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गुमशुदगी का मामला:चकमा देने को रिश्तेदार ने गुमशुदगी दर्ज कराई तो पता लगा दिल्ली में रह रहे

पानीपत2 महीने पहले
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  • फ्रॉड: ज्वेलर्स के दाे लाख के गहने और 30 हजार रुपए लेकर सुनार पिता-पुत्र फरार
  • सुनार का काम करते थे पिता-पुत्र, कई ज्वेलर्स के गहने ले गए

सर्राफा बाजार के कई ज्वेलर्स के गहने और रुपए लेकर सुनार पिता-पुत्र शहर छाेड़कर भाग गए। लाेगाें काे चकमा देने के लिए एक रिश्तेदार ने उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। जब एक पीड़ित ने पुलिस काे शिकायत दी ताे जांच में पाेल खुल गई। पता चला कि काेई गुम नहीं हुआ। लाेगाें काे ठगकर आराेपी पिता-पुत्र दिल्ली में छिपकर रह रहे हैं। जांच के बाद सिटी थाना पुलिस ने दाेनाें के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया है।

सेक्टर-6 निवासी अमित वर्मा पुत्र विरेंद्र सिंह ने 2 मार्च काे डीजीपी काे शिकायत दी कि उसकी हलवाई हट्टा पर ज्वेलरी शाॅप है। बाजार में दुकानदार प्रवीन वर्मा, उसके जीजा अरुण व अरुण के भाई नरेश से आभूषण का लेनदेन चलता था। 10 अगस्त 2020 काे तीनाें उसकी दुकान पर आए। किसी ग्राहक काे दिखाने के लिए दाे लाख रुपए कीमत के 40 ग्राम साेने के कुंडल और साेने की बुकिंग के लिए 30 हजार रुपए ले लिए। उसने प्रवीन काे कुंडल व कैश दिया।

5 सितंबर 2020 काे वह रुपए व कुंडल लेने के लिए प्रवीन की दुकान पर गया ताे उसकी दुकान बंद थी। फाेन नंबर स्विच ऑफ था। तब वह प्रवीन के घर किला हलवाई हट्टा पर गया ताे वहां भी ताला लगा मिला। प्रवीन की दुकान के अासपास लाेगाें से पूछा ताे पता चला कि वह परिवार के साथ बाजार के कई दुकानदाराें से गहने व रुपए ठगकर भाग गया। अरुण व नरेश की दुकान पर जाकर प्रवीन के बारे में पूछा ताे उन्हाेंने कुछ नहीं बताया। तब उसने शिकायत की।

जीजा के भाई ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

13 सितंबर 2020 काे नरेश कुमार ने सिटी थाना में शिकायत दी कि उसके रिश्तेदार जयपाल वर्मा (58), उसकी पत्नी विद्या वर्मा (52), उनका बेटा प्रवीण वर्मा (33), प्रवीण की पत्नी ज्याेति (30), गाैरव वर्मा (25), दिव्यम (7) 5 सितंबर 2020 काे बिना बताए चले गए। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी। अमित वर्मा ने ठगी की शिकायत दी ताे सिटी थाना एसएचओ दीपक कुमार ने जांच की।

जांच में सामने आया कि आराेपी जयपाल वर्मा और उसके बेटे प्रवीण ने सर्राफा बाजार के व्यापारियाें काे विश्वास में लेकर ठगी की नियत से रुपए व साेना ले लिया और शहर छाेड़कर भाग गए। रिश्तेदार ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन पूरा परिवार दिल्ली में छिपकर रह रहा है। एसएचओ ने केस दर्ज करने की अनुसंषा की तब अफसराें के आदेश पर केस दर्ज किया गया।

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