छात्रों ने पीएम मोदी के नाम लिखा पोस्टकार्ड:मैं 2047 में एक ऐसे भारत की कल्पना करता हूं, जिसमें आर्थिक संपन्नता हो, हमारा जीवन समृद्ध

पानीपतएक महीने पहले
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पानीपत. डाक विभाग द्वारा जारी किया गया पोस्टकार्ड। - Dainik Bhaskar
पानीपत. डाक विभाग द्वारा जारी किया गया पोस्टकार्ड।

मैं 2047 में एक ऐसे भारत की कल्पना करता हूं जिसमें आर्थिक संपन्नता हो, हमारा जीवन समृद्ध हो और हम टैक्नोलॉजी में विश्वभर में नंबर बन जाए। यह विचार एसडीवीएम सीनियर विंग में 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र देवांश कपूर के हैं। यही विचार वे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत चलाए जा रहे पोस्टकार्ड अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी तक भेज रहे हैं। वहीं, इसी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा बियांका की नजर में सामाजिक बुराइयां नहीं हाेनी चाहिए। उनकि कल्पना है कि भारत को भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोजगारी, को दूर करना चाहिए।

बच्चों की नजर में भारत जानने को डाक विभाग ने स्कूलाें में भिजवाए 36000 पाेस्टकार्ड

विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी स्वतंत्रता के गुमनाम नायक और 2047 में मेरे सपनों का भारत विषय पर अपने विचार लिखकर प्रधानमंत्री को भेज रहे हैं। यह पोस्ट कार्ड हिंदी और अंग्रेजी में लिखे जा रहे हैं। इसमें कक्षा 4 से 12 तक के छात्र-छात्राओं काे शामिल किया है। वर्तमान के इस डिजिटल व इंटरनेट के युग में पोस्टकार्ड लिखकर छात्राओं ने एक नया अनुभव लिया।

डाक विभाग ने जिले के विभिन्न निजी व सरकारी स्कूलाें में 36000 पोस्टकार्ड भिजवाए हैं। इन पोस्टकार्ड पर छात्र-छात्राएं 2 विषयाें पर अपने विचार लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी काे भेेजेंगे। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत ये पोस्टकार्ड डाक विभाग ने विशेष रूप से प्रिंट करके तैयार करवाए हैं। ज्यादातर स्कूलाें में विद्यार्थियाें काे 15 दिसंबर तक का समय दिया गया है कि वे अपने-अपने पोस्टकार्ड पर अपनी ही सूझबूझ से विचाराें काे प्रकट करें।

विद्यार्थियों को इन 2 विषयाें पर देने हैं विचार

1) देश काे आजादी दिलाने के लिए चले विभिन्न महासंग्रामाें में शहीद हुए स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत पर विचार प्रकट करने हैं।

2) 2047 में मेरे सपनाें का भारत कैसा हाेगा।

चाैथी से 12वीं तक के विद्यार्थी किए शामिल

डाक विभाग ने पोस्टकार्ड पर जाे विचार मांगे हैं, वह चाैथी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियाें काे प्रकट करने हैं। कम से कम श़ब्दाें में बहुत ही सरल भाषा में विचाराें काे समझाना है। सभी स्कूलाें काे ये पोस्टकार्ड 20 दिसंबर तक डाक विभाग के कार्यालय वापस जमा करवाने हैं। उसके बाद डाक विभाग सभी पोस्टकार्ड पीएमओ कार्यालय में भेज देगा।

मोबाइल के युग में विद्यार्थी जानेंगे पोस्टकार्ड

मोबाइल युग से पहले पोस्टकार्ड का युग था और इसी से सूचनाओं का आदान-प्रदान होता था। वर्तमान में मोबाइल के बढ़ते चलन के बाद पोस्टकार्ड का महत्व कम हुआ है। ऐसे में इस अभियान में लिखे जा रहे पोस्टकार्ड से स्कूली विद्यार्थी पोस्टकार्ड को समझने के साथ इसका महत्व भी समझेंगे।

-नरेश धीमान, पाेस्टमास्टर, डाक विभाग पानीपत।

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