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  • Health Department Has Informed About Update Beds On Portals, Told There Are 505 Oxygen Beds And 406 Non oxygen Beds.

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खबर का असर:स्वास्थ्य विभाग ने पाेर्टल पर डाली अपडेट बिस्तराें की जानकारी, बताया- 505 ऑक्सीजन बेड और 406 नाॅन ऑक्सीजन बेड हैं

पानीपत13 दिन पहले
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पानीपत. पोर्टल पर दी गई स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी। - Dainik Bhaskar
पानीपत. पोर्टल पर दी गई स्वास्थ्य विभाग द्वारा जानकारी।
  • पहले नाॅन ऑक्सीजन और ऑक्सीजन का काेई ऑप्शन ही नहीं था, पहले एनसी में 524 बेड दिखाए थे, अब 424 दिखाए, इसमें 142 ऑक्सीजन बेड

काेराेना के बढ़ते केसाें के बीच मरीजाें काे सरकार के ऑनलाइन पाेर्टल पर गलत जानकारी मिलने से परेशानी हाे रही थी, जिसमें लाेगाें काे नाॅन ऑक्सीजन या ऑक्सीजन बेडाें की सही जानकारी नहीं मिल रही थी।

इस मुद्दे काे दैनिक भास्कर ने 1 मई काे अपने अंक में प्रकाशित किया था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए पाेर्टल के आंकड़े काे ठीक किया है। अब विभाग ने नाॅन ऑक्सीजन या ऑक्सीजन बेडाें की संख्या, आईसीयू और वेंटिलेटराें की सही संख्या जारी की हैं।

इसमें दिखाया गया है कि जिले में कुल 1040 बिस्तराें की व्यवस्था हैं। इसमें 505 ऑक्सीजन बेड,406 नाॅन ऑक्सीजन बेड, 129 आईसीयू बेड हैं। वहीं 37 वेंटिलेटराें की व्यवस्था भी पानीपत में हैं। पहले एनसी में 524 बेड दिखाए गए थे, अब 424 दिखाए, इसमें 142 ऑक्सीजन बेड हैं। जबकि तीन दिन पहले कुल 998 बेड दिखाए जा रहे थे। इसमें 657 खाली भी दिखाए गए थे। इसमें बेडाें की अलग-अलग कैटेगरी भी नहीं थी।

हेल्प सेंटर बनाए विभाग, ताकि लाेगों काे बेड व ऑक्सीजन की जानकारी मिले

विभाग एक हेल्प सेंटर बना सकता हैं। जहां एक या दाे कर्मचारी ड्यूटी लगाए। दाे या तीन हेल्पलाइन नंबर जारी करें, ताकि लाेग वहां फाेन कर पूछ सकें कि इस समय उनकाे कहां बेड मिल सकता है। हेल्प सेंटर में बैठे कर्मचारी सहीं डेटा लेकर ही लाेगाें की मदद कर सकते हैं।

कर्मचारी जरूरतमंद काे बताए कि इस समय उसे किस अस्पताल में बेड मिल सकता है। वहीं, घराें में हाेम आइसालेट मरीजाें काे ऑक्सीजन रिफिल करवाने में परेशानी आ रही है, उसके लिए भी हेल्पलाइन नंबर जारी होने चाहिए।

पाेर्टल पर आंकड़ाें काे ठीक कर दिया गया है

सीएमओ डाॅ. संजीव ग्राेवर ने पहले आंकड़ाें सही थे, लेकिन नाॅन ऑक्सीजन और ऑक्सीजन बेड की सही जानकारी न हाेने के कारण लाेगाें काे परेशानी हाे रही थी, अब वाे ठीक कर दी है। जिले में कुल 1040 बिस्तर हैं, इसमें 505 ऑक्सीजन बेड हैं और 406 नाॅन ऑक्सीजन हैं। 129 आईसीयू बेड हैं, इनमें 37 वेंटिलेटराें की सुविधा भी हैं।

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