सीवर लाइन डालने का कार्य 6 माह से बंद:महाग्राम योजना पर लगे महाब्रेक ने कोहंड को किया बदहाल

घराैंडा2 महीने पहले
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घरौंडा. पाइप डालने के बाद बिना रिपेयर के छोड़ी गली नाले में बदली। - Dainik Bhaskar
घरौंडा. पाइप डालने के बाद बिना रिपेयर के छोड़ी गली नाले में बदली।
  • सीवर पाइप डालने के लिए गांव की जिन गलियों को उखाड़ा गया था, वो गलियां अब नाले में बदल गई हैं

करोड़ों रुपए की महाग्राम योजना पर लगे महाब्रेक ने कोहंड गांव को बदहाल कर दिया है। महाग्राम योजना के तहत गांव में शुरू हुआ सीवर लाईन डालने का कार्य बीते छह महीनों से बंद है। सीवर पाईप डालने के लिए गांव की जिन गलियों को उखाड़ा गया था, वे गलियां अब नाले में बदल गई हैं। डेढ़ साल में पूरी होने वाली इस योजना का फिलहाल तक मात्र दस फीसदी काम हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि काम को अधूरा छोड़कर ठेकेदार गायब है और विभाग भी योजना की सुध नहीं ले रहा। महाग्राम योजना में शामिल हुए कोहंड गांव में पेयजल व सीवर की सुविधा देने के लिए 6 करोड़ 10 लाख की योजना बनाई गई। सितंबर 2020 में गांव में भूमिगत वाटर सप्लाई व सीवर लाईन डालने का कार्य शुरू हुआ था। एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद भी योजना पर महज दस फीसदी काम हुआ है, जबकि महाग्राम योजना का कार्य डेढ़ वर्ष में पूरा होना था। ठेकेदार ने सीवर लाईन डालने के लिए गांव की दर्जनों गलियों को उखाड़ कर सीवर पाईप डाल दी लेकिन बाद में गलियों को ठीक नहीं किया। ग्रामीण सेठपाल, महेंद्र, रमेश व अन्य ने बताया कि सीवर लाईन डालने और मेनहोल बनाने में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। लोगों ने शिकायत की तो ठेकेदार काम बंद करके चला गया। बीते छह महीनों से गांेव में पेयजल व सीवर लाईन का काम बंद पड़ा हुआ है। सीवर लाईन के लिए खोदी गई गांव की गलियां नाले में बदल रही है। कई स्थानों में नए बनाए गए मेनहोल खिसक रहे है और गलियों की ईंटे धंस चुकी है। गलियों में लगी हजारों इंटरलॉकिंग टाईलें गायब : सीवर लाईन डालने उखाड़ी गई गलियां समय पर रिपेयर नहीं होने की वजह से बदहाल हो चुकी हैं। खुदाई के समय गलियों से निकली हजारों इंटरलॉकिंग टाईलें गायब हैं, जिस वजह से गलियों में गड्ढे बनते जा रहे है। गलियों की बदहाल स्थिति से गांव में गंदगी बढ़ गई है और लोगो को आवागमन में दिक्कतें आ रही है। गांव की निवर्तमान सरपंच सतपाल ने बताया कि सीवर खुदाई के दौरान जो टाईलें निकली थी वे चोरी हो गई हैं। सतपाल ने कहा कि उनका कार्यकाल बीते फरवरी महीने तक था । ठेकेदार का जिम्मा बनता है टाईलों की संभाल करना और गलियों को ठीक करना।

तय सीमा में होगा काम पूरा : एसडीओ
महाग्राम योजना के तहत कोहंड गांव में 6 करोड़ 10 लाख की लागत से सीवरेज और वाटर सप्लाई का काम होना है। विभाग से पाईप लाईन मिलने में देरी के कारण योजना का काम डिले हुआ है। ठेकेदार जल्द ही काम शुरू करेगा और तय समय सीमा में कार्य पूरा होगा। उखाड़ी गई गलियों को ठीक करना ठेकेदार की जिम्मेवारी है, सीवर के बाद पेयजल पाईप लाईन डाली जाएगी उसके बाद गलियों की रिपेयर होगी।
-रविंद्र सैनी, एसडीओ पब्लिक हेल्थ घरौंडा।

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