूराें काे किसी भी तरह की परेशानी नहीं हाेने के निर्देश दिए हुए हैं। सभी शेल्टर हाेम के बाहर छह से सात पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

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